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पहले भी हो चुकी है मारपीट और हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया।
Updated Sun, 13 Sep 2015 12:19 AM IST
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जिला अस्पताल के सामने स्थित निजी अस्पताल में पहले भी मारपीट और हंगामा हो चुका है। इसके बाद भी सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों की मिलीभगत से निजी अस्पतालों का धंधा फल फूल रहा है।
जिला प्रशासन अगर पहले ही सजग हो जाता तो शुक्रवार देर शाम नीलम के नवजात शिशु की मौत नहीं होती। ऐसा नहीं कि यह कोई पहला मामला हो। इस अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही से कई बच्चों व महिलाओं की जानें जा चुकी हैं।
नीलम के बच्चे की मौत के बाद जिला अस्पताल में तैनात आशा वर्मा के ऊपर प्रसूता को अस्पताल से भगाने का आरोप लगाया है। साथ ही नीलम के परिजनों ने अभद्रता का आरोप भी लगाया।
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जिला अस्पताल में भी हुआ हंगामा - औरैया। एक ओर जहां नवजात शिशु की मौत होने पर गोविंद हास्पिटल में हंगामा हो रहा था। वहीं जिला अस्पताल में सहार क्षेत्र के आई प्रसब पीड़िता के परिजनों ने जिला अस्पताल में भी हंगामा किया। स्टाफ नर्स आशा वर्मा पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। वहीं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वर्मा ने स्टाफ नर्स को फटकार लगाई।
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जिला प्रशासन अगर पहले ही सजग हो जाता तो शुक्रवार देर शाम नीलम के नवजात शिशु की मौत नहीं होती। ऐसा नहीं कि यह कोई पहला मामला हो। इस अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही से कई बच्चों व महिलाओं की जानें जा चुकी हैं।
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नीलम के बच्चे की मौत के बाद जिला अस्पताल में तैनात आशा वर्मा के ऊपर प्रसूता को अस्पताल से भगाने का आरोप लगाया है। साथ ही नीलम के परिजनों ने अभद्रता का आरोप भी लगाया।
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जिला अस्पताल में भी हुआ हंगामा - औरैया। एक ओर जहां नवजात शिशु की मौत होने पर गोविंद हास्पिटल में हंगामा हो रहा था। वहीं जिला अस्पताल में सहार क्षेत्र के आई प्रसब पीड़िता के परिजनों ने जिला अस्पताल में भी हंगामा किया। स्टाफ नर्स आशा वर्मा पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। वहीं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वर्मा ने स्टाफ नर्स को फटकार लगाई।