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Auraiya News: ऑपरेशन कायाकल्प के बाद भी नहीं बदली स्कूलों की सूरत

Sun, 09 Jul 2023 12:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sun, 09 Jul 2023 12:53 AM IST
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The face of the schools has not changed even after Operation Kayakalp
बिधूना/रुरुगंज। बाहर से रंगा-पुता, अंदर से खस्ताहाल। कहीं सीलन तो कहीं उखड़ा प्लास्टर। कई दशक पुराने भवनों में संचालित हो रहे परिषदीय विद्यालयों की हालत ऑपरेशन कायाकल्प के बाद भी नहीं सुधर सकी है। आधे घंटे भी बारिश हो जाए तो शिक्षकों व बच्चों को खौफ सताने लगता है कि कहीं दीवार से प्लास्टर न गिर जाए। शहर से लेकर देहात तक के कई स्कूलाें के दशा एक जैसी है।
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परिषदीय स्कूलों का हाल बेहाल है। सरकार ने इनकी दशा सुधारने के लिए ऑपरेशन कायाल्प चलाया। जिसमें स्कूल के भवन, पेयजल, शौचालय, बाउंड्रीवाॅल समेत 19 बिंदुआें पर स्कूलों का जीर्णोद्धार कराना था। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले के सभी स्कूलों में कायाकल्प का काम पूरा हो चुका है। लेकिन किस स्तर पर काम हुआ, इसकी हकीकत पहली बारिश में ही सामने आ गई है। (संवाद)
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भवन जर्जर, घटी छात्र संख्या

बिधूना ब्लॉक के कुसमरा करीब 70 साल पहले पंचायत भवन भवन बना था। इसी प्रथमिक विद्यालय संचालित है। वर्ष 2009 में यहां एक कल कक्ष बना दिया गया। पहले के बने भवन जर्जर हो गए हैं। अब एकल कक्ष में ही कक्षा एक से पांच तक के बच्चे पढ़ रहे है। हालात यह है भवन जर्जर हाेने के कारण संख्या दिन पर दिन कम होती जा रही है। वहीं एक कक्ष भी टपक रहा है। पिछले वर्ष 512 छात्र छात्राएं पंजीकृत थे। बैठने की व्यवस्था न होने पर इस बार यह संख्या गिर कर 27 ही रह गई। स्कूल के प्रधानाध्यापक राजेश सिंह ने बताया पिछले वर्ष निरीक्षण के दौरान पुराने भवन में बच्चों को बैठने के बीईओ द्वारा मना किया गया था। एकल कक्ष में जगह कम है। बच्चों की संख्या भी कम हो गई है। ---
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मैदान में बैठाकर करानी पड़ रही पढ़ाई
अछल्दा ब्लॉक के ऐली स्थित प्राथमिक विद्यालय की छतें टपक रही हैं। बारिश होने पर बच्चों को खतरा बना रहता है। भवन जर्जर देख यहां के बच्चों को मैदान में बिठाकर शिक्षा दी जा रही है। स्कूल के प्रधानाध्यापक श्रीपति दुबे ने बताया कि भवन जर्जर होने व छत टपकने की जानकारी जिला स्तरीय अधिकारियों को दी गई है। पिछले कई वर्षों से समस्या चली आ रही है। इस सत्र में विद्यालय में 3 बच्चे पंजीकृत हुए हैं। स्कूल भवन की व्यवस्था को देखते हुए छात्र संख्या पर भी असर पड़ा है। वहीं बारिश होने पर शिक्षकों को भी समस्या बनी रहती है।

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बोले जिम्मेदार...
कुसमरा स्कूल एकल कक्ष चल रहा स्कूल के पास जगह की मांग प्रधान व लेखपाल की गई है। जगह मिलने के बाद स्कूल बनाने के कार्य कराया जाएगा। वहीं जिन स्कूलों में बारिश के दौरान छत टपकने की समस्या आ रही है। उस पर भी सुधार का काम कराया जा रहा है। - अवधेश सोनकर, बीईआे, बिधूना
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