फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   The death of the children dragged the mother eight kilometers away. Pata station is far away

Auraiya News: बच्चों की मौत खींच लाई मां को आठ किमी. दूर पाता स्टेशन

Thu, 03 Apr 2025 11:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:12 PM IST
विज्ञापन
The death of the children dragged the mother eight kilometers away. Pata station is far away
दिबियापुर (औरैया)। पाता स्टेशन के पूर्वी यार्ड के पास महिला ने अपने बच्चों को ट्रेन के आगे धकेलने के बाद स्वयं आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद से लोगों का कहना है कि अबोध मासूमों की मौत उसकी मानसिक बीमार मां को आठ किलोमीटर दूर खींच ले गई। वहां रात में उसके हाथों यह घटना हो गई। हादसे के बाद से महिला के परिजन सदमे में हैं।
विज्ञापन

मूलरूप से कानपुर देहात के गुलई निवासी मान सिंह सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हैं। वह 2012 से अपने परिवार के साथ दिबियापुर के राणानगर में रह रहे हैं। बुधवार शाम घर पर किसी के न होने के दौरान उनकी छोटी बहू नीतू (29) अपने बेटे लल्ला उर्फ प्रज्ज्वल, व बेटी दिव्यांशी के साथ किताबें खरीदने निकली थी। देर शाम दुकान से लौटे ससुर मान सिंह को बहू व बच्चे घर पर नहीं मिले तो उन्होंने बेटे राघवेंद्र को इसकी जानकारी देने के साथ खोजबीन शुरू की।
विज्ञापन

अछल्दा स्टेशन पर तैनात नीतू के जेठ मानवेंद्र सिंह को खोजबीन के दौरान रात 11:30 बजे पाता स्टेशन पर दो मासूमों की मौत होने व महिला के घायल होने की जानकारी मिली। पाता पहुंचकर मानवेंद्र ने मासूम के शवों की पहचान भतीजे लल्ला व भतीजी दिव्यांशी के रूप में की। अनहोनी पर पिता राघवेंद्र, दादी सरिता, चाचा नागेंद्र बिलखने लगे। राघवेंद्र ने बिलखते हुए कहा कि वह बेटी को अफसर बनाना चाहते थे। नए सत्र पर बेटी का यूकेजी में दाखिला हुआ था, पत्नी बेटी को किताबें दिलाने के लिए घर निकली थी। उसके सपने अब सिर्फ सपने रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों की मौत के बाद लोगों का कहना है कि मासूम बच्चों को तो अभी मोहल्ले की भी सभी सड़कों की जानकारी नहीं थी। बच्चों को काल उनकी मां नीतू के साथ घर से आठ किलोमीटर दूर पाता स्टेशन के पास तक खींच ले गया। वहीं, महिला के इस कदम को लेकर लोग तरह- तरह के कयास लगाते रहे। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव घर ले गए तो कोहराम मच गया। देर शाम को सहायल क्षेत्र के अरिंद नदी किनारे परिजनों ने मासूमों का अंतिम संस्कार किया।
------
हरि भजन ने बचाई मासूम आरुष की जान
-नीतू का बड़ा बेटा आरुष भी मानसिक रूप से कमजोर है। बुधवार शाम को वह अपनी दादी सरिता के साथ पड़ोसी के घर गया था। सरिता ने बताया कि नवरात्र के चलते पड़ोसी के घर पर धार्मिक अनुष्ठान व भजन-कीर्तन का आयोजन था। वह पौत्र आरुष को पड़ोसी के घर ले गई थी। हादसे में आरुष के बच जाने पर लोगों का कहना है कि हरि भजन ने आरुष की जान बचा ली। यदि वह अपनी दादी के साथ नहीं जाता तो उसकी भी ट्रेन से कटकर मौत हो सकती थी।
-----------
शाम पांच बजे एनटीपीसी के पास बंद हो गया था नीतू का फोन
-नीतू के ससुर मानसिंह ने बताया कि बहू मानसिक रूप से बीमार है। उसका कानपुर व कन्नौज से इलाज करवाया जा रहा है। कई बार वह बिना बताए घर से निकल जाती थी। कुछ समय पहले वह अपनी फुफेरी सास के घर रघुनाथपुर थाना ठठिया कन्नौज पहुंच चुकी है। बुधवार शाम को किताबें खरीदकर वापस न लौटने पर परिजन ने खोजबीन शुरू की थी। कुछ पता न चलने पर लखनऊ पुलिस कार्यालय में तैनात बड़े बेटे मानवेंद्र की साली से बहू के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करवाई। बहू की आखिरी लोकेशन एनटीपीसी के पास मिली। शाम पांच बजे उसका फोन यहीं स्विच ऑफ हो गया था।
-----------
पति को घर बुलवाकर खिलाया था खाना
-मासूम बच्चों की मौत पर बिलख रहे पिता राघवेंद्र ने बताया कि रोज की तरह बुधवार को भी वह नाश्ता करने के बाद दुकान चला गया था। दोपहर में पिता जी के दुकान पर आने के बाद भी वह घर नहीं पहुंचा तो पत्नी ने छोटे भाई नागेंद्र से फोन करवाकर घर बुलाया। खाना खिलाने के दौरान पत्नी ने बेटी के लिए किताबें खरीदने के लिए रुपये मांगे थे। वह किताबों के रुपये देकर दुकान चला गया था।

------------
महिला की हालत में सुधार, पूछताछ के बाद स्पष्ट हो सकेगी घटना की वजह
-नीतू ने बच्चों को ट्रेन के आगे धकेलने के बाद स्वयं आत्महत्या का प्रयास क्यों किया यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लोग महिला के मानसिक रूप से बीमार होने या अन्य कयास लगा रहे हैं। इधर, चिचौली मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान नीतू के स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुआ है। फफूंद जीआरपी चौकी प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि नीतू के स्वस्थ होने के बाद उससे घटना के संबंध में जानकारी की जाएगी। इसके बाद ही घटना की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed