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Auraiya News: दस साल चला मुकदमा, लोक अदालत में मिला छुटकारा

Sun, 10 May 2026 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sun, 10 May 2026 12:29 AM IST
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The case lasted for ten years, and was relieved in the Lok Adalat.
फोटो-33-फाइनेंस कंपनी के अधिकारी से बात करते जिला जज। स्रोत: अधिवक्ता
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औरैया। शहर स्थित कचहरी में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने दो ऐसे लोगों की समस्या का समाधान किया जो पिछले दस साल से बिजली चोरी के मुकदमे से परेशान थे। दोनों के द्वारा जुर्माना जमा करने के बाद कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
दिबियापुर कस्बा के फफूंद रोड निवासी विलोप कुमार व बिधूना के तिलकपुर सरमेड़ी निवासी रामाधार के खिलाफ साल 2016 में बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था। सालों से कोर्ट के चक्कर लगाकर वह परेशान थे। शनिवार को हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में उनकी समस्या का समाधान कर दिया। विलोप के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि विलोप पर लगाया गया जुर्माना 10984 रुपये जमा कर दिया गया।
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इसी प्रकार रामाधार के अधिवक्ता ने भी 11776 रुपये का जुर्माना जमा करने की दलील दी। बचाव पक्ष की दलील सुनने और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों को देखने के बाद दोनों को दोष मुक्त कर दिया। इसी प्रकार झूठी गवाही देने के मामले में पांच साल से परेशान एक व्यक्ति की समस्या का लोक अदालत में समाधान कर दिया गया। अजीतमल कोतवाली में साल 2021 में एक दहेज हत्या के मामले में मचकुंद गुर्जर आदि पर कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। इस मामले में अजीतमल निवासी अहिवरन पहले गवाह थे। दहेज हत्या के मामले में एक सितंबर 2025 को अपना निर्णय सुनाते हुए अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि साक्षी अहिवरन सिंह ने न्यायालय के समक्ष झूठा साक्ष्य प्रस्तुत किया था। इस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए अहिवरन को नोटिस जारी किया था।
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शनिवार को लोक अदालत में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने झूठी गवाही देने के मामले में एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मिथ्या साक्ष्य देने पर तीन माह की जेल या जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है, जिसे देखते हुए यह सजा न्यायोचित है। जुर्माना जमा करने के बाद गवाह की समस्या का समाधान कर दिया गया।

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एक ही दिन में 22071 मामलों का निस्तारण
औरैया। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज मयंक चौहान के नेतृत्व में 22071 वादों का निस्तारण कर दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज मयंक चौहान परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विवेक त्रिपाठी, पीठासीन अधिकारी रजनीश कुमार और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह भदौरिया ने दीप जलाकर किया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रोमा गुप्ता ने बताया कि इस बार लोक अदालत में न केवल वादों का निस्तारण हुआ, बल्कि बड़ी मात्रा में राजस्व की भी प्राप्ति हुई। 37965489 रुपये की ऋण वसूली की गई, जबकि पीठासीन अधिकारी रजनीश कुमार ने 78 क्लेम तय कर पीड़ितों को 78.90 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया।
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