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Auraiya News: शिक्षण संस्थान की चहारदीवारी बुलडोजर से तोड़ी, प्रशासन ने लिया कब्जा
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औरैया। दिबियापुर के औरैया रोड पर सेहुद ग्राम पंचायत की 10 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से फर्जी प्रविष्टि के जरिए काबिज हुए लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
गुरुवार को यहां सदर तहसील का अमला पुलिस बल व बुलडोजर के साथ पहुंचा। जनता महाविद्यालय की चहारदीवारी व गेट को तोड़ते हुए जमीन पर कब्जा किया। अब इन शिक्षण संस्थानों की मान्यता रद्द करने को लेकर यूनिवर्सिटी व डीआईओएस को तहसील प्रशासन की ओर से पत्राचार किया जा रहा है।
बिधूना के देवरांव निवासी चंद्रमणि बाजपेई ने साल 1971 में अपने नाम फर्जी प्रविष्टि के जरिए 10 एकड़ सरकारी जमीन सेहुद ग्राम पंचायत के मजरा देवराय का पुर्वा में कब्जा ली। इस पर बिल्डिंग खड़ी करते हुए जनता माध्यमिक विद्यालय व जनता महाविद्यालय समेत एक प्राइमरी स्कूल खोल दिया। जनता माध्यमिक विद्यालय के लिए अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय की मान्यता भी पा ली। फर्जी तरीके से हथियाई गई इस जमीन की शिकायत के बाद जांच हुई। रिपोर्ट के बाद सदर एसडीएम कोर्ट ने जमीन को खतौनी में दोबारा से ग्राम सभा के नाम दर्ज कराने के निर्देश दिए। मामले में बुधवार को क्षेत्रीय लेखपाल ने शिक्षण संस्थान की प्रबंधक मिथलेश कुमारी समेत फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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वहीं, मिले निर्देश के तहत तहसीलदार रणवीर सिंह मौके पर पहुंचे। बेदखली की कार्रवाई के लिए बुलडोजर से शिक्षण संस्थान की चहारदीवारी को ढहाया गया व मुख्य गेट को तोड़ा गया। इसके साथ ही पूरी जमीन को कब्जे में लिया गया। वहीं, अब इस कड़ी में तहसील प्रशासन की ओर से शिक्षण संस्थान की मान्यता रद्द करने को लेकर यूनिवर्सिटी व डीआईओएस को पत्राचार किया गया है। इसमें फर्जी सूचना के जरिए मान्यता लेने वाले लोगों व संलिप्त लोगों की जांच की मांग भी हुई है। इसके साथ ही यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को दूसरे शिक्षण संस्थानों से संबद्ध करने के लिए प्रक्रिया शुरू कराने की कवायद शुरू की गई है।
अवैध तरीके से सरकारी जमीन पर बने जनता महाविद्यालय की चहारदीवारी व गेट को तोड़ा गया है। खुली जमीन को कब्जे में लिया गया है। शिक्षण संस्थानों की मान्यता रद्द करने व संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच व कार्रवाई के लिए यूनिवर्सिटी व डीआईओएस को पत्राचार किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित न हो इसे देखते हुए उन्हें दूसरे शिक्षण संस्थान में संबद्ध करने की व्यवस्था की जाएगी। -रणवीर सिंह, तहसीलदार
जनता महाविद्यालय की बीए की तीनों कक्षाओं में 250 छात्र-छात्राएं हैं। बीएड में 80 छात्र हैं। जनता माध्यमिक विद्यालय में 500 छात्र-छात्राएं हैं। इन बच्चों को दूसरे शिक्षण संस्थानों से संबद्ध करने की व्यवस्था की जा रही है।
सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। सरकारी विभागों के लिए जरूरी जमीनों की डिमांड की भरपाई इससे की जाएगी। इसी की दिशा में यह कवायद चल रही है। -डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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गुरुवार को यहां सदर तहसील का अमला पुलिस बल व बुलडोजर के साथ पहुंचा। जनता महाविद्यालय की चहारदीवारी व गेट को तोड़ते हुए जमीन पर कब्जा किया। अब इन शिक्षण संस्थानों की मान्यता रद्द करने को लेकर यूनिवर्सिटी व डीआईओएस को तहसील प्रशासन की ओर से पत्राचार किया जा रहा है।
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बिधूना के देवरांव निवासी चंद्रमणि बाजपेई ने साल 1971 में अपने नाम फर्जी प्रविष्टि के जरिए 10 एकड़ सरकारी जमीन सेहुद ग्राम पंचायत के मजरा देवराय का पुर्वा में कब्जा ली। इस पर बिल्डिंग खड़ी करते हुए जनता माध्यमिक विद्यालय व जनता महाविद्यालय समेत एक प्राइमरी स्कूल खोल दिया। जनता माध्यमिक विद्यालय के लिए अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय की मान्यता भी पा ली। फर्जी तरीके से हथियाई गई इस जमीन की शिकायत के बाद जांच हुई। रिपोर्ट के बाद सदर एसडीएम कोर्ट ने जमीन को खतौनी में दोबारा से ग्राम सभा के नाम दर्ज कराने के निर्देश दिए। मामले में बुधवार को क्षेत्रीय लेखपाल ने शिक्षण संस्थान की प्रबंधक मिथलेश कुमारी समेत फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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वहीं, मिले निर्देश के तहत तहसीलदार रणवीर सिंह मौके पर पहुंचे। बेदखली की कार्रवाई के लिए बुलडोजर से शिक्षण संस्थान की चहारदीवारी को ढहाया गया व मुख्य गेट को तोड़ा गया। इसके साथ ही पूरी जमीन को कब्जे में लिया गया। वहीं, अब इस कड़ी में तहसील प्रशासन की ओर से शिक्षण संस्थान की मान्यता रद्द करने को लेकर यूनिवर्सिटी व डीआईओएस को पत्राचार किया गया है। इसमें फर्जी सूचना के जरिए मान्यता लेने वाले लोगों व संलिप्त लोगों की जांच की मांग भी हुई है। इसके साथ ही यहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को दूसरे शिक्षण संस्थानों से संबद्ध करने के लिए प्रक्रिया शुरू कराने की कवायद शुरू की गई है।
अवैध तरीके से सरकारी जमीन पर बने जनता महाविद्यालय की चहारदीवारी व गेट को तोड़ा गया है। खुली जमीन को कब्जे में लिया गया है। शिक्षण संस्थानों की मान्यता रद्द करने व संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच व कार्रवाई के लिए यूनिवर्सिटी व डीआईओएस को पत्राचार किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित न हो इसे देखते हुए उन्हें दूसरे शिक्षण संस्थान में संबद्ध करने की व्यवस्था की जाएगी। -रणवीर सिंह, तहसीलदार
जनता महाविद्यालय की बीए की तीनों कक्षाओं में 250 छात्र-छात्राएं हैं। बीएड में 80 छात्र हैं। जनता माध्यमिक विद्यालय में 500 छात्र-छात्राएं हैं। इन बच्चों को दूसरे शिक्षण संस्थानों से संबद्ध करने की व्यवस्था की जा रही है।
सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। सरकारी विभागों के लिए जरूरी जमीनों की डिमांड की भरपाई इससे की जाएगी। इसी की दिशा में यह कवायद चल रही है। -डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी