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दस मीटर रीडरों को नौकरी से निकाला
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Mon, 02 May 2016 11:41 PM IST
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बिजली परियोजना
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में बीते साल खुले करोड़ों रुपये के बिजली बिल घोटाले में कार्रवाई करते हुए टेरा कंपनी ने 10 मीटर रीडरों को नौकरी से निकाल दिया। मंडलीय टीम के अधिकारियों की ओर से की गई जांच में जुटाए गए तथ्यों की रिपोर्ट सौंपने के दो माह बाद टेरा कंपनी ने यह कदम उठाया है।
टेरा साफ्टवेयर कंपनी ने 10 प्राइवेट मीटर रीडरों को नौकरी से चलता कर दिया है। निकाले गए मीटर रीडरों के खिलाफ मंडलीय जांच टीम की ओर से करोड़ों रुपये के बिजली बिलों के घोटाले में संलिप्त होने के पुख्ता सबूत कंपनी को दिए थे। मजे की बात तो यह है कि मामले की जांच दो माह पहले मंडलीय टीम के जांच अधिकारियों की ओर से चीफ इंजीनियर कानपुर मंडल कानपुर को दी गई थी। लेकिन अभी तक उनकी ओर से किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिससे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने की आशंका प्रबल हो गई है। हालांकि इस घोटाले में जांच टीम सहित जिले के बिजली अधिकारियों की ओर से टेरा साफ्टवेयर कंपनी के मीटर रीडरों को संलिप्त बताकर कंपनी से उक्त मीटर रीडरों को तत्काल हटाए जाने की संस्तुति की गई थी। जिस पर कंपनी की ओर से अब कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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मामले में एक्सईएन पंकज शर्मा ने बताया कि टेरा साफ्टवेयर कंपनी को दो माह पहले ही घोटाले में शामिल मीटर रीडिरों की सूची दे दी गई थी। जिस पर कंपनी ने अब कार्रवाई की है। इस कार्रवाई को तभी हो जाना चाहिए था, लेकिन कंपनी की ओर से काफी देर के बाद यह कदम उठाया गया है। पूरे प्रकरण में यदि कंपनी की ओर से इस तरह का कदम न उठाया जाता तो टेरा साफ्टवेयर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो सकती थी।
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टेरा साफ्टवेयर कंपनी ने 10 प्राइवेट मीटर रीडरों को नौकरी से चलता कर दिया है। निकाले गए मीटर रीडरों के खिलाफ मंडलीय जांच टीम की ओर से करोड़ों रुपये के बिजली बिलों के घोटाले में संलिप्त होने के पुख्ता सबूत कंपनी को दिए थे। मजे की बात तो यह है कि मामले की जांच दो माह पहले मंडलीय टीम के जांच अधिकारियों की ओर से चीफ इंजीनियर कानपुर मंडल कानपुर को दी गई थी। लेकिन अभी तक उनकी ओर से किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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जिससे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने की आशंका प्रबल हो गई है। हालांकि इस घोटाले में जांच टीम सहित जिले के बिजली अधिकारियों की ओर से टेरा साफ्टवेयर कंपनी के मीटर रीडरों को संलिप्त बताकर कंपनी से उक्त मीटर रीडरों को तत्काल हटाए जाने की संस्तुति की गई थी। जिस पर कंपनी की ओर से अब कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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मामले में एक्सईएन पंकज शर्मा ने बताया कि टेरा साफ्टवेयर कंपनी को दो माह पहले ही घोटाले में शामिल मीटर रीडिरों की सूची दे दी गई थी। जिस पर कंपनी ने अब कार्रवाई की है। इस कार्रवाई को तभी हो जाना चाहिए था, लेकिन कंपनी की ओर से काफी देर के बाद यह कदम उठाया गया है। पूरे प्रकरण में यदि कंपनी की ओर से इस तरह का कदम न उठाया जाता तो टेरा साफ्टवेयर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो सकती थी।