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Auraiya News: अकीदत के साथ निकले ताजिए कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक
Sat, 27 Jun 2026 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 27 Jun 2026 12:21 AM IST
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फोटो -46- अछल्दा में ताजिया निकालते मुस्लिम समुदाय के लोग। संवाद
औरैया। मुहर्रम की 10वीं तारीख पर शुक्रवार को गमगीन माहौल में ताजिये निकाले गए। अकीदतमंदों ने इमाम चौक पर फातिहा कराई और या हुसैन के नारों के साथ इमाम हुसैन की शहादत को याद किया।
जुलूस इमाम चौक से शुरू होकर बजरिया, लेडीज मार्केट और होमगंज बाजार पहुंचा, जहां सभी ताजियों का मिलाप कराया गया। इसी तरह सहार, एरवाकटरा, अछल्दा, कुदरकोट, अयाना, अजीतमल समेत अन्य कस्बों में आयोजन हुए।
मातमी धुन के बीच जुलूस शुक्लन टोला, दिल्ली दरवाजा और गुरुहाई मोहल्ला होते हुए आगे बढ़ा। ताजिये संजय गेट से होकर जमाल शाह दरगाह स्थित कर्बला पहुंचे। जहां नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासनिक व पुलिस मौजूद रही। इसी तरह अयाना में ताजिये भ्रमण के बाद एकत्रित हुए।
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इसके अलावा अछल्दा कस्बा में जुलूस ढोल-ताशों और सुरक्षा के बीच निकाला गया। ताजियेदार सिर पर छोटी-छोटी ताजिया और हाथ में हरा झंडा लेकर चल रहे थे। ब्लॉक चौराहा से उठा जुलूस हरीगंज, सराय और स्टेशन बाजार होते हुए मुहब्बत शाह बाबा की मजार पहुंचा। जहां ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष अरूण कुमार रिंटू, मो. फिरोज, अख्तर अली, जमील खान, मुराद बख्श, अहसान, मुस्कीन, इब्ने अली और मुश्ताक मौजूद रहे। बिधूना कस्बे में ताजिया जुलूस निकाला गया। दोपहर करीब तीन बजे सब्जी मंडी स्थित इमाम चौक से शुरू हुए इस जुलूस में 12 ताजिये शामिल रहे।
जुलूस का मुख्य आकर्षण युवाओं के हाथों में लहराता तिरंगा था। जुलूस चंदरपुर तिराहा, पुराना बिधूना, मुख्य बाजार और दिबियापुर तिराहा से होते हुए भगत सिंह चौराहे पहुंचा। इसके बाद अंबेडकर नगर स्थित कर्बला में नम आंखों से ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए। युवाओं ने लाठी, तलवार और अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन किया।
पंचायती इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि आयोजन नई पीढ़ी को इमाम हुसैन के त्याग और मानवता के संदेश से जोड़ने के लिए किया जाता है। सुरक्षा के लिहाज से सीओ पी. पुनीत मिश्रा और कोतवाल विनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था तैनात रही।
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जुलूस इमाम चौक से शुरू होकर बजरिया, लेडीज मार्केट और होमगंज बाजार पहुंचा, जहां सभी ताजियों का मिलाप कराया गया। इसी तरह सहार, एरवाकटरा, अछल्दा, कुदरकोट, अयाना, अजीतमल समेत अन्य कस्बों में आयोजन हुए।
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मातमी धुन के बीच जुलूस शुक्लन टोला, दिल्ली दरवाजा और गुरुहाई मोहल्ला होते हुए आगे बढ़ा। ताजिये संजय गेट से होकर जमाल शाह दरगाह स्थित कर्बला पहुंचे। जहां नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासनिक व पुलिस मौजूद रही। इसी तरह अयाना में ताजिये भ्रमण के बाद एकत्रित हुए।
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इसके अलावा अछल्दा कस्बा में जुलूस ढोल-ताशों और सुरक्षा के बीच निकाला गया। ताजियेदार सिर पर छोटी-छोटी ताजिया और हाथ में हरा झंडा लेकर चल रहे थे। ब्लॉक चौराहा से उठा जुलूस हरीगंज, सराय और स्टेशन बाजार होते हुए मुहब्बत शाह बाबा की मजार पहुंचा। जहां ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष अरूण कुमार रिंटू, मो. फिरोज, अख्तर अली, जमील खान, मुराद बख्श, अहसान, मुस्कीन, इब्ने अली और मुश्ताक मौजूद रहे। बिधूना कस्बे में ताजिया जुलूस निकाला गया। दोपहर करीब तीन बजे सब्जी मंडी स्थित इमाम चौक से शुरू हुए इस जुलूस में 12 ताजिये शामिल रहे।
जुलूस का मुख्य आकर्षण युवाओं के हाथों में लहराता तिरंगा था। जुलूस चंदरपुर तिराहा, पुराना बिधूना, मुख्य बाजार और दिबियापुर तिराहा से होते हुए भगत सिंह चौराहे पहुंचा। इसके बाद अंबेडकर नगर स्थित कर्बला में नम आंखों से ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए। युवाओं ने लाठी, तलवार और अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन किया।
पंचायती इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि आयोजन नई पीढ़ी को इमाम हुसैन के त्याग और मानवता के संदेश से जोड़ने के लिए किया जाता है। सुरक्षा के लिहाज से सीओ पी. पुनीत मिश्रा और कोतवाल विनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था तैनात रही।

फोटो -46- अछल्दा में ताजिया निकालते मुस्लिम समुदाय के लोग। संवाद

फोटो -46- अछल्दा में ताजिया निकालते मुस्लिम समुदाय के लोग। संवाद