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Auraiya News: मुहर्रम पर ताजिया जुलूस निकाला
Sun, 06 Jul 2025 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 06 Jul 2025 11:51 PM IST
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मुहर्रम के जुलूस में तिरंगे के साथ शामिल ताजियेदार।
- फोटो : मुहर्रम के जुलूस में तिरंगे के साथ शामिल ताजियेदार।
बिधूना। मुहर्रम पर सब्जी मंडी स्थित इमाम चौक से रविवार दोपहर बाद ताजिया जुलूस उठा। जुलूस दिबियापुर रोड होते हुए कछपुरा व पुराना बिधूना पहुंचा। जुलूस में युवाओं ने मातम कर इमाम हुसैन को याद किया।
ताजिये नगर पंचायत कार्यालय से मुख्य बाजार होते हुए दुर्गा मंदिर तिराहे पर पहुंचे। यहां नई मस्जिद से निकलने वाले ताजिये भी शामिल हुए। इसके बाद जुलूस फीडर रोड, भगत सिंह चौराहे होते हुए कर्बला पहुंचा, देर शाम ताजिये दफनाए गए। जुलूस में युवाओं ने लाठी, तलवार व कांच की रॉड से हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।
इमाम मोहम्मद आजाद व मोहम्मद एजाज ने बताया कि ताजियों को कर्बला की जंग के शहीदों का प्रतीक माना जाता है। जुलूस में पूर्वजों की कुर्बानी की कहानियां सुनाई जाती हैं ताकि आज की पीढ़ी इसके महत्व को समझ सके। पंचायती इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ एवं अंजुमन ताजिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद अब्बास ने बताया कि मुहर्रम के दिन समुदाय के लोग ताजिया निकालकर मातम मनाते हैं।
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मोहम्मद मसीह अफगानी ने बताया कि मुहर्रम महीने का दसवां दिन सबसे खास माना जाता है। 10वीं तारीख को कर्बला की जंग में पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी।
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ताजिये नगर पंचायत कार्यालय से मुख्य बाजार होते हुए दुर्गा मंदिर तिराहे पर पहुंचे। यहां नई मस्जिद से निकलने वाले ताजिये भी शामिल हुए। इसके बाद जुलूस फीडर रोड, भगत सिंह चौराहे होते हुए कर्बला पहुंचा, देर शाम ताजिये दफनाए गए। जुलूस में युवाओं ने लाठी, तलवार व कांच की रॉड से हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।
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इमाम मोहम्मद आजाद व मोहम्मद एजाज ने बताया कि ताजियों को कर्बला की जंग के शहीदों का प्रतीक माना जाता है। जुलूस में पूर्वजों की कुर्बानी की कहानियां सुनाई जाती हैं ताकि आज की पीढ़ी इसके महत्व को समझ सके। पंचायती इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ एवं अंजुमन ताजिया कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद अब्बास ने बताया कि मुहर्रम के दिन समुदाय के लोग ताजिया निकालकर मातम मनाते हैं।
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मोहम्मद मसीह अफगानी ने बताया कि मुहर्रम महीने का दसवां दिन सबसे खास माना जाता है। 10वीं तारीख को कर्बला की जंग में पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी।