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धनुष की टंकार से दहली मिथिला नगरी
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया
Updated Fri, 21 Oct 2016 11:19 PM IST
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रामलीला में परशुराम-लक्ष्मण संवाद का दृश्य ।
- फोटो : अमर उजाला
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सहार में चल रही ऐतिहासिक रामलीला में गुुरुवार की रात धनुष भंग लीला का आयोजन किया गया। कलाकारों ने उत्कृष्ट मंचन से सभी का मन मोह लिया। परशुराम-लक्ष्मण संवाद देखने के लिए दर्शकों की भीड़ जुटी रही।
धनुष भंग लीला का शुभारंभ पूर्व विधायक शिव प्रसाद यादव ने भगवान राम की आरती कर किया। इसके बाद जनक दरबार का आयोजन किया गया। सीता स्वयंवर की लीला का मंचन हुआ। स्वयंवर में आए राजा धनुष नहीं उठा पाए। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान राम ने धनुष को तोेड़ दिया। धनुष के टूटने की टंकार से मिथिला नगरी दहल गई। धनुष टूटने से परशुराम क्रोधित हो गए। परशुराम के क्रोध को शांत करने के लिए लक्ष्मण आए तो उनकी बात सुनकर परशुराम का क्रोध सातवें आसमान पर पहुंच गया। देर रात तक परशुराम-लक्ष्मण संवाद चलता रहा।
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धनुष भंग लीला का शुभारंभ पूर्व विधायक शिव प्रसाद यादव ने भगवान राम की आरती कर किया। इसके बाद जनक दरबार का आयोजन किया गया। सीता स्वयंवर की लीला का मंचन हुआ। स्वयंवर में आए राजा धनुष नहीं उठा पाए। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान राम ने धनुष को तोेड़ दिया। धनुष के टूटने की टंकार से मिथिला नगरी दहल गई। धनुष टूटने से परशुराम क्रोधित हो गए। परशुराम के क्रोध को शांत करने के लिए लक्ष्मण आए तो उनकी बात सुनकर परशुराम का क्रोध सातवें आसमान पर पहुंच गया। देर रात तक परशुराम-लक्ष्मण संवाद चलता रहा।
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