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Auraiya News: केमिकल से भरे कमरे मे लगी आग, पांच लाख का नुकसान

Thu, 20 Apr 2023 12:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Thu, 20 Apr 2023 12:51 AM IST
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Stuck in a room full of chemicals

Fire, loss of five lakhs
दिबियापुर। नगर पंचायत दिबियापुर कार्यालय के कमरे में आग लग गई। कमरे में केमिकल से भरे पीपे, गत्ते व बोतलें रखीं थी। इससे दम घोंटू धुएं ने मुश्किलें और बढ़ा दीं। एनटीपीसी, गेल एवं जिले के फायर ब्रिगेड कर्मियों ने लगभग पौने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। धुएं के कारण नगर पंचायत एवं अग्निशमन कर्मी, पुलिस बल और आसपास के लोग परेशान रहे। आग से लगभग पांच लाख रुपये के सामान की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।
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बुधवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे नगर पंचायत कार्यालय में संचालित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में योग प्रशिक्षक शशिराज सेठ पहुंचे थे। पास में एक कमरे से धुंआ उठता देखा तो नगर पंचायत कर्मियों को उन्होंने जानकारी दी। सफाई कर्मी रामजी और पंप आपरेटर नवीन ने कमरे का ताला तोड़कर दरवाजा खोला, तभी आग भड़क गई और अंदर से केमिकल भरी बोतलों के टूटने की आवाज आने लगी। तेज धुंआ और आग का गुबार निकलकर दरवाजे से बाहर आया तो दोनों कर्मी जान बचाकर भाग खड़े हुए। सूचना पर दिबियापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ पहुंचे और यहां जुट रहे लोगों को नगर पंचायत कार्यालय से दूर रहने के लिए कहा।
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बाद में एनटीपीसी, गेल और जिला प्रशासन की कई फायर टैंक पहुंच गए। यहां पर पौने दो घंटे की मशक्कत के बाद लगभग सवा 11 बजे आग पर काबू पाया। इस दौरान जहरीले धुएं के कारण आसपास के लोग भी परेशान रहे। नगर पंचायत दिबियापुर के प्रशासक एवं एडीएम अब्दुल बासित एवं सीओ प्रदीप कुमार ने आग लगने के कारणों एवं हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।
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अधिशाषी अधिकारी विजय सक्सेना ने एडीएम को बताया कि अभी कमरे में जहरीला धुंआ फैला है। स्थिति सामान्य होने पर नुकसान का आकलन किया जाएगा। एडीएम अब्दुल बासित ने बताया कि अभी नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है। जल्द ही आकलन कर लिया जाएगा।


नगर पंचायत कर्मी बताते हैं कि वह तो भला हो कि सुबह के समय आग लगी। यदि आग रात में लगती तो नुकसान अत्यधिक हो सकता था। कर्मियों के अनुसार केमिकल वाले कमरे के ठीक पड़ोस के कमरे में 600 स्ट्रीट लाइटें रखीं हैं। इन स्ट्रीट लाइटों के संबंध में न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। जबकि कमरे के सामने ही आयुर्वेदिक चिकित्सालय भी संचालित होता है। उसमें लाखों रुपये की दवाइयां और सामान रखा है। जबकि लगभग 50 कदम की दूरी पर नगर पंचायत कार्यालय के सभी मुख्य दस्तावेज, कंप्यूटर आदि सामग्री रखी है। आग पर जल्दी काबू पाने से यह सभी सामान बच गया।



लोगों में चर्चा रही कि छह माह पूर्व सीएचसी में हुए अग्निकांड से भी नगर पंचायत प्रशासन ने कोई सीख नहीं ली। केमिकल को अलग बिल्डिंग में रखा जाना चाहिए था। जिस कमरे में आग लगी। उसमें फागिंग मशीन में प्रयोग होने वाला फांग किंग, मच्छरों आदि को भगाने में प्रयोग होने वाला मैलाथीन और ब्लीचिंग पाउडर था। इससे आग बुझाने में काफी परेशानी आई। वहीं अनुमान लगाया गया है कि केमिकल में रिसाव होने से आग लगी है। फिलहाल आग के कारणों का सही पता लगाया जा रहा है।
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