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Auraiya News: प्लास्टिक सिटी में प्रदेश का सबसे बड़ा वाहन स्क्रैब सेंटर बनना शुरू
Mon, 18 Dec 2023 12:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 18 Dec 2023 12:57 AM IST
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औरैया। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडी) की ओर से दिबियापुर के ककोर स्थित प्लास्टिक सिटी में प्रदेश का सबसे बड़ा वाहन स्क्रैब सेंटर बनना शुरू हो गया है। वर्ष 2012 से लंबित प्लास्टिक सिटी का सपना इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही साकार होने जा रहा है।
वर्ष 2012 में दिबियापुर के ककोर समीप पांच गांवों की 314 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया। 285 एकड़ के 286 भूखंडों की प्लास्टिक सिटी में उद्योगों की स्थापना होने का सपना देखा गया। इस प्रोजेक्ट में 89 एकड़ के 622 भूखंडों में आवासीय भवन बनना प्रस्तावित है। पिछले एक दशक से जिला प्रशासन से लेकर लखनऊ तक तमाम प्रयास किए गए। लेकिन एक भी कंपनी को यहां स्थापित नहीं कराया जा सका।
पिछले दिनों साइन हुए एमओयू के तहत रिस्टोर हेल्थ मेडीकेयर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से यहां स्क्रैब सेंटर संचालन के लिए 30 करोड़ का एमओयू साइन किया गया। कंपनी ने सक्रियता दिखाते हुए काम भी शुरू करा दिया है। औरैया अब स्क्रैब के मार्केट से भी पहचाना जाएगा। यहां कंडम वाहनों के निस्तारण का काम प्रदेश ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों दिल्ली, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश समेत राजस्थान के कंडम वाहन निस्तारित होंगे।
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एक दिन में 400 से ज्यादा वाहनों को निस्तारित किया जा सकेगा। जर्मनी व इटली से प्लांट को लेकर मशीनें मंगवाई गई हैं। जिन्हें कानपुर में रखा गया है। इन ऑटोमैटिक मशीनों के अलावा भारी मात्रा में कामगार समेत ट्रांसपोर्ट व स्क्रैपिंग के व्यवसाय इस कंपनी के साथ-साथ पनपेंगे। फिलहाल प्लास्टिक सिटी में 10 हजार वर्ग मीटर के दायरे में आवंटित जमीन पर कंपनी का भवन निर्माण शुरू हो गया है। दो माह में काम पूरा हो जाने की उम्मीद है।
कंपनी के सुपरवाइजर संदीप राजपूत ने बताया कि फरवरी माह तक स्क्रैप सेंटर को बनाने का काम पूरा करने का लक्ष्य मिला है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा स्क्रैप सेंटर होगा। जर्मनी व इटली से मंगवाई गई मशीनें कानपुर में रखी हुई हैं। वहीं स्क्रैब सेंटर के साथ अन्य भूखंडों के लिए हुए एमओयू साइन के तहत कंपनियों के यहां स्थापित होने की उम्मीद बढ़ जानी तय हैं।
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बोले जिम्मेदार-- -- --
फिलहाल स्क्रैब सेंटर को लेकर एक कंपनी ने प्लास्टिक सिटी में काम शुरू करा दिया गया है। अन्य आवंटित भूखंड के मालिकों से संवाद चल रहा है। जल्द ही प्लास्टिक सिटी को धरातल पर शुरू कराने का काम पूरा किया जाएगा।-अरविंद भास्कर, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र
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प्लास्टिक सिटी में कंपनियों का प्लांट लगवाना शुभ संकेत है। जिला प्रशासन की ओर से इसे लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खामियों को भी दूर कराने के काम शुरू कराए गए हैं।
-महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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वर्ष 2012 में दिबियापुर के ककोर समीप पांच गांवों की 314 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया। 285 एकड़ के 286 भूखंडों की प्लास्टिक सिटी में उद्योगों की स्थापना होने का सपना देखा गया। इस प्रोजेक्ट में 89 एकड़ के 622 भूखंडों में आवासीय भवन बनना प्रस्तावित है। पिछले एक दशक से जिला प्रशासन से लेकर लखनऊ तक तमाम प्रयास किए गए। लेकिन एक भी कंपनी को यहां स्थापित नहीं कराया जा सका।
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पिछले दिनों साइन हुए एमओयू के तहत रिस्टोर हेल्थ मेडीकेयर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से यहां स्क्रैब सेंटर संचालन के लिए 30 करोड़ का एमओयू साइन किया गया। कंपनी ने सक्रियता दिखाते हुए काम भी शुरू करा दिया है। औरैया अब स्क्रैब के मार्केट से भी पहचाना जाएगा। यहां कंडम वाहनों के निस्तारण का काम प्रदेश ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों दिल्ली, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश समेत राजस्थान के कंडम वाहन निस्तारित होंगे।
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एक दिन में 400 से ज्यादा वाहनों को निस्तारित किया जा सकेगा। जर्मनी व इटली से प्लांट को लेकर मशीनें मंगवाई गई हैं। जिन्हें कानपुर में रखा गया है। इन ऑटोमैटिक मशीनों के अलावा भारी मात्रा में कामगार समेत ट्रांसपोर्ट व स्क्रैपिंग के व्यवसाय इस कंपनी के साथ-साथ पनपेंगे। फिलहाल प्लास्टिक सिटी में 10 हजार वर्ग मीटर के दायरे में आवंटित जमीन पर कंपनी का भवन निर्माण शुरू हो गया है। दो माह में काम पूरा हो जाने की उम्मीद है।
कंपनी के सुपरवाइजर संदीप राजपूत ने बताया कि फरवरी माह तक स्क्रैप सेंटर को बनाने का काम पूरा करने का लक्ष्य मिला है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा स्क्रैप सेंटर होगा। जर्मनी व इटली से मंगवाई गई मशीनें कानपुर में रखी हुई हैं। वहीं स्क्रैब सेंटर के साथ अन्य भूखंडों के लिए हुए एमओयू साइन के तहत कंपनियों के यहां स्थापित होने की उम्मीद बढ़ जानी तय हैं।
बोले जिम्मेदार
फिलहाल स्क्रैब सेंटर को लेकर एक कंपनी ने प्लास्टिक सिटी में काम शुरू करा दिया गया है। अन्य आवंटित भूखंड के मालिकों से संवाद चल रहा है। जल्द ही प्लास्टिक सिटी को धरातल पर शुरू कराने का काम पूरा किया जाएगा।-अरविंद भास्कर, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र
प्लास्टिक सिटी में कंपनियों का प्लांट लगवाना शुभ संकेत है। जिला प्रशासन की ओर से इसे लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खामियों को भी दूर कराने के काम शुरू कराए गए हैं।
-महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व