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औरैयाः सूर्यग्रहण आज, बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट
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फोटो-24एयूआरपी-07- पंडित वीरेंद्र मोहन शुक्ला। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। दीपावली के अगले दिन मंगलवार शाम को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है, जिसके चलते 12 घंटे पहले सूतक लग जाएगा। इसकी वजह से दिनभर मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और मंदिरों के साथ ही घरों में भी भगवान की पूजा नहीं हो सकेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित वीरेंद्र मोहन शुक्ला ने बताया कि 25 अक्तूबर को शाम चार बजे से शाम साढ़े छह बजे तक सूूर्यग्रहण पड़ेगा और इसके चलते मंगलवार को सुबह सवा चार बजे से सूतक लग जाएगा, इस दौरान मंदिरों व घरों में भगवान का पूजन अर्चन नहीं करना चाहिए। इस समय भोजन भी वर्जित है।
हालांकि बालक, वृद्ध व रोगी एक बजे तक भोजन कर सकते हैं। बताया कि इस बार दीपावली पर दो अमावस्या पड़ रही है। 25 अक्तूबर मंगलवार को शाम सवा चार बजे सूर्यग्रहण पड़ेगा, जो सवा दो घंटे तक शाम को साढ़े छह बजे तक रहेगा। घरों व मंदिरों में पूजन अर्चन न किए जाने से भगवान को पर्दा डाल ढक दिया गया है। जबकि मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
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हालांकि सूतक काल के पूर्व सुबह ब्रह्म मुहूर्त में चार से सवा चार बजे तक 15 मिनट के समय में भगवान ठाकुर जी का पूजन-अर्चन किया जा सकता है, पर इसके बाद पूजन नहीं होगा। हालांकि भगवत स्त्रोत्र व मंत्रों का जाप किया जाता है और मंत्रों का जप इत्यादि करने से इसका प्रभाव कई गुना फल प्राप्त होता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित वीरेंद्र मोहन शुक्ला ने बताया कि 25 अक्तूबर को शाम चार बजे से शाम साढ़े छह बजे तक सूूर्यग्रहण पड़ेगा और इसके चलते मंगलवार को सुबह सवा चार बजे से सूतक लग जाएगा, इस दौरान मंदिरों व घरों में भगवान का पूजन अर्चन नहीं करना चाहिए। इस समय भोजन भी वर्जित है।
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हालांकि बालक, वृद्ध व रोगी एक बजे तक भोजन कर सकते हैं। बताया कि इस बार दीपावली पर दो अमावस्या पड़ रही है। 25 अक्तूबर मंगलवार को शाम सवा चार बजे सूर्यग्रहण पड़ेगा, जो सवा दो घंटे तक शाम को साढ़े छह बजे तक रहेगा। घरों व मंदिरों में पूजन अर्चन न किए जाने से भगवान को पर्दा डाल ढक दिया गया है। जबकि मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
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हालांकि सूतक काल के पूर्व सुबह ब्रह्म मुहूर्त में चार से सवा चार बजे तक 15 मिनट के समय में भगवान ठाकुर जी का पूजन-अर्चन किया जा सकता है, पर इसके बाद पूजन नहीं होगा। हालांकि भगवत स्त्रोत्र व मंत्रों का जाप किया जाता है और मंत्रों का जप इत्यादि करने से इसका प्रभाव कई गुना फल प्राप्त होता है।