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Auraiya News: कुत्तों के झुंड ने मार दीं छह बकरियां
Tue, 09 Dec 2025 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 09 Dec 2025 12:25 AM IST
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फफूंद। ब्लॉक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत आमपुर के मजरा रतवा में रविवार की रात कुत्तों के झुंड ने गांव में घुसकर पशुपालकों की बकरियों पर हमला कर दिया। इससे छह बकरियों की मौत हो गई।
पशुपालकों ने जिला प्रशासन से कुत्तों को जल्द पकड़वाए जाने की मांग की है। गांव रतवा में ज्यादातर लोग गाय और भैंस के साथ ही बकरी पालन करते हैं। रात के समय पशुपालक बकरियों को छप्पर के नीचे या दरवाजे के बाहर बांध देते हैं।
बीती रात भी पदम नारायण पाल की दो बकरियां, मुबारक अली की तीन बकरियां और महमूद अली की एक बकरी उनके घर के बाहर छप्पर के नीचे बंधी थीं। रात करीब तीन बजे के आसपास करीब 12-14 कुत्ते के झुंड ने बकरियों पर हमला बोल दिया।
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बकरियों की आवाज सुनकर नींद से जागे किसानों ने लाठी-डंडे लेकर कुत्तों को खदेड़ा, लेकिन जब तक बकरियां बुरी तरह जख्मी हो गईं और थोड़ी देर में उनकी मौत हो गई।
ग्राम प्रधान दिनेश कुमार नायक भी पहुंच गए और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी। पशुपालकों ने बताया कि गांव के आसपास सैकड़ों कुत्ते झुंड में रहते हैं जो मौका मिलते ही पशुओं को अपना शिकार बना लेते हैं। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भी कुत्ते दौड़ा लेते हैं। इससे पूरे गांव में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी लापरवाही
ग्रामीणों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कुत्तों को गंभीर मानते हुए संबंधित विभागों को उन्हें पकड़ने और नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों की तादाद बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कुत्तों को जल्द पकड़वाए जाने की मांग जिला प्रशासन से की है।
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पशुपालकों ने जिला प्रशासन से कुत्तों को जल्द पकड़वाए जाने की मांग की है। गांव रतवा में ज्यादातर लोग गाय और भैंस के साथ ही बकरी पालन करते हैं। रात के समय पशुपालक बकरियों को छप्पर के नीचे या दरवाजे के बाहर बांध देते हैं।
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बीती रात भी पदम नारायण पाल की दो बकरियां, मुबारक अली की तीन बकरियां और महमूद अली की एक बकरी उनके घर के बाहर छप्पर के नीचे बंधी थीं। रात करीब तीन बजे के आसपास करीब 12-14 कुत्ते के झुंड ने बकरियों पर हमला बोल दिया।
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बकरियों की आवाज सुनकर नींद से जागे किसानों ने लाठी-डंडे लेकर कुत्तों को खदेड़ा, लेकिन जब तक बकरियां बुरी तरह जख्मी हो गईं और थोड़ी देर में उनकी मौत हो गई।
ग्राम प्रधान दिनेश कुमार नायक भी पहुंच गए और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी। पशुपालकों ने बताया कि गांव के आसपास सैकड़ों कुत्ते झुंड में रहते हैं जो मौका मिलते ही पशुओं को अपना शिकार बना लेते हैं। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भी कुत्ते दौड़ा लेते हैं। इससे पूरे गांव में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी लापरवाही
ग्रामीणों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कुत्तों को गंभीर मानते हुए संबंधित विभागों को उन्हें पकड़ने और नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों की तादाद बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कुत्तों को जल्द पकड़वाए जाने की मांग जिला प्रशासन से की है।