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Auraiya News: मुक्ति धाम पर शिव भक्तों ने किया जाप
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फफूंद। कस्बा के ककोर मार्ग पर चौबे के तालाब पर स्थित मुक्ति धाम (श्मशान घाट) पर शिव भक्तों ने रात्रि में ओम नमः शिवाय का जाप करवाया। जिसमें सैकड़ो शिव भक्त शामिल हुए ओम नमः शिवाय के जय घोष से मुक्ति धाम गूंज उठा।
सावन के चौथे सोमवार की रात कस्बा के चौबे तालाब पर स्थित मुक्ति धाम (श्मशान घाट) पर भारेश्वर महादेव मन्दिर भरेह के महंत दयालदास व उनकी टीम बबलू मिश्रा, कृष्ण मोहन, गोविंद बाबा, बबलू भदौरिया के द्वारा पूजन अर्चन करके ओम नमः शिवाय का जाप किया गया जो सुबह भोर संपन्न हुआ।
महन्त दयालदास ने बताया कि शिव के श्मशान में रहने को लेकर धार्मिक मान्यता भी है। सनातन धर्म में शिवजी को सृष्टि का संहारक माना है। मान्यताओं के अनुसार, ये सृष्टि बनती और बिगड़ती रहती है। भगवान ब्रह्मा सृष्टि की रचना करते हैं। भगवान विष्णु सृष्टि का पालन करते हैं।
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भगवान शिव कलियुग का अंत होने पर सृष्टि का संहार करते हैं। हम सभी जानते हैं कि श्मशान में जीवन का अंत होता है। वहां सब कुछ भस्म हो जाता है। इसीलिए शिवजी का निवास ऐसी जगह है, जहां मानव शरीर, उस शरीर से जुड़े सभी रिश्ते, हर मोह और सभी तरह के बंधन खत्म हो जाते हैं।
जीवों की मृत्यु के बाद आत्मा शिव में ही समा जाती है। इसलिए शिव श्मशान में वास करते हैं और श्मशान के देव कहलाते हैं। सावन में यहां ओम नमः शिवाय का जाप करने से भोले बाबा हर मनोकामना पूरी करते है। कार्यक्रम आयोजक लल्लू ठाकुर, महेश शुक्ला, सर्वेश शर्मा, उमेश अवस्थी, राजन गुप्ता, अमित तिवारी, अवधेश दुबे, बाबू जी ने बताया कि यह कार्यक्रम सावन में सभी भक्तों के सहयोग से होता है। जाप में क्षेत्र के तमाम शिव भक्त रहे।
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सावन के चौथे सोमवार की रात कस्बा के चौबे तालाब पर स्थित मुक्ति धाम (श्मशान घाट) पर भारेश्वर महादेव मन्दिर भरेह के महंत दयालदास व उनकी टीम बबलू मिश्रा, कृष्ण मोहन, गोविंद बाबा, बबलू भदौरिया के द्वारा पूजन अर्चन करके ओम नमः शिवाय का जाप किया गया जो सुबह भोर संपन्न हुआ।
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महन्त दयालदास ने बताया कि शिव के श्मशान में रहने को लेकर धार्मिक मान्यता भी है। सनातन धर्म में शिवजी को सृष्टि का संहारक माना है। मान्यताओं के अनुसार, ये सृष्टि बनती और बिगड़ती रहती है। भगवान ब्रह्मा सृष्टि की रचना करते हैं। भगवान विष्णु सृष्टि का पालन करते हैं।
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भगवान शिव कलियुग का अंत होने पर सृष्टि का संहार करते हैं। हम सभी जानते हैं कि श्मशान में जीवन का अंत होता है। वहां सब कुछ भस्म हो जाता है। इसीलिए शिवजी का निवास ऐसी जगह है, जहां मानव शरीर, उस शरीर से जुड़े सभी रिश्ते, हर मोह और सभी तरह के बंधन खत्म हो जाते हैं।
जीवों की मृत्यु के बाद आत्मा शिव में ही समा जाती है। इसलिए शिव श्मशान में वास करते हैं और श्मशान के देव कहलाते हैं। सावन में यहां ओम नमः शिवाय का जाप करने से भोले बाबा हर मनोकामना पूरी करते है। कार्यक्रम आयोजक लल्लू ठाकुर, महेश शुक्ला, सर्वेश शर्मा, उमेश अवस्थी, राजन गुप्ता, अमित तिवारी, अवधेश दुबे, बाबू जी ने बताया कि यह कार्यक्रम सावन में सभी भक्तों के सहयोग से होता है। जाप में क्षेत्र के तमाम शिव भक्त रहे।