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जर्जर मशीनों के सहारे बिजली उपकेंद्र
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:48 PM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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नेविलगंज स्थित विद्युत उपकेंद्र में जर्जर मशीनोें को जुगाड़ से चलाया जा रहा है। ऐसे में वहां हादसे की आशंका से अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं। हालत यह है कि अछल्दा फीडर की रिले खराब होने पर कर्मचारी उसमें माचिस की तीली लगाकर आपूर्ति कर रहे हैं। रिले खराब होने के कारण अक्सर इनकमिंग मशीनें फुंक रही हैं।
गुरुवार देर शाम अछल्दा उपकेंद्र पर लगी रुरुगंज फीडर की इनकमिंग मशीन फुंक गई। इससे आपूर्ति ठप हो गई। यह एक दिन की घटना नहीं है, ऐसा अक्सर होता है। सभी मशीनें डायरेक्ट चल रही हैं। कोई ट्रिपिंग सुविधा नही है। अछल्दा फीडर की रिले खराब है। इससे सप्लाई शुरू होते ही जर्क के साथ बंद हो जाती है।
बार-बार सप्लाई लगाने के बाद भी आपूर्ति नही हो पाती। अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने जुगाड़ निकाल लिया। खराब रिले के ऊपर माचिस की तीलियां लगा दी। माचिस की तीलियां लगने से जहां मशीन में अर्थिंग नही आती वहीं रिले भी रुकी रहती है और आपूर्ति चलती रहती है। ऐसे ही जुगाड़ करके अछल्दा उपकेंद्र पर सभी फीडरों की मशीनों को चलाया जा रहा है। खराब मशीनें कभी भी हादसा कर सकती हैं। जान हथेली में लेकर यहां कर्मचारी काम कर रहे हैं। मशीन फुंकने पर कर्मचारियों को बाहर भागना पड़ता है।
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फाल्ट होने पर भी नही होती ट्रिपिंग
एचटी लाइन टूटने पर तुरंत ट्र्िपिंग होनी चाहिए जिससे आपूर्ति कट जाए और कोई हादसा न हो। लेकिन ऐसा हो नही रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि मशीन डायरेक्ट होने के कारण ट्रिप नही होती जब उनके पास सूचना आती है तब वह माचिस की तीली हटाकर सप्लाई बंद करते हैं।
कई बार जर्जर मशीनों के बारे में उच्चाधिकारियों को बताया जा चुका है। इसके बावजूद भी कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। कर्मचारी जान हथेली पर लेकर काम कर रहे हैं। ट्रिपिग न होने से एचटी लाइन से हादसों का भी डर बना हुआ है।
यशवीर सिंह, एसएसओ-अछल्दा उपकेंद्र
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गुरुवार देर शाम अछल्दा उपकेंद्र पर लगी रुरुगंज फीडर की इनकमिंग मशीन फुंक गई। इससे आपूर्ति ठप हो गई। यह एक दिन की घटना नहीं है, ऐसा अक्सर होता है। सभी मशीनें डायरेक्ट चल रही हैं। कोई ट्रिपिंग सुविधा नही है। अछल्दा फीडर की रिले खराब है। इससे सप्लाई शुरू होते ही जर्क के साथ बंद हो जाती है।
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बार-बार सप्लाई लगाने के बाद भी आपूर्ति नही हो पाती। अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने जुगाड़ निकाल लिया। खराब रिले के ऊपर माचिस की तीलियां लगा दी। माचिस की तीलियां लगने से जहां मशीन में अर्थिंग नही आती वहीं रिले भी रुकी रहती है और आपूर्ति चलती रहती है। ऐसे ही जुगाड़ करके अछल्दा उपकेंद्र पर सभी फीडरों की मशीनों को चलाया जा रहा है। खराब मशीनें कभी भी हादसा कर सकती हैं। जान हथेली में लेकर यहां कर्मचारी काम कर रहे हैं। मशीन फुंकने पर कर्मचारियों को बाहर भागना पड़ता है।
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फाल्ट होने पर भी नही होती ट्रिपिंग
एचटी लाइन टूटने पर तुरंत ट्र्िपिंग होनी चाहिए जिससे आपूर्ति कट जाए और कोई हादसा न हो। लेकिन ऐसा हो नही रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि मशीन डायरेक्ट होने के कारण ट्रिप नही होती जब उनके पास सूचना आती है तब वह माचिस की तीली हटाकर सप्लाई बंद करते हैं।
कई बार जर्जर मशीनों के बारे में उच्चाधिकारियों को बताया जा चुका है। इसके बावजूद भी कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। कर्मचारी जान हथेली पर लेकर काम कर रहे हैं। ट्रिपिग न होने से एचटी लाइन से हादसों का भी डर बना हुआ है।
यशवीर सिंह, एसएसओ-अछल्दा उपकेंद्र