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बाल स्वास्थ्य पोषण माह का दूसरा चरण शुरू
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औरैया। बुधवार को बाल स्वास्थ्य पोषण माह की शुरुआत हुई। इसके अंतर्गत नौ महीने से पांच साल तक की उम्र के बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में सीएमओ ने बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रतौंधी सहित आंखों की अन्य बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से मिलकर विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाने के लिए अभियान 18 जनवरी तक चलेगा। जिले में तीन लाख 42 हजार 788 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी माइक्रो प्लानिंग पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर ही की गई है। सीएमओ डॉ. एके राय ने कहा कि विटामिन ए में एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होता है, जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी, डॉ.अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि विटामिन ए आंखों की बीमारियों जैसे रतौंधी-अंधता से बचाव के साथ-साथ बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए भी आवश्यक है। श्वसन संबंधी संक्रमण व हड्डी रोगों से बचाव में भी इसका योगदान रहता है। विटामिन ए देने से बच्चों में खसरा एवं डायरिया आदि बीमारियों के घातक प्रभाव में कमी लाई जा सकती है।
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यूनिसेफ के डीएमसी नरेंद्र ने बताया की स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन ए बहुत जरूरी है। शरीर में विटामिन ए की कमी न होने के लिए चुकंदर, गाजर, पनीर, दूध, टमाटर, हरी सब्जियां, पीले रंग के फल खाने चाहिए। इसमें विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में इसकी पूर्ति करता है।
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बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रतौंधी सहित आंखों की अन्य बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से मिलकर विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाने के लिए अभियान 18 जनवरी तक चलेगा। जिले में तीन लाख 42 हजार 788 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी माइक्रो प्लानिंग पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर ही की गई है। सीएमओ डॉ. एके राय ने कहा कि विटामिन ए में एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होता है, जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी, डॉ.अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि विटामिन ए आंखों की बीमारियों जैसे रतौंधी-अंधता से बचाव के साथ-साथ बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए भी आवश्यक है। श्वसन संबंधी संक्रमण व हड्डी रोगों से बचाव में भी इसका योगदान रहता है। विटामिन ए देने से बच्चों में खसरा एवं डायरिया आदि बीमारियों के घातक प्रभाव में कमी लाई जा सकती है।
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यूनिसेफ के डीएमसी नरेंद्र ने बताया की स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन ए बहुत जरूरी है। शरीर में विटामिन ए की कमी न होने के लिए चुकंदर, गाजर, पनीर, दूध, टमाटर, हरी सब्जियां, पीले रंग के फल खाने चाहिए। इसमें विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में इसकी पूर्ति करता है।