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लॉकडाउन का असर: औने-पौने दामो में बैंगन बेचने को विवश किसान
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औरैया। लॉकडाउन का असर सब्जी की खेती करने वाले किसानों पर पड़ रहा है। पिछले वर्ष बैगन 500 से 550 रुपये प्रति बोरी (30 किलो) के हिसाब से बिक रहा था। इस बार बाहर से व्यापारियों के न आने व यहां का बैगन बाहर न जा पाने से यह बोरी 150 से 180 रुपये के हिसाब से बिक रही है। इससे बैंगन की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि इस बार लागत निकलना भी मुश्किल पड़ गया है।
शहर के समीपवर्ती गांव सुरान, भरसेन व कखावतू में बड़ी संख्या में किसान बैंगन की खेती करतेे हैं। धान की फसल कटने के बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह अथवा दिसंबर के प्रथम सप्ताह के बीच में बैंगन की बुवाई का काम शुरू हो जाता है। अप्रैल माह से बैंगन की आमद शुरू हो जाती है। कोविड-19 के असर सब्जी की खेती करने वाले किसानों पर भी पड़ता दिख रहा है। सब्जी मंडी में इन दिनों जिले के अलावा अन्य जनपदों के व्यापारियों के न आने से बैंगन के भाव गिर गए हैं। इससे किसानों में मायूसी छाई है।
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भरसेन गांव के किसान रामू सिंह का कहना है कि दो बीघा जमीन पर बैंगन की फसल बोई है। जिसमें बीज, निराई-गुड़ाई, डीएपी आदि जोड़कर 35 से 40 हजार रुपये का लागत आई है। इस बार लॉकडाउन के चलते बैंगन के भाव जमीन छू रहे हैं। इस बार 25 से 30 किलो प्रति बोरी 150 से 180 रुपये में बिक रही है। पिछले वर्ष 500 से 550 रुपये तक बिका था। रामू का कहना है कि लॉकडाउन के चलते जालौन, कानपुर देहात आदि के व्यापारी सब्जी मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं। मंडी में बैंगन अधिक मात्रा में होने के कारण भाव गिरना स्वाभाविक है।
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शहर के समीपवर्ती गांव सुरान, भरसेन व कखावतू में बड़ी संख्या में किसान बैंगन की खेती करतेे हैं। धान की फसल कटने के बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह अथवा दिसंबर के प्रथम सप्ताह के बीच में बैंगन की बुवाई का काम शुरू हो जाता है। अप्रैल माह से बैंगन की आमद शुरू हो जाती है। कोविड-19 के असर सब्जी की खेती करने वाले किसानों पर भी पड़ता दिख रहा है। सब्जी मंडी में इन दिनों जिले के अलावा अन्य जनपदों के व्यापारियों के न आने से बैंगन के भाव गिर गए हैं। इससे किसानों में मायूसी छाई है।
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भरसेन गांव के किसान रामू सिंह का कहना है कि दो बीघा जमीन पर बैंगन की फसल बोई है। जिसमें बीज, निराई-गुड़ाई, डीएपी आदि जोड़कर 35 से 40 हजार रुपये का लागत आई है। इस बार लॉकडाउन के चलते बैंगन के भाव जमीन छू रहे हैं। इस बार 25 से 30 किलो प्रति बोरी 150 से 180 रुपये में बिक रही है। पिछले वर्ष 500 से 550 रुपये तक बिका था। रामू का कहना है कि लॉकडाउन के चलते जालौन, कानपुर देहात आदि के व्यापारी सब्जी मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं। मंडी में बैंगन अधिक मात्रा में होने के कारण भाव गिरना स्वाभाविक है।
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