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समितियों पर 335 की यूरिया बोरी 405 रुपये में
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:36 AM IST
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रबी सीजन में मौसम की अनुकूलता को देखते हुए यूरिया के लिए समितियों पर मारामारी मची है। किसान समितियों पर तैनात सचिवों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि शासन- प्रशासन की वितरण नीति की खामियों के चलते किसानों को समितियों पर एक बोरी यूरिया के लिए 335 की जगह पर 405 रुपये देने पड़ रहे हैं।
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जिले में साधन सहकारी समिति, सहकारी संघ अथवा क्रय एजेंसियां द्वारा किसानों से यूरिया के साथ एक अन्य प्रोडक्ट देने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। विगत दिनों यूपी स्टेट एग्रो की ओर से यूरिया के साथ अनचाहा प्रोडक्ट देने के मामले ने तूल पकड़ा था।
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इस मामले से सहायक उप निबंधक कार्यालय व प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। लिहाजा उक्त परंपरा के शिकार होकर किसानों को जबरन आर्थिक चपत लगाई जा रही है।
मंगलवार को अमर उजाला टीम ने खानपुर गोहना साधन सहकारी समिति पर यूरिया वितरण की पड़ताल की तो यूरिया की एक बोरी के लिए किसान आपस में ही जद्दोजहद करते दिखे। साथ ही उन किसानों को यूरिया दी गई, जिन्होंने यूरिया के साथ नीम पाउडर के 70 रुपये अतिरिक्त खर्च किए।
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यहां पर किसानों को शासन से निर्धारित 335 रुपये प्रति बोरी के बदले मजबूरन 405 रुपये यूरिया के लिए खर्च करने पड़े हैं। सचिव महेंद्र बाबू तिवारी भी इस संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
समितियों पर किसानों का आर्थिक शोषण किए जाने की गंभीर शिकायतें सुनने को मिल रही हैं। समितियों पर यह स्थिति गलत है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराऊंगी।-माला श्रीवास्तव, जिलाधिकारी