फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Rough playing field, talents dying due to lack of resources

Auraiya News: ऊबड़ खाबड़ खेल मैदान, संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रहीं प्रतिभाएं

Sun, 04 Feb 2024 12:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sun, 04 Feb 2024 12:58 AM IST
विज्ञापन
Rough playing field, talents dying due to lack of resources
सहायल। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान नहीं होने से खेल प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। जहां खेल मैदान चिह्नित हुए वहां देखरेख के अभाव में ऊबड़ खाबड़ मैदान हो गए हैं। एक साल से महज जमीन को सुरक्षित करने का ही काम किया जा सका है। संसाधनों के अभाव में युवाओं को मौका भी नहीं मिल पा रहा है। सहायल क्षेत्र में कोई ऐसा खुला मैदान भी नहीं है, जहां सुबह-शाम युवा अभ्यास कर सकें।
विज्ञापन

खिलाड़ियों का कहना है कि क्षेत्र में अनेक खेल प्रतिभाएं छुपी हैं। जिन्हें तराशने की जरूरत है। दुर्भाग्य से क्षेत्र में खेल सुविधाएं तो दूर की बात अभ्यास के लिए ढंग का मैदान भी नहीं बन सका है। सहार ब्लाक के पुर्वा फकीरे में चिह्नित किया गया खेल मैदान महज धरातल पर चिह्नित किया जा सका है। ग्राम पंचायत से तकरीबन एक लाख रुपये की लागत से एक साल पहले समतलीकरण कराने के बाद नजर हटा ली गई। अब यह ऊबड़ खाबड़ हो गया है।
विज्ञापन

-----------
क्या बोले युवा ----
फोटो03एयूआरपी 12- इंद्रजीत सिंह, नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट। संवाद
कराटे में नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुके खिलाडी इंद्रजीत सिंह ने बताया की खेल मैदान व संसाधनों के इंतजाम से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है। चिह्नित हुए मैदानों में खेल सामग्री व अन्य व्यवस्थाएं हों इसे लेकर ध्यान दिया जाना चाहिए। दूसरे जिलों का रुख काफी कम युवा कर पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
फोटो03एयूआरपी 13- विश्वनाथ सिंह। संवाद
क्रिकेट खिलाड़ी विश्वनाथ सिंह ने बताया कि क्षेत्र में खेल मैदान न होने के कारण प्रैक्टिस के लिए कानपुर जाना पड़ता है। क्षेत्र में कई युवा खेलकूद में पारंगत हैं। उन्हें महज प्लेटफार्म मिलने की देरी है। उनके कौशल से जिले का नाम रोशन हो सकता है।
--------------
फोटो03एयूआरपी 14-अंशु सिंह। संवाद
कबड्डी खिलाड़ी अंशु सिंह ने बताया कि वह अंडर-16 तक खेल चुके हैं। कई प्रतियोगिताओं में मेडल भी जीत चुके हैं। जिले में इंतजाम के अभाव के चलते कानपुर, इटावा व अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। यहां प्रैक्टिस भी नहीं हो पाती है। ऐसा ही रहा तो जिले के खिलाड़ियों को उचित मुकाम नहीं मिल पाएगा।
--------------
फोटो03एयूआरपी 15- यूनिस खान। संवाद
ग्रीन पार्क कानपुर में रणजी खेल चुके क्षेत्र के नामचीन क्रिकेट खिलाड़ी यूनिस खान ने बताया कि संसाधनों के अभाव में खेल महज मनोरंजन तक सीमित है। जिले में इसे लेकर बड़े आयोजन के साथ ही खेल मैदानों को बनाया जाना चाहिए। संसाधन भी मुहैया कराए जाने चाहिए। ताकि युवाओं का मनोबल बढ़े।

---------------
बोले जिम्मेदार-----
खेल मैदानों को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्राथमिक चरण के तौर पर ग्राम पंचायतों में पड़ी सुरक्षित भूमि को खाली कराया जा रहा है। अतिक्रमण मुक्त होने के बाद समतलीकरण हुआ है। संसाधनों को लेकर जिला प्रशासन स्तर से अन्य काम भी कराए जाएंगे।
-आदित्य तिवारी, खंड विकास अधिकारी सहार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed