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Auraiya News: मकानों में दरारों की आई रिपोर्ट, 12 को घर खाली करने का नोटिस
Sat, 24 Jun 2023 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 24 Jun 2023 12:26 AM IST
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औरैया। शहर के मोहल्ला मदार दरवाजा व विधिचंद्र स्थित 12 घरों में आईं दरारों के मामलों में भूगर्भ वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के बाद घर खाली कराने के लिए 12 लोगों को नोटिस थमा दिए गए हैं। वहीं जिला प्रशासन स्थाई समाधान को लेकर अभी तक निष्कर्ष नहीं निकाल सका है। प्रशासन नलकूप के साथ मकानों के पुराने व जर्जर होने का भी कारण मान रहा है। फिलहाल लोगों सुरक्षित करने के लिए प्रशासन जुटा हुआ है।
मोहल्ला मदार दरवाजा और विधिचंद्र में जिन घरों में दरारें आई थीं, उन्हें एक सप्ताह में घर खाली कर अटल आश्रय में शरण लेने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका और प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पहले लोगों को सुरिक्षत किया जाए। इसके बाद स्थायी समाधान खोजा जाएगा। इधर, नोटिस मिलने के बाद लोग मुआवजे और बदले में मकान, जगह आदि को लेकर तरह तरह की चर्चाएं भी कर रहे हैं।
बता दें कि मकानों में आई दरार का कारण कानपुर आईआईटी के भूगर्भ वैज्ञानिकों की रिपोर्ट में घरों के पास स्थित तीन नलकूप बताए गए हैं। रिपोर्ट में दरार के कारणों के पीछे कारण बन रहे तीन नलकूपों को बंद करने को लेकर जिला प्रशासन के पास फिलहाल कोई योजना नहीं है। ऐसे में नलकूपों के पानी दोहन से नीचे चल रहे मिट्टी के कटान की स्थिति बढ़ने की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अब देखना यह है कि दरार आने से जर्जर हो चुके घरों के गृहस्वामियों को नोटिस जारी होने के बाद वह घर खाली करके अटल आश्रम में शरण लेते हैं या नहीं।
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जांच रिपोर्ट में मिट्टी की परतों के नीचे मिला जलस्तर
भूगर्भ वैज्ञानिकों की ओर से की गई कई चरणों की जांच की गई थी। जिसमें 20 मीटर तक भू-तकनीकी जांच में कोई असामान्य मिट्टी नहीं देखी गई। जिससे इमारतों को खतरा हो सके। वहां जो मिट्टी मिली है उसकी परतों के नीचे मिले जल स्तर के पीछे वैज्ञानिक नलकूपों को कारण मान रहे हैं।
वर्जन
जिला प्रशासन के पास पीड़ितों को सुरक्षित बचाना पहली प्राथमिकता है। इसके लिए सभी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में घर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इन लोगों को अटल आश्रम में ठहरने की व्यवस्था की गई है। घरों में आयी दरार के पीछे नलकूपों के साथ ही घरों के अत्यधिक पुराना होना भी है। जिससे मिट्टी नीचे धंस रही है। अभी इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है। फिलहाल नलकूपों को बंद कराने की अभी कोई स्थिति नहीं है। यदि भविष्य में कहीं दरार की स्थितियां बढ़ने की संभावना होगी तो उसी अनुसार निर्णय लिया जाएगा।- एमपी सिंह, अपर जिलाधिकारी, औरैया।
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मोहल्ला मदार दरवाजा और विधिचंद्र में जिन घरों में दरारें आई थीं, उन्हें एक सप्ताह में घर खाली कर अटल आश्रय में शरण लेने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका और प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पहले लोगों को सुरिक्षत किया जाए। इसके बाद स्थायी समाधान खोजा जाएगा। इधर, नोटिस मिलने के बाद लोग मुआवजे और बदले में मकान, जगह आदि को लेकर तरह तरह की चर्चाएं भी कर रहे हैं।
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बता दें कि मकानों में आई दरार का कारण कानपुर आईआईटी के भूगर्भ वैज्ञानिकों की रिपोर्ट में घरों के पास स्थित तीन नलकूप बताए गए हैं। रिपोर्ट में दरार के कारणों के पीछे कारण बन रहे तीन नलकूपों को बंद करने को लेकर जिला प्रशासन के पास फिलहाल कोई योजना नहीं है। ऐसे में नलकूपों के पानी दोहन से नीचे चल रहे मिट्टी के कटान की स्थिति बढ़ने की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अब देखना यह है कि दरार आने से जर्जर हो चुके घरों के गृहस्वामियों को नोटिस जारी होने के बाद वह घर खाली करके अटल आश्रम में शरण लेते हैं या नहीं।
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जांच रिपोर्ट में मिट्टी की परतों के नीचे मिला जलस्तर
भूगर्भ वैज्ञानिकों की ओर से की गई कई चरणों की जांच की गई थी। जिसमें 20 मीटर तक भू-तकनीकी जांच में कोई असामान्य मिट्टी नहीं देखी गई। जिससे इमारतों को खतरा हो सके। वहां जो मिट्टी मिली है उसकी परतों के नीचे मिले जल स्तर के पीछे वैज्ञानिक नलकूपों को कारण मान रहे हैं।
वर्जन
जिला प्रशासन के पास पीड़ितों को सुरक्षित बचाना पहली प्राथमिकता है। इसके लिए सभी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में घर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इन लोगों को अटल आश्रम में ठहरने की व्यवस्था की गई है। घरों में आयी दरार के पीछे नलकूपों के साथ ही घरों के अत्यधिक पुराना होना भी है। जिससे मिट्टी नीचे धंस रही है। अभी इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है। फिलहाल नलकूपों को बंद कराने की अभी कोई स्थिति नहीं है। यदि भविष्य में कहीं दरार की स्थितियां बढ़ने की संभावना होगी तो उसी अनुसार निर्णय लिया जाएगा।- एमपी सिंह, अपर जिलाधिकारी, औरैया।