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Auraiya News: बारिश से मूंगफली की फसल पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता
Thu, 09 Jul 2026 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:02 AM IST
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फोटो -24- खेतों में खुदी पड़ी मूंगफली की फसल। संवाद
बिधूना। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने मूंगफली उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खोदाई के बाद फसल बारिश में भीगने से खराब होने लगी है।
फसल को बचाने के लिए किसान प्लास्टिक से उसे ढककर सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन बारिश के कारण नुकसान बढ़ता जा रहा है।
किसानों का कहना है कि इस वर्ष पहले से ही महंगाई और मौसम की मार ने खेती की लागत बढ़ा दी है। गेहूं की फसल से अपेक्षित लाभ न मिलने के कारण किसानों ने मूंगफली की खेती से नुकसान की भरपाई की उम्मीद लगाई थी लेकिन बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भरने से मूंगफली की फलियां भीग गई हैं और उनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खोदाई के बाद मूंगफली का लंबे समय तक गीला रहना गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डालता है। इससे दानों में फफूंदी लगने और रंग खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से फसल का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।
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बोले किसान-गुणवत्ता प्रभावित होने का डर
खेत से जो मूंगफली खोदकर बाहर निकाली थी, वह दो दिन की बारिश में पूरी तरह भीग चुकी है। अब सबसे बड़ी चिंता धूप को लेकर है। अगर अगले एक-दो दिन में अच्छी धूप नहीं निकली तो मूंगफली की गुणवत्ता खराब हो जाएगी। दाने बदरंग हो जाएंगे, इससे बाजार में सही कीमत मिलना मुश्किल हो जाएगा। - राजेंद्र वर्मा, किसान
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लगातार हो रही तेज बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है। पानी भरने की वजह से खेतों में पड़ी मूंगफली अब धीरे-धीरे काली पड़ने लगी है। अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और खेतों से पानी नहीं निकला, तो पूरी फसल सड़ जाएगी। अगर यह फसल बर्बाद हुई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। - जगराम, किसान
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फसल को बचाने के लिए किसान प्लास्टिक से उसे ढककर सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन बारिश के कारण नुकसान बढ़ता जा रहा है।
किसानों का कहना है कि इस वर्ष पहले से ही महंगाई और मौसम की मार ने खेती की लागत बढ़ा दी है। गेहूं की फसल से अपेक्षित लाभ न मिलने के कारण किसानों ने मूंगफली की खेती से नुकसान की भरपाई की उम्मीद लगाई थी लेकिन बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भरने से मूंगफली की फलियां भीग गई हैं और उनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खोदाई के बाद मूंगफली का लंबे समय तक गीला रहना गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डालता है। इससे दानों में फफूंदी लगने और रंग खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से फसल का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।
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बोले किसान-गुणवत्ता प्रभावित होने का डर
खेत से जो मूंगफली खोदकर बाहर निकाली थी, वह दो दिन की बारिश में पूरी तरह भीग चुकी है। अब सबसे बड़ी चिंता धूप को लेकर है। अगर अगले एक-दो दिन में अच्छी धूप नहीं निकली तो मूंगफली की गुणवत्ता खराब हो जाएगी। दाने बदरंग हो जाएंगे, इससे बाजार में सही कीमत मिलना मुश्किल हो जाएगा। - राजेंद्र वर्मा, किसान
लगातार हो रही तेज बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है। पानी भरने की वजह से खेतों में पड़ी मूंगफली अब धीरे-धीरे काली पड़ने लगी है। अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और खेतों से पानी नहीं निकला, तो पूरी फसल सड़ जाएगी। अगर यह फसल बर्बाद हुई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। - जगराम, किसान

फोटो -24- खेतों में खुदी पड़ी मूंगफली की फसल। संवाद

फोटो -24- खेतों में खुदी पड़ी मूंगफली की फसल। संवाद

फोटो -24- खेतों में खुदी पड़ी मूंगफली की फसल। संवाद