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Auraiya News: तेरहवीं में हत्या के मामले में दो आरोपियों की जमानत खारिज
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अदालत से...
-पुलिस विवेचना में नाम हटने के बाद अदालत ने आरोपियों को किया था तलब, हत्या के बाद ईंट से कूंच दिया था चेहरा
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। सदर कोतवाली के गांव भीखापुर में हुई हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने दो आरोपियों की जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया है। अदालत ने दोनों ही मामलों में सह-आरोपियों की जमानत पूर्व में निरस्त होने को आधार बनाते हुए राहत देने से साफ इन्कार कर दिया।
गांव भीखापुर निवासी नरेंद्र सिंह ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 20 फरवरी 2023 की रात करीब आठ बजे उनके चचेरे भाई अरुण सिंह उर्फ बबलू सिंह गांव के ही भोला सिंह के यहां तेरहवीं के निमंत्रण में गए थे। वहां पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें घेरकर गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अरुण सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी और पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसके चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों अभियुक्त पूरी तरह निर्दोष हैं। घटना के समय नीलू उर्फ जगत सिंह गांव से बाहर था, जबकि अंकित और उसका परिवार दिल्ली में मौजूद था। पुलिस विवेचना के दौरान मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर विवेचक ने दोनों के नाम आरोप पत्र से हटा दिए थे। हालांकि, बाद में वादी पक्ष की अर्जी पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए दोनों को ट्रायल के लिए तलब किया था।
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सोमवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने बाद नीलू उर्फ जगत सिंह और अंकित की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।
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-पुलिस विवेचना में नाम हटने के बाद अदालत ने आरोपियों को किया था तलब, हत्या के बाद ईंट से कूंच दिया था चेहरा
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। सदर कोतवाली के गांव भीखापुर में हुई हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने दो आरोपियों की जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया है। अदालत ने दोनों ही मामलों में सह-आरोपियों की जमानत पूर्व में निरस्त होने को आधार बनाते हुए राहत देने से साफ इन्कार कर दिया।
गांव भीखापुर निवासी नरेंद्र सिंह ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 20 फरवरी 2023 की रात करीब आठ बजे उनके चचेरे भाई अरुण सिंह उर्फ बबलू सिंह गांव के ही भोला सिंह के यहां तेरहवीं के निमंत्रण में गए थे। वहां पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें घेरकर गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अरुण सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी और पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसके चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया था।
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मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों अभियुक्त पूरी तरह निर्दोष हैं। घटना के समय नीलू उर्फ जगत सिंह गांव से बाहर था, जबकि अंकित और उसका परिवार दिल्ली में मौजूद था। पुलिस विवेचना के दौरान मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर विवेचक ने दोनों के नाम आरोप पत्र से हटा दिए थे। हालांकि, बाद में वादी पक्ष की अर्जी पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए दोनों को ट्रायल के लिए तलब किया था।
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सोमवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने बाद नीलू उर्फ जगत सिंह और अंकित की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।