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Auraiya News: सपा में शामिल हुए पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के मेडिकल स्टोर पर छापा
Mon, 09 Feb 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 09 Feb 2026 11:58 PM IST
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मेडिकल स्टोर पर जांच करती टीम
दिबियापुर (औरैया)। कुछ ही महीने पहले भाजपा से सपा में आए पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के मेडिकल स्टोर पर देर रात नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने छापा मारा।
टीम ने स्टोर से संबंधित अभिलेख भी जब्त किए जिनकी जांच की जा रही है। टीम ने कोडीन सिरप बेचने के सुबूत खंगाले। हालांकि जांच में क्या मिला टीम ने इसकी जानकारी नहीं दी।
दिबियापुर के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद पोरवाल का रामकृष्ण नगर में बिहारीजी फार्मा के नाम से मेडिकल स्टोर है। रात लगभग 9:30 बजे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम स्टोर पर पहुंची तो दुकान बंद मिली। आसपास के दुकानदारों से बात कर संचालक को बुलाया तो पूर्व चेयरमैन अरविंद पोरवाल अपने भतीजे नीलू पोरवाल के साथ स्टोर पर पहुंचे।
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इसके बाद स्टोर खुलवाकर टीम ने जांच शुरू कर दी। सूत्रों का कहना है कि प्रतिबंधित कोडीन सिरप बेचने के शक में छापा मारा गया है। टीम के औचक छापे और पुलिस को सूचना न देने के चलते पुलिस भी मौके पर पहुंची।
प्रभारी निरीक्षक रूद्र नारायण त्रिपाठी ने बताया कि टीम नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की थी। इधर मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। दरअसल, अरविंद पहले सपा में रहे, फिर भाजपा में चले गए। कुछ महीने पहले ही वह सपा में फिर लौट आए। सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने कहा कि यह विरोधियों की साजिश है। टीम के जाने के बाद अरविंद पोरवाल ने कहा कि यह रूटीन जांच थी।
दल-बदल की राजनीति में फंसे
औरैया। सपा में रहने के बाद अरविंद पोरवाल 2019 में भाजपा से नगर पंचायत अध्यक्ष हो गए। वर्ष 2023 में दिबियापुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हुए अरविंद ने वैश्य समाज को उचित प्रतिनिधित्व न देने का आरोप लगाकर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। यह इस्तीफा उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दिया था।
इसके बाद अरविंद वर्ष 2023 में नगर पंचायत चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। उस समय भी उन्होंने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। लगभग एक वर्ष पूर्व लोकसभा चुनाव के दौरान वह दोबारा भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद 12 जून 2025 में वह फिर से सपा में शामिल हो गए। उन्हें लेकर शहर की राजनीति में कई चर्चाएं चलती रहती हैं। इस कार्रवाई को दल-बदल के रूप में भी देखा जा रहा है। (संवाद)
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टीम ने स्टोर से संबंधित अभिलेख भी जब्त किए जिनकी जांच की जा रही है। टीम ने कोडीन सिरप बेचने के सुबूत खंगाले। हालांकि जांच में क्या मिला टीम ने इसकी जानकारी नहीं दी।
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दिबियापुर के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद पोरवाल का रामकृष्ण नगर में बिहारीजी फार्मा के नाम से मेडिकल स्टोर है। रात लगभग 9:30 बजे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम स्टोर पर पहुंची तो दुकान बंद मिली। आसपास के दुकानदारों से बात कर संचालक को बुलाया तो पूर्व चेयरमैन अरविंद पोरवाल अपने भतीजे नीलू पोरवाल के साथ स्टोर पर पहुंचे।
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इसके बाद स्टोर खुलवाकर टीम ने जांच शुरू कर दी। सूत्रों का कहना है कि प्रतिबंधित कोडीन सिरप बेचने के शक में छापा मारा गया है। टीम के औचक छापे और पुलिस को सूचना न देने के चलते पुलिस भी मौके पर पहुंची।
प्रभारी निरीक्षक रूद्र नारायण त्रिपाठी ने बताया कि टीम नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की थी। इधर मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। दरअसल, अरविंद पहले सपा में रहे, फिर भाजपा में चले गए। कुछ महीने पहले ही वह सपा में फिर लौट आए। सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने कहा कि यह विरोधियों की साजिश है। टीम के जाने के बाद अरविंद पोरवाल ने कहा कि यह रूटीन जांच थी।
दल-बदल की राजनीति में फंसे
औरैया। सपा में रहने के बाद अरविंद पोरवाल 2019 में भाजपा से नगर पंचायत अध्यक्ष हो गए। वर्ष 2023 में दिबियापुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हुए अरविंद ने वैश्य समाज को उचित प्रतिनिधित्व न देने का आरोप लगाकर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। यह इस्तीफा उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दिया था।
इसके बाद अरविंद वर्ष 2023 में नगर पंचायत चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। उस समय भी उन्होंने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। लगभग एक वर्ष पूर्व लोकसभा चुनाव के दौरान वह दोबारा भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद 12 जून 2025 में वह फिर से सपा में शामिल हो गए। उन्हें लेकर शहर की राजनीति में कई चर्चाएं चलती रहती हैं। इस कार्रवाई को दल-बदल के रूप में भी देखा जा रहा है। (संवाद)