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परीक्षा केंद्र निर्धारण पर उठ रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:17 PM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 2015-16 की बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर डीआईओएस कार्यालय में खलबली मची है। पिछले साल की तरह इस बार भी सहायता प्राप्त विद्यालयों को कमियां गिनाकर केंद्र सूची से बाहर रखे जाने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने की गोटें बिछाई जाने लगी हैं।
साल 2014 में करीब 65 हजार व्यक्तिगत एवं संस्थागत परीक्षार्थियों के लिए 126 परीक्षा केंद्रों का गठन किया था। उस वक्त ज्यादातर वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल किए जाने से केंद्र निर्धारण की नीति दम तोड़ती हुई नजर आई थी। साल 2015 में जिले से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में करीब 69 हजार संस्थागत और व्यक्तिगत छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है।
इस साल परीक्षा केंद्रों की संख्या में वृद्धि किए जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। यूपी बोर्ड 2015 के लिए डीआईओएस कार्यालय को गाइड लाइन प्राप्त होते ही परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के साथ खिलवाड़ शुरू हो गया है। परीक्षा केंद्र के रूप में भवन के सत्यापन की आड़ में तमाम कमियां बताकर एडेड विद्यालयों को केंद्र सूची से बाहर किए जाने का खेल शुरू हो गया है।
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परीक्षार्थी संख्या निर्धारण में भी खोट
औरैया। बोर्ड परीक्षा में नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए भले ही कार्यालय से लेकर जिला प्रशासन दावा करता रहा हो, लेकिन समय आने पर हर बार उनके दावे की हवा निकलती देखी गई है। इसमें परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति की नजर अंदाजी के साथ ही परीक्षार्थियों की केंद्रवार आवंटन प्रक्रिया भी कम दोषी नहीं है। पिछली बोर्ड परीक्षाओं में एडेड विद्यालयों में बेहतर संसाधन होने के बावजूद परीक्षा केंद्र बनाए गए वित्तविहीन विद्यालयों को अधूरे इंतजामों पर भी अधिक परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं।
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कोट ---
केंद्र निर्धारण की प्राप्त गाइड लाइन अनुसार परीक्षा केंद्र निर्धारण गठित समिति ही विद्यालयों का चयन करेगी। परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होगी।
चंद्रप्रताप सिंह, डीआईओएस
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साल 2014 में करीब 65 हजार व्यक्तिगत एवं संस्थागत परीक्षार्थियों के लिए 126 परीक्षा केंद्रों का गठन किया था। उस वक्त ज्यादातर वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल किए जाने से केंद्र निर्धारण की नीति दम तोड़ती हुई नजर आई थी। साल 2015 में जिले से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में करीब 69 हजार संस्थागत और व्यक्तिगत छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है।
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इस साल परीक्षा केंद्रों की संख्या में वृद्धि किए जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। यूपी बोर्ड 2015 के लिए डीआईओएस कार्यालय को गाइड लाइन प्राप्त होते ही परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के साथ खिलवाड़ शुरू हो गया है। परीक्षा केंद्र के रूप में भवन के सत्यापन की आड़ में तमाम कमियां बताकर एडेड विद्यालयों को केंद्र सूची से बाहर किए जाने का खेल शुरू हो गया है।
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परीक्षार्थी संख्या निर्धारण में भी खोट
औरैया। बोर्ड परीक्षा में नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए भले ही कार्यालय से लेकर जिला प्रशासन दावा करता रहा हो, लेकिन समय आने पर हर बार उनके दावे की हवा निकलती देखी गई है। इसमें परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति की नजर अंदाजी के साथ ही परीक्षार्थियों की केंद्रवार आवंटन प्रक्रिया भी कम दोषी नहीं है। पिछली बोर्ड परीक्षाओं में एडेड विद्यालयों में बेहतर संसाधन होने के बावजूद परीक्षा केंद्र बनाए गए वित्तविहीन विद्यालयों को अधूरे इंतजामों पर भी अधिक परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं।
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कोट ---
केंद्र निर्धारण की प्राप्त गाइड लाइन अनुसार परीक्षा केंद्र निर्धारण गठित समिति ही विद्यालयों का चयन करेगी। परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होगी।
चंद्रप्रताप सिंह, डीआईओएस