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Auraiya News: मौसम परिवर्तन के साथ ही दमा व हृदय रोगियों की बढ़ीं मुश्किलें
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औरैया। सुबह-शाम सर्दी दस्तक दे चुकी है। दोपहर में चटक धूप खिल रही है। मौसम परिवर्तन के साथ ही दमा व हृदय रोगियों की मुश्किलें भी बढ़ने लगीं हैं। अस्पतालों में इन मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया है। मौसम के अनुरूप दिनचर्या व खानपान न बदलने वाले लोग इस मौसमी परिवर्तन का शिकार हो रहे हैं। जिसे देखते हुए डॉक्टर दवा, जांच व अन्य परामर्श के साथ खानपान व सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
इन दिनों सुबह कोहरे की धुंध छाने लगी है। दोपहर की चटक धूप भले ही लोगों को मौसम के परिवर्तन का आभास न होने दे रही हो, लेकिन सुबह शाम सर्दी अपना असर दिखाने लगी है। यही वजह है कि मौसम के इस बदलाव के बीच शहर के 50 शैया अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी में दमा व हृदय रोगियों की बढ़ने लगी है। वहीं सर्दी, जुकाम व बुखार के मामले भी बढ़े हैं।
डॉक्टरों की मानें तो सर्दी की दस्तक के साथ ऐसे मामले बढ़ने लगते हैं। खास तौर पर यह मौसमी परिवर्तन बुजुर्गों के लिए परेशान करने वाला होता है। रक्त गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में हृदय को पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। नसों में खिंचाव होने की वजह से सीने में दर्द उठता है। ब्लड प्रेशर भी बढ़ने लगता है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सीएमएस डॉ. मंजू सचान ने बताया कि इमरजेंसी में दमा व हृदय रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पताल में ऑक्सीजन से लेकर ब्रीथ एनालाइजर सक्रिय हैं, जिन्हें जरूरत के लिहाज से मरीजों के उपचार में प्रयोग किया जा रहा है।
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दस्तक देती सर्दी से सावधानी और बचाव
सांस व हृदय की बीमारी से पीड़ित मरीजों को सर्दी के मौसम में सुबह-शाम का बाहर टहलना बंद कर देना चाहिए। फुल आस्तीन के गर्म कपड़े ही पहनकर बाहर निकलना चाहिए। नाक में धूल न जाए इसके लिए बचाव करना चाहिए। घर में ही योगासन करना चाहिए। घर में इन्हेलर रखना चाहिए।
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खानपान का रखें ध्यान--
डॉक्टर मरीजों को उनके खानपान के प्रति सजग कर रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि बदलते मौसम के साथ ही सेहत का ध्यान रखने के लिए काफी कुछ खानपान बदलना चाहिए। दमा रोगियों को ताजे फल, हरी सब्जियों, साबुत अनाज, फलियां व दालें खानी चाहिए। सूखे मेवों का भी सेवन शुरू कर देना चाहिए।
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इन दिनों सुबह कोहरे की धुंध छाने लगी है। दोपहर की चटक धूप भले ही लोगों को मौसम के परिवर्तन का आभास न होने दे रही हो, लेकिन सुबह शाम सर्दी अपना असर दिखाने लगी है। यही वजह है कि मौसम के इस बदलाव के बीच शहर के 50 शैया अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी में दमा व हृदय रोगियों की बढ़ने लगी है। वहीं सर्दी, जुकाम व बुखार के मामले भी बढ़े हैं।
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डॉक्टरों की मानें तो सर्दी की दस्तक के साथ ऐसे मामले बढ़ने लगते हैं। खास तौर पर यह मौसमी परिवर्तन बुजुर्गों के लिए परेशान करने वाला होता है। रक्त गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में हृदय को पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। नसों में खिंचाव होने की वजह से सीने में दर्द उठता है। ब्लड प्रेशर भी बढ़ने लगता है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सीएमएस डॉ. मंजू सचान ने बताया कि इमरजेंसी में दमा व हृदय रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पताल में ऑक्सीजन से लेकर ब्रीथ एनालाइजर सक्रिय हैं, जिन्हें जरूरत के लिहाज से मरीजों के उपचार में प्रयोग किया जा रहा है।
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दस्तक देती सर्दी से सावधानी और बचाव
सांस व हृदय की बीमारी से पीड़ित मरीजों को सर्दी के मौसम में सुबह-शाम का बाहर टहलना बंद कर देना चाहिए। फुल आस्तीन के गर्म कपड़े ही पहनकर बाहर निकलना चाहिए। नाक में धूल न जाए इसके लिए बचाव करना चाहिए। घर में ही योगासन करना चाहिए। घर में इन्हेलर रखना चाहिए।
खानपान का रखें ध्यान
डॉक्टर मरीजों को उनके खानपान के प्रति सजग कर रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि बदलते मौसम के साथ ही सेहत का ध्यान रखने के लिए काफी कुछ खानपान बदलना चाहिए। दमा रोगियों को ताजे फल, हरी सब्जियों, साबुत अनाज, फलियां व दालें खानी चाहिए। सूखे मेवों का भी सेवन शुरू कर देना चाहिए।