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Auraiya News: कागजों में दर्ज न कब्जामुक्त हुई बेशकीमती जमीन

Thu, 24 Apr 2025 10:20 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Apr 2025 10:20 PM IST
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Precious land not recorded in papers was freed from possession
औरैया। राजस्व मामलों की सुनवाई इन दिनों बहुत तेजी से हो रही है। बुलडोजर की कार्रवाई भी खूब देखने को मिल रही है। प्रत्येक गुरुवार मिशन समाधान में मामले निपटाए जा रहे हैं, लेकिन इस सबके बीच कुछ बड़ी बेशकीमती जमीनों पर प्रशासन की नजर नहीं पड़ी है।
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एक ऐसा ही मामला सदर तहसील के ककराही मौजा का है। यहां पर नियम विरुद्ध हुए पांच एकड़ के पट्टे को जमीन दोबारा से चरागाह के नाम दर्ज करने के लिए एडीएम कोर्ट ने छह माह पहले आदेश दिया था, मगर छह माह बीतने के बाद भी न तो कागजों में चरागाह की जमीन दर्ज हुई और न ही इस बेशकीमती जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया।
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साल 2015-16 में तत्कालीन प्रशासन ने ककराही मौजा में 463-ख की पांच एकड़ जमीन पर फर्जी आवंटन का मामला पकड़ा। तत्कालीन डीएम के आदेश पर कमेटी गठित करते हुए जांच कराई गई। इसमें महेंद्र कुमार समेत पांच लोगों को नियम विरुद्ध आवंटन किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। मामले में अपर जिलाधिकारी कोर्ट में वाद दर्ज कराया गया। साथ ही तत्कालीन डीएम माला श्रीवास्तव ने साल 2016 में शासन को पत्राचार करते हुए नियम विरुद्ध पट्टा आवंटन के मामले में संलिप्त तत्कालीन सरकारी अमले पर कार्रवाई करने को लेकर शासन को पत्राचार किया था।
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वाद सुनवाई के दौरान एडीएम कोर्ट से सितंबर 2024 में जमीन का आवंटन नियम विरुद्ध पाते हुए जमीन को दोबारा से चरागाह में दर्ज करने का आदेश दिया गया। साथ ही इस जमीन को ग्राम सभा को कब्जा दिलाने का भी आदेश सदर तहसीलदार को दिया गया। आदेश जारी हुए छह माह का समय बीत चुका है। मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। अभिलेखों में इस जमीन को दोबारा से चरागाह में दर्ज नहीं किया गया और तो और इस जमीन को कब्जामुक्त कराना भी सरकारी अमला भूल चुका है। औरैया दिबियापुर मार्ग पर इस पांच एकड़ बेशकीमती जमीन पर पांच लोगों का कब्जा अभी भी बरकरार है।
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सदर तहसील से इस मामले में पूछा जाएगा। आदेश के बावजूद अभिलेखों में अंकन क्यों नहीं किया गया। जमीन को ग्राम सभा के सुपुर्द किया जाना है। जल्द ही अभिलेखों में चढ़वाते हुए मिशन समाधान के तहत जमीन पर ग्राम सभा का कब्जा कराया जाएगा। -महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व

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आनन-फानन चरागाह की दर्ज कराई गई अमलबरामद
एडीएम कोर्ट से आदेश जारी हुए छह माह बीत जाने के बाद भी ककराही मौजा में पांच एकड़ जमीन को चरागाह में अमलबरामद न करने वाले तहसील के जिम्मेदार गुरुवार दोपहर बाद हरकत में आए। एडीएम महेंद्र पाल सिंह ने इस पूरे मामले में जब तहसील के अधिकारियों से जवाब तलब किया तो हकीकत सामने आई। तहसील में जल्दबाजी में चरागाह की जमीन को लेकर अमलबरामद दर्ज कराई गई। इसके बाद एडीएम को सूचना दी गई। एडीएम महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि अमलबरामद अभी-अभी दर्ज करा दी गई है। छह माह तक यह काम क्यों नहीं हुआ इस संबंध में तहसील के लिए चिट्ठी जारी की जा रही है।
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