पहेली बन गई औरैया की पूनम की मौत
सिकंदरा क्षेत्र में मिली पूनम की मौत किसी अन्य कारण से नहीं बल्कि फांसी पर लटकने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या कर शव पेड़ पर लटकाने की अटकलों पर विराम लग गया है।
गौरतलब रहे कि सात जनवरी को सिकंदरा थाना क्षेत्र के पाल की मडै़या के निकट एक युवती का शव पेड़ से लटका मिला था। इस मामले में मृतका के फूफा राजू निवासी मटहौली ने पूनम की शिनाख्त की थी। पूनम औरैया से सिकंदरा कैसे आई, उसे कौन लेकर आया। यह सवाल पूनम की मौत के बाद दफन हो गए थे।
इधर, परिजनों द्वारा इस मामले में किसी पर शक न जाहिर करने के कारण पुलिस परिजनों को शक के दायरे में ले आई। सिकंदरा पुलिस को उम्मीद थी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नए तथ्य सामने आएंगे, लेकिन, रिपोर्ट में हैगिंग आने के कारण पुलिस अब नए सिरे से जांच करेगी।
सिकंदरा थानाध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि उन्हें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आखिर किसके कहने पर पूनम ने उठाया कदम- औरैया/ कानपुर देहात। पूनम औरैया के सैनिक कालोनी से सिकंदरा कैसे आई। यह जानने के लिए सिकंदरा पुलिस नए सिरे से जांच में जुटी है। पुलिस पूनम के कालेज में पढ़ने वाले उसके सहपाठियों से भी पूनम के बारे में जानकारी कर रही है।
पुलिस पूनम के स्वभाव आदि के बारे में शिक्षकों के संपर्क में है। इधर, मौत के लिए पूनम ने अपना घर छोड़ कई किलोमीटर दूर फूफा के घर के निकट का स्थान क्यों चुना। इस बात का पता लगाना सिकंदरा पुलिस के लिए आसान नहीं है।
मृतका के पिता गजराज सिंह की माने तो पूनम के पास कोई मोबाइल नहीं था। पिता की बात पर यकीन करें तो इस दशा में मोबाइल न रखने वाली छात्रा कालेज से इतनी दूर कैसे और किसके कहने पर आई।
पुलिस को शक है कि पूनम किसी परिचित के साथ ही आई होगी। यह परिचित कौन है। इसे खोजने के लिए पुलिस सिकंदरा से लेकर औरैया तक उसके सभी रिश्तेदारों तक मौजूद सभी से पूछताछ कर रही है।