{"_id":"585ec3464f1c1bfd65e3a1f8","slug":"police-picked-up-the-bodies-from-the-railway-track-in-the-border-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा विवाद में पुलिस ने रेल ट्रैक से नहीं उठाया शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमा विवाद में पुलिस ने रेल ट्रैक से नहीं उठाया शव
auraiya,amar ujala beauro
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
train accident
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस की मानवीय संवेदनाएं किस हद तक शून्य हो चुकी हैं। इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है। शुक्रवार रात दस बजे पूर्वी केबिन के पास एक वृद्धा की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। लेकिन सीमा विवाद में पुलिस नही पहुंची। पूरी रात शव के ऊपर से ट्रेेने गुजरती रहीं।
अछल्दा रेलवे स्टेशन से पूर्वी केबिन की तरफ होम सिग्नल के पास शुक्रवार रात करीब दस बजे एक वृद्ध महिला की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। आसपास के लोगों ने जब ट्रेन से टकराने की आवाज सुनी। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो वृद्ध महिला का शव अप लाइन के रेलवे ट्रक पर पड़ा था। लोगों ने थाना पुलिस और रेलवे पुलिस को भी सूचना दी। लेकिन जीआरपी और सिविल पुलिस एक-दूसरे पर पल्ला झाड़कर पहुंचे ही नही। सीमा विवाद में मामला फंसने से रात भर शव रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा।
शव के ऊपर से ट्रेनें गुजरती रही। शनिवार सुबह जीआरपी पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान लौंगश्री (62) पत्नी मेवाराम निवासी गांव नगररिया के रूप में हुई। पुलिस की इस कार्यशैली की लोगों ने कड़ी निंदा की है। मामले में फफूंद जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि सिविल पुलिस के न आने पर शनिवार सुबह शव को ट्रैक से हटवाकर पोष्टमार्टम के लिए भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अछल्दा रेलवे स्टेशन से पूर्वी केबिन की तरफ होम सिग्नल के पास शुक्रवार रात करीब दस बजे एक वृद्ध महिला की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। आसपास के लोगों ने जब ट्रेन से टकराने की आवाज सुनी। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो वृद्ध महिला का शव अप लाइन के रेलवे ट्रक पर पड़ा था। लोगों ने थाना पुलिस और रेलवे पुलिस को भी सूचना दी। लेकिन जीआरपी और सिविल पुलिस एक-दूसरे पर पल्ला झाड़कर पहुंचे ही नही। सीमा विवाद में मामला फंसने से रात भर शव रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा।
विज्ञापन
शव के ऊपर से ट्रेनें गुजरती रही। शनिवार सुबह जीआरपी पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान लौंगश्री (62) पत्नी मेवाराम निवासी गांव नगररिया के रूप में हुई। पुलिस की इस कार्यशैली की लोगों ने कड़ी निंदा की है। मामले में फफूंद जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि सिविल पुलिस के न आने पर शनिवार सुबह शव को ट्रैक से हटवाकर पोष्टमार्टम के लिए भेजा गया।
विज्ञापन