{"_id":"61eda0fd11e13f409520404d","slug":"po-citcal-auraiya-news-knp6769315154","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया के प्लेटफार्मों पर मची प्रचार की होड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया के प्लेटफार्मों पर मची प्रचार की होड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिबियापुर (औरैया)। इस बार का विधानसभा चुनाव हाईटेक होने जा रहा है। चुनावी रैलियों और जुलूसों पर रोक के बाद प्रत्याशी सोशल मीडिया के जानकार युवाओं से संपर्क में जुट गए हैं। जानकारी प्रत्याशियों के सोशल मीडिया एकाउंट से मतदाताओं को जोड़ रहे हैं।
कोरोना महामारी के कारण चुनाव आयोग ने फिलहाल रोडशो और चुनावी रैलियों पर रोक लगा रखी है। छोटी छोटी टोलियों में घर-घर प्रचार की ही अनुमति है। चूंकि ज्यादातर मतदाताओं के पास एंड्राइड फोन हैं, इसलिए सोशल मीडिया पर भी प्रचार पर जोर दिया जा रहा है। प्रमुख दलों ने प्रदेश स्तर से सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू भी कर दिया है।
इसे देखते हुए प्रत्याशी स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया के जानकार और सक्रिय युवाओं से संपर्क करने लगे हैं। कुछ युवाओं के जरिये पार्टी और प्रत्याशी की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कराया जाने लगा है।
विज्ञापन
ईवेंट मैनेजमेंट से जुड़े देवेश राजपूत ने बताया कि सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशी के ज्यादा से ज्यादा फालोवर्स होना जरूरी है। फिलहाल जानकारी युवाओं के माध्यम से प्रत्याशियों के फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया एकाउंट से अधिक से अधिक फालोवर जोड़ने का काम किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो, स्लोगन के लिए ईवेंट मैनेजर एवं पीआर एजेंसियों से भी संपर्क किया जाने लगा है।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के कारण चुनाव आयोग ने फिलहाल रोडशो और चुनावी रैलियों पर रोक लगा रखी है। छोटी छोटी टोलियों में घर-घर प्रचार की ही अनुमति है। चूंकि ज्यादातर मतदाताओं के पास एंड्राइड फोन हैं, इसलिए सोशल मीडिया पर भी प्रचार पर जोर दिया जा रहा है। प्रमुख दलों ने प्रदेश स्तर से सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू भी कर दिया है।
विज्ञापन
इसे देखते हुए प्रत्याशी स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया के जानकार और सक्रिय युवाओं से संपर्क करने लगे हैं। कुछ युवाओं के जरिये पार्टी और प्रत्याशी की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कराया जाने लगा है।
विज्ञापन
ईवेंट मैनेजमेंट से जुड़े देवेश राजपूत ने बताया कि सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशी के ज्यादा से ज्यादा फालोवर्स होना जरूरी है। फिलहाल जानकारी युवाओं के माध्यम से प्रत्याशियों के फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया एकाउंट से अधिक से अधिक फालोवर जोड़ने का काम किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो, स्लोगन के लिए ईवेंट मैनेजर एवं पीआर एजेंसियों से भी संपर्क किया जाने लगा है।