फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Permits of 10 buses surrendered due to auto registration exceeding capacity

Auraiya News: क्षमता से अधिक ऑटो रजिस्ट्रेशन से 10 बसों के परमिट सरेंडर

Sun, 24 Sep 2023 11:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 Sep 2023 11:49 PM IST
विज्ञापन
Permits of 10 buses surrendered due to auto registration exceeding capacity
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

औरैया। शासन स्तर से जिले में पंजीकृत ऑटो की क्षमता एक हजार निर्धारित है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की सर्वे में जिले भर की सड़कों पर चार हजार से ज्यादा ऑटो फर्राटा भर रहे हैं। तादाद इस कदर बढ़ी है कि परमिट पर संचालित बसों के संचालन से मुनाफा तो छोड़िए लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। पिछले छह माह में जिले की 10 परमिट आधारित बसों को संचालकों ने सरेंडर कर दिया है। अधिकारियों ने वजह तलाशी तो ऑटो की बढ़ी तादाद सामने आई है।
ककोर स्थित संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में आठ सौ के करीब ऑटो का रजिस्ट्रेशन है। जिले में शासन स्तर से 1000 ऑटो संचालित होने की क्षमता निर्धारित है, लेकिन एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों की समीक्षा में जिले के विभिन्न रूटों पर चार हजार के करीब ऑटो फर्राटा भर रहे हैं। सीमा से सटे पड़ोसी जनपदों के ऑटो चालक भी जिले में घुस आ रहे हैं।
विज्ञापन

सुरक्षा के लिहाज से खरी मानी जाने वाली बसें घाटे में जाने लगी हैं। जल्दबाजी के चक्कर में सवारियां शहर कस्बों के आवागमन को लेकर ऑटो से सफर करती हैं, लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से पिछले पांच सालों में जिस कदर से नियमों को दरकिनार कर ऑटो पंजीकृत किए गए हैं, उसका खामियाजा बस संचालकों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर बुनियादी खामियों पर काम शुरू करने की तैयारी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों अजीतमल, ऐरवाकटरा, बिधूना, बेला, अछल्दा, औरैया व सहार में बड़े पैमाने पर ऑटो के संचालन को लेकर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।

ऑटो के पीछे की मंशा थी स्वरोजगार, लोगों ने बना दिया उद्योग
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक सीएनजी आधारित ऑटो के संचालन की शुरुआत मध्यम वर्ग के बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास था। चालक बनकर वह परिवार का भरण-पोषण करते, लेकिन कुछ लोगों ने इसे उद्योग बनाकर बेरोजगारों को मेहनताने तक सीमित कर दिया है। सूत्रों की माने तो जिले में कई लोग ऐसे हैं जिनके द्वारा ऑटो खरीदकर दूसरे लोगों से चलवाए जा रहे हैं। रोजाना का मेहनताना से लेकर किराया की व्यवस्था अपनाई जा रही है। पुलिस व प्रशासन की सख्ती के अभाव में दिनों दिन ऑटो की संख्या बढ़ती जा रही है।

औरैया-दिबियापुर-बेला-बिधूना रूट पर संचालित थी 15 बसें, अब महज तीन
जिले की अहम मार्ग में शामिल औरैया-दिबियापुर-बेला-बिधूना पर परमिट आधारित प्राइवेट बसों की संख्या छह वर्ष पूर्व 15 थी। वर्तमान समय में महज तीन बसें ही इस रूट पर चलती हैं। बस संचालक अशोक कपूर ने बताया कि बस का संचालन बमुश्किल कराया जा रहा है। प्रति वर्ष औसतन घाटा ही हो रहा है।


ऑटो की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। अन्य जनपदों के ऑटो जिले की सीमा दाखिल न हो इसे लेकर प्रवर्तन टीम की चौकसी बढ़ा दी गई है। जल्द ही बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान को चिह्नित रूटों पर कराया जाएगा। परमिट आधारित बसों का सरेंडर रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - अशोक कुमार, एआरटीओ औरैया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article