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कोहरे और सर्दी से कंपकंपाए लोग, 14 मीटर रही दृश्यता
अमर उजाला ब्यूरो/औरैया
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:22 PM IST
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हाईवे पर कोहरा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कोहरे और सर्दी से लोग कंपकंपा रहे हैं। सुबह कोहरा गिरने से चालकों को लाइट जलानी पड़ रही है। गुरुवार को सुबह से बदली छाई रही। दस बजे के साथ बदल छंटने पर लोगों ने राहत की सांस ली। कोहरे के कारण दृश्यता 14 मीटर तक रही।
पारा लुढ़ककर 11 डिग्री पहुंच गया। पिछले सप्ताह सुबह और शाम के समय गलन भरी सर्दी रहने और दिन में तेज धूप खिलने का रहा, लेकिन बुधवार से शुरू हुए कोहरे की परत गुरुवार को कुछ ज्यादा ही छाई रही। सुबह छह बजे से लेकर दस बजे तक कोहरे की धुंध छाई रही। वहीं गलन भरी सर्दी ने बुजुर्गों को रजाई में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद सूरज और बादलों के मध्य आंख मिचौली का खेल चलता रहा। शाम ढलते ही सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरन का अहसास करा दिया।
गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे आम जनजीवन खासा प्रभावित हुआ। शाम ढलते ही शहर के अधिकांश स्थानों पर लोग अलाव तापते नजर आए। पहाड़ों में हुई बर्फबारी के कारण सुबह शाम जबरदस्त सर्दी का अहसास हो रहा है। वहीं, पिछले दो दिनों से सूर्य देवता की गर्मी में भी कमी आई है। इससे मौसम और अधिक सर्द महसूस हो रहा है।
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मौसम वैज्ञानिक संदीप सिंह का कहना कि गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्धता 54 दर्ज की गई, जबकि कोहरे की दृश्यता न्यूनतम तीन मीटर व अधिकतम 14 मीटर दर्ज की गई। फिलहाल मौसम सामान्य रहने वाला है। 29 दिसंबर को बादल छाने के साथ हल्की-फुल्की बूंदाबांदी का अनुमान है।
आलू व सब्जियों के लिए कोहरा घातक
कोहरे का सबसे ज्यादा प्रभाव आलू की फसल पर पड़ता है। अगर कई दिन तक कोहरे की वजह से सूरज की किरणें दिखाई न दें तो आलू की फसल में झुलसा रोग लग जाता है, जिससे फसल एक हफ्ते में ही खत्म हो जाती है। गेहूं की फसल में गेरूई बीमारी नामक रोग लगता है, जिसमें फसल की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और धीरे धीरे फसल बर्बाद होने लगती है। हालांकि अगर कम कोहरा रहे तो गेहूं की फसल को बहुत फायदा होता है। आलू और गेहूं की फसल पर कोहरे के प्रभाव को रोकने के लिए समय समय पर हल्की सिंचाई करते रहें। मटर और लाही की बात की जाए तो इन फसलों में भी कोहरा बहुत नुकसान देता है। लाही का फूल झड़ जाता है, जिससे पैदावार घट जाती है।
कृषि उपनिदेशक विजय कुमार ने बताया कि किसान अपनी फसलों के बचाव के लिए कृषि विभाग द्वारा सुझाई गई बातों पर अमल करें। जब कई दिन तक सूरज दिखाई न दे तो प्राथमिक उपचार के तौर हल्की सिंचाई जरूर करें। कोहरे में फसलों को लगने वाला मर्ज तेजी से बढ़ता है। किसान हल्का सा भी मर्ज दिखाई देने पर फौरन दवाओं का स्प्रे करें। विभाग द्वारा किसानों को गोष्ठियों के माध्यम से कोहरे से फसलों में होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है। गेहूं की फसल पर कोहरे का कोई ज्यादा विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है।
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पारा लुढ़ककर 11 डिग्री पहुंच गया। पिछले सप्ताह सुबह और शाम के समय गलन भरी सर्दी रहने और दिन में तेज धूप खिलने का रहा, लेकिन बुधवार से शुरू हुए कोहरे की परत गुरुवार को कुछ ज्यादा ही छाई रही। सुबह छह बजे से लेकर दस बजे तक कोहरे की धुंध छाई रही। वहीं गलन भरी सर्दी ने बुजुर्गों को रजाई में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद सूरज और बादलों के मध्य आंख मिचौली का खेल चलता रहा। शाम ढलते ही सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरन का अहसास करा दिया।
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गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे आम जनजीवन खासा प्रभावित हुआ। शाम ढलते ही शहर के अधिकांश स्थानों पर लोग अलाव तापते नजर आए। पहाड़ों में हुई बर्फबारी के कारण सुबह शाम जबरदस्त सर्दी का अहसास हो रहा है। वहीं, पिछले दो दिनों से सूर्य देवता की गर्मी में भी कमी आई है। इससे मौसम और अधिक सर्द महसूस हो रहा है।
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मौसम वैज्ञानिक संदीप सिंह का कहना कि गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्धता 54 दर्ज की गई, जबकि कोहरे की दृश्यता न्यूनतम तीन मीटर व अधिकतम 14 मीटर दर्ज की गई। फिलहाल मौसम सामान्य रहने वाला है। 29 दिसंबर को बादल छाने के साथ हल्की-फुल्की बूंदाबांदी का अनुमान है।
आलू व सब्जियों के लिए कोहरा घातक
कोहरे का सबसे ज्यादा प्रभाव आलू की फसल पर पड़ता है। अगर कई दिन तक कोहरे की वजह से सूरज की किरणें दिखाई न दें तो आलू की फसल में झुलसा रोग लग जाता है, जिससे फसल एक हफ्ते में ही खत्म हो जाती है। गेहूं की फसल में गेरूई बीमारी नामक रोग लगता है, जिसमें फसल की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और धीरे धीरे फसल बर्बाद होने लगती है। हालांकि अगर कम कोहरा रहे तो गेहूं की फसल को बहुत फायदा होता है। आलू और गेहूं की फसल पर कोहरे के प्रभाव को रोकने के लिए समय समय पर हल्की सिंचाई करते रहें। मटर और लाही की बात की जाए तो इन फसलों में भी कोहरा बहुत नुकसान देता है। लाही का फूल झड़ जाता है, जिससे पैदावार घट जाती है।
कृषि उपनिदेशक विजय कुमार ने बताया कि किसान अपनी फसलों के बचाव के लिए कृषि विभाग द्वारा सुझाई गई बातों पर अमल करें। जब कई दिन तक सूरज दिखाई न दे तो प्राथमिक उपचार के तौर हल्की सिंचाई जरूर करें। कोहरे में फसलों को लगने वाला मर्ज तेजी से बढ़ता है। किसान हल्का सा भी मर्ज दिखाई देने पर फौरन दवाओं का स्प्रे करें। विभाग द्वारा किसानों को गोष्ठियों के माध्यम से कोहरे से फसलों में होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है। गेहूं की फसल पर कोहरे का कोई ज्यादा विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है।