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Auraiya News: खांसी के उमड़ रहे मरीज, बिना सीबीसी कैसे पता चलेगा संक्रमण
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। मौसम में तब्दीली के साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में इन मरीजों में संक्रमण का पता करने के लिए टोटल ल्यूकोसाइट काउंट (टीएलसी) की बढ़ोतरी का आंका जाना जरूरी होता है।
इसका पता सीबीसी जांच से चलता है, लेकिन जिले की चार सीएचसी पर रीजेंट के अभाव में सीबीसी जांचे बंद हैं। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट पैथाेलाॅजी का सहारा लेना पड़ रहा है। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को जिले की प्रत्येक सीएचसी पर मरीजों की भीड़ उमड़ी। बिधूना, सहार, अजीतमल व दिबियापुर में जुखाम, बुखार व खांसी के मरीज बहुतायत में पहुंचे। सीने में जकड़न की समस्या से बच्चे, बुजुर्ग से युवा मरीज भी सामने आए। चिकित्सीय परामर्श में मरीज की टीएलसी का आकलन जरूरी होता है।
ऐसे में सीबीसी जांच होना भी जरूरी है, लेकिन पिछले 20 दिनों से रीजेंट का अभाव है। ऐसे में मरीज जरूरी जांच के लिए प्राइवेट पैथाेलाॅजी का रुख कर रहे हैं। जहां 200-300 रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। बड़े पैमाने पर लोगों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। सीधे तौर पर प्राइवेट पैथाेलाॅजी की पौबारह हो रही है। सीएचसी प्रभारी जल्द रीजेंट आने की बात कहकर सीबीसी जांचे शुरू कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन दिन पर दिन बीतते जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी भी मामले में कुछ बताने से किनारा कर रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार-- -
रीजेंट उपलब्ध हैं। किसने-किसने मांग पत्र दिया है। इसकी जानकारी की जाएगी। साथ ही उनको रीजेंट उपलब्ध कराया जाएगा।
-शिशिर पुरी, एसीएमओ।
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औरैया। मौसम में तब्दीली के साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में इन मरीजों में संक्रमण का पता करने के लिए टोटल ल्यूकोसाइट काउंट (टीएलसी) की बढ़ोतरी का आंका जाना जरूरी होता है।
इसका पता सीबीसी जांच से चलता है, लेकिन जिले की चार सीएचसी पर रीजेंट के अभाव में सीबीसी जांचे बंद हैं। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट पैथाेलाॅजी का सहारा लेना पड़ रहा है। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को जिले की प्रत्येक सीएचसी पर मरीजों की भीड़ उमड़ी। बिधूना, सहार, अजीतमल व दिबियापुर में जुखाम, बुखार व खांसी के मरीज बहुतायत में पहुंचे। सीने में जकड़न की समस्या से बच्चे, बुजुर्ग से युवा मरीज भी सामने आए। चिकित्सीय परामर्श में मरीज की टीएलसी का आकलन जरूरी होता है।
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ऐसे में सीबीसी जांच होना भी जरूरी है, लेकिन पिछले 20 दिनों से रीजेंट का अभाव है। ऐसे में मरीज जरूरी जांच के लिए प्राइवेट पैथाेलाॅजी का रुख कर रहे हैं। जहां 200-300 रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। बड़े पैमाने पर लोगों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। सीधे तौर पर प्राइवेट पैथाेलाॅजी की पौबारह हो रही है। सीएचसी प्रभारी जल्द रीजेंट आने की बात कहकर सीबीसी जांचे शुरू कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन दिन पर दिन बीतते जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी भी मामले में कुछ बताने से किनारा कर रहे हैं।
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रीजेंट उपलब्ध हैं। किसने-किसने मांग पत्र दिया है। इसकी जानकारी की जाएगी। साथ ही उनको रीजेंट उपलब्ध कराया जाएगा।
-शिशिर पुरी, एसीएमओ।