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Auraiya News: टूटी खिड़कियों से लू के थपेड़े झेल रहे यात्री
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औरैया। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर रोडवेज डिपो के अधिकारी सजग नहीं हैं। प्रतीक्षालय के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। पुरानी बसों के शीशे भी दुरुस्त न होने से लू के थपेड़े भी झेलना यात्रियों की मजबूरी बन गया है।
रोडवेज डिपो में विभिन्न मार्गों पर संचालन के लिए वैसे तो बसों की संख्या 72 है। इन दिनों लोकसभा चुनाव के चलते 21 बसों को मतदान व सुरक्षा कर्मियों को मतदान केंद्र तक लाने व ले जाने के लिए प्रशासन ने अधिग्रहीत कर रखा है। शेष बचीं 51 बसों से रूटों पर संचालन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जो बसें नई थीं या अच्छी स्थिति में थीं, उन्हें चुनाव ड्यूटी में भेजा गया है।
पुरानी बसों से रूटों को कवर किया जा रहा है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को समय से बसों के न मिलने से परेशान होना पड़ रहा है। इस समय दोपहर के तेज धूप देखने को मिल रही है। ऐसे में भीषण गर्मी को देखते हुए दोपहर के समय पहले जैसी सवारियां देखने को नहीं मिल रहीं हैं, लेकिन जो सवारियां निकल भी रहीं हैं। उन्हें काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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प्रतिक्षालय का धूप में तपता है टिनशेड
डिपो परिसर में प्रतीक्षालय तो है, लेकिन तपती टिनशेड के कारण लोगों को वहां बैठना मुश्किल हो रहा है। डिपो परिसर में यात्रियों के लिए वाटर कूलर तो है, लेकिन कूलिंग सिस्टम काम न करने के चलते यात्रियों को गर्म पानी ही मिल रहा है। तेज धूप में खड़ी रहने वाली बसों से यात्री सफर करने को मजबूर हैं।
पुरानी बसे चलने में की तेज खड़खड़ाहट भरी आवाज करती हैं। शीशे खराब होने की वजह से यात्री लू के थपेड़ों को भी झेलने को मजबूर हैं। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है। गुरुवार को दोपहर में यात्रियों की कमी के चलते रोडवेज डिपो की कानपुर जाने वाली कई बसें सुभाष चौराहे पर खड़े होकर सवारियां का इंतजार करती दिखीं। तो वहीं आगरा जाने के लिए बस की व्यवस्था न होने से यात्री डिपो के बाहर धूप में इंतजार करते दिखाई दिए।
वर्जन
डिपो में मरम्मत के बाद पूरी तरह से ठीक होने पर बसों को रूटों पर भेजा जाता है। यात्रियों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय है। ठंडे पानी के लिए कूलर ठीक कराया जा चुका है। यदि कहीं अव्यवस्था है तो उसे ठीक कराया जाएगा। हालांकि अभी तक किसी तरह की जानकारी किसी यात्री ने नहीं दी है।
अपर्णा मीनाक्षी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
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रोडवेज डिपो में विभिन्न मार्गों पर संचालन के लिए वैसे तो बसों की संख्या 72 है। इन दिनों लोकसभा चुनाव के चलते 21 बसों को मतदान व सुरक्षा कर्मियों को मतदान केंद्र तक लाने व ले जाने के लिए प्रशासन ने अधिग्रहीत कर रखा है। शेष बचीं 51 बसों से रूटों पर संचालन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जो बसें नई थीं या अच्छी स्थिति में थीं, उन्हें चुनाव ड्यूटी में भेजा गया है।
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पुरानी बसों से रूटों को कवर किया जा रहा है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को समय से बसों के न मिलने से परेशान होना पड़ रहा है। इस समय दोपहर के तेज धूप देखने को मिल रही है। ऐसे में भीषण गर्मी को देखते हुए दोपहर के समय पहले जैसी सवारियां देखने को नहीं मिल रहीं हैं, लेकिन जो सवारियां निकल भी रहीं हैं। उन्हें काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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प्रतिक्षालय का धूप में तपता है टिनशेड
डिपो परिसर में प्रतीक्षालय तो है, लेकिन तपती टिनशेड के कारण लोगों को वहां बैठना मुश्किल हो रहा है। डिपो परिसर में यात्रियों के लिए वाटर कूलर तो है, लेकिन कूलिंग सिस्टम काम न करने के चलते यात्रियों को गर्म पानी ही मिल रहा है। तेज धूप में खड़ी रहने वाली बसों से यात्री सफर करने को मजबूर हैं।
पुरानी बसे चलने में की तेज खड़खड़ाहट भरी आवाज करती हैं। शीशे खराब होने की वजह से यात्री लू के थपेड़ों को भी झेलने को मजबूर हैं। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है। गुरुवार को दोपहर में यात्रियों की कमी के चलते रोडवेज डिपो की कानपुर जाने वाली कई बसें सुभाष चौराहे पर खड़े होकर सवारियां का इंतजार करती दिखीं। तो वहीं आगरा जाने के लिए बस की व्यवस्था न होने से यात्री डिपो के बाहर धूप में इंतजार करते दिखाई दिए।
वर्जन
डिपो में मरम्मत के बाद पूरी तरह से ठीक होने पर बसों को रूटों पर भेजा जाता है। यात्रियों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय है। ठंडे पानी के लिए कूलर ठीक कराया जा चुका है। यदि कहीं अव्यवस्था है तो उसे ठीक कराया जाएगा। हालांकि अभी तक किसी तरह की जानकारी किसी यात्री ने नहीं दी है।
अपर्णा मीनाक्षी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज