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पुरानी किताबें, पुरानी ड्रेेस सिर्फ सत्र नया
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:10 AM IST
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पब्लिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर उप्र बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों का नवीन शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू तो कर दिया। लेकिन बच्चों ने पास न तो नई किताबें है और न ही यूनीफार्म। ऐसे में पढ़ाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। नवीन सत्र के लिए यूनीफार्म, पाठ्य पुस्तकें और पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से अब तक कवायद शुरू नहीं हुई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के आदेश पर जिले के परिषदीय विद्यालयों में शुक्रवार से शिक्षा का नवीन सत्र शुरू हो गया है। इसके तहत 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के शत प्रतिशत नामांकन के लिए 30 मार्च से स्कूल चलो अभियान भी जारी है। यही नहीं जिला प्रशासन की ओर से भी नए शिक्षा सत्र के शुरू होने से पहले स्कूलों में साफ-सफाई के साथ शौचालय और हैंडपंपों को प्रयोग लायक बनाए जाने के निर्देश जारी कर दिए गए थे। नए शिक्षा सत्र के शुरुआत के साथ ही बच्चों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने अब तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गर्मी की छूट्टी से पहले बच्चों को नई किताबें मिल जाएंगी। हालांकि विभाग की कार्यशैली से यह संभव नजर नहीं आ रहा है।
अब तक नहीं कराया गया टेंडर
औरैया। नए सत्र में बच्चों को नई पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से अब तक टेंडर प्रक्रिया की ही शुरुआत नहीं हो सकी है। विकल्प के तौर पर विभाग ने बच्चों को पुरानी किताबें दिए जाने का आदेश दिया है। एक साल पुरानी किताबें किस हालत में होंगी, यह बात विभाग भी अच्छी तरह समझ सकता है।
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नए शिक्षा सत्र में बच्चों का पुरानी किताबें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शुरुआती दौर की पढ़ाई पुरानी किताबों से ही होगी।
राजेश कुमार श्रीवास
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बेसिक शिक्षा विभाग के आदेश पर जिले के परिषदीय विद्यालयों में शुक्रवार से शिक्षा का नवीन सत्र शुरू हो गया है। इसके तहत 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के शत प्रतिशत नामांकन के लिए 30 मार्च से स्कूल चलो अभियान भी जारी है। यही नहीं जिला प्रशासन की ओर से भी नए शिक्षा सत्र के शुरू होने से पहले स्कूलों में साफ-सफाई के साथ शौचालय और हैंडपंपों को प्रयोग लायक बनाए जाने के निर्देश जारी कर दिए गए थे। नए शिक्षा सत्र के शुरुआत के साथ ही बच्चों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने अब तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गर्मी की छूट्टी से पहले बच्चों को नई किताबें मिल जाएंगी। हालांकि विभाग की कार्यशैली से यह संभव नजर नहीं आ रहा है।
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अब तक नहीं कराया गया टेंडर
औरैया। नए सत्र में बच्चों को नई पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से अब तक टेंडर प्रक्रिया की ही शुरुआत नहीं हो सकी है। विकल्प के तौर पर विभाग ने बच्चों को पुरानी किताबें दिए जाने का आदेश दिया है। एक साल पुरानी किताबें किस हालत में होंगी, यह बात विभाग भी अच्छी तरह समझ सकता है।
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नए शिक्षा सत्र में बच्चों का पुरानी किताबें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शुरुआती दौर की पढ़ाई पुरानी किताबों से ही होगी।
राजेश कुमार श्रीवास
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी