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Auraiya News: अब कड़ाही, भगौना, लैक्टोमीटर व गैस भट्ठी देकर ओडीओपी को चमकाने की कोशिश

Sat, 09 Nov 2024 12:47 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Nov 2024 12:47 AM IST
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Now an attempt is being made to brighten ODOP by providing pan, steamer, lactometer and gas furnace.
औरैया। एक जिला एक उत्पाद में शामिल घी के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए तेजी दिखाई जा रही है। सात साल से लोगों को ट्रेनिंग देने का काम किया गया। लेकिन कोई खास पहचान नहीं मिल सकी। अब ट्रेनिंग पा चुके लोगों को कड़ाही, भगौना, लैक्टोमीटर व गैस भट्ठी देकर ओडीओपी को पहचान दिलाने की कवायद की जाएगी।
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दरअसल प्रदेश सरकार की ओर संचालित एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत औरैया जिले में घी के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए शामिल किया गया है। यह अलग बात है कि पिछले सात साल से संचालित इस योजना के तहत जिले में इस कारोबार को कोई खास फायदा नहीं हो सका है। मामला पात्राें को चयनित कर उन्हें ट्रेनिंग देने तक ही सिमटा हुआ है। जिले से किसी बड़ी ब्रांड ने अब तक बाजार में अपनी पहचान नहीं बनाई है। इन सबके बीच विभाग की ओर से उन लोगों को घी बनाने का किट बांटने की तैयारी है, जिन्हें योजना के तहत शामिल कर विभाग की ओर से विशेषज्ञों की मदद से घी बनाने की ट्रेनिंग दी गई है। उन सभी को घी बनाने के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरण की एक किट उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वह उसकी मदद से घी बनाकर उससे आर्थिक लाभ उठा सकें।
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जरूरी मदद न मिलने से सिमट रहा है कारोबार
औरैया के ग्रामीण क्षेत्र में पहले घी बनाने का काम बड़े पैमाने पर होता था। ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार से ज्यादा भट्ठियों पर घी बनाया जाता था। करीब दो दशक पहले तक रोजाना 30 से 35 क्विंटल घी की बिक्री होती थी। शहर में ही कई मंडियां लगती थीं। अब इसमें काफी गिरावट आई है। अब एक दिन में पुराने कारोबारी बमुश्किल 100 किलो ही घी बेच पा रहे हैं। अब ग्राहकों का मिजाज बदला है। वह लोकल उत्पाद के बजाए पैकिंग वाले घी को तरजीह दे रहे हैं। ऐसे में सभी की निगाहें ओडीओपी पर टिकी हैं। बाजार उपलब्ध करवाने के लिए भी सरकारी तंत्र काम नहीं आ रहा है।
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किट में यह चीजें हैं शामिल
जिला उद्योग केंद्र की ओर से चयनित 300 लाभार्थियों को अलग-अलग समय में 10 दिनों तक ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ट्रेनिंग पाने वालों को अब जो किट उपलब्ध कराई जानी है उसमें कड़ाही, भगौना, लैक्टोमीटर, वजन मशीन, गैस भट्ठी, छननी, केन शामिल हैं। एक किट पर करीब 20 हजार रुपये का खर्च आया है।



ओडीओपी योजना के तहत चयनित पात्रों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें निशुल्क किट दी जानी है। शासन से यह किट उपलब्ध करवा दी गई है। अब शासन स्तर से तैनात नोडल अधिकारी इसका सत्यापन करेंगे। प्रशासन के सहयोग से इसका वितरण करवाया जाएगा।
दुर्गेश कुमार, उपायुक्त उद्योग, औरैया
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