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Auraiya News: तीसरी बार नोटिस जारी कर मांगा गया चालान का ब्योरा
Fri, 02 Feb 2024 12:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 02 Feb 2024 12:48 AM IST
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औरैया। भाऊपुर गांव निवासी स्टेट बैंक में संविदा पर काम कर चुके शिवकांत की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट ने एआरटीओ कार्यालय के चालान अदायगी मामले में गबन का राज खोला था। जिसके बाद कानपुर आरटीओ कार्यालय व लेखाकार की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू कराई थी। दो बार एआरटीओ को पत्र भेजकर एक साल के चालान तलब किए गए। जो अभी तक मुहैया नहीं कराए जा सके हैं। अब तीसरी बार में जोनल अधिकारी स्तर से एआरटीओ को पत्र भेजकर एक साल के चालान का ब्योरा मांगा गया है।
भाऊपुर निवासी दंपती शिवकांत व उसकी पत्नी सीमा ने 28 दिसंबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में सामने आए सुसाइड नोट में एआरटीओ कार्यालय में 19 लाख रुपये के गबन की बात सामने आई। आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर दर्ज हुए मुकदमे में एआरटीओ के लेखाकार ललितकांत कटियार को जेल भेज दिया गया। वहीं दूसरा नामजद आरोपी नेता मिश्रा फरार है। बता दें कि दिबियापुर थाना में एआरटीओ अशोक कुमार ने लेखाकार ललितकांत पर चालान के अभिलेख लापता करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
ऐसे में अभिलेख न होने का हवाला एआरटीओ की ओर से लगातार दिया जा रहा है। गबन की पर्तें फिलहाल खुलती नहीं दिख रही हैं। एक साल के चालान के मांगे गए ब्योरे के तहत बड़ी धांधली होने की चर्चा है। मामले को लेकर लगातार कानपुर एआरटीओ अंबुज व सहायक लेखाधिकारी प्रदीप सिंह की संयुक्त जांच टीम जिले में आ रही है। अभिलेखों को लेकर एआरटीओ को दो बार पत्र से एक साल के चालान जांच टीम ने मांगे हैं। अब तीसरी बार जोनल अधिकारी स्तर से अभिलेख तलब किए जा रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार-- -- -
एक साल के चालान की अदायगी को लेकर दो बार ब्योरा मांगे जाने के बाद भी एआरटीओ औरैया ने अभिलेख मुहैया नहीं कराए हैं। अब जोनल अधिकारी स्तर से अभिलेख मांगे गए हैं। अभिलेख मिलने के बाद ही गबन की वास्तविक हकीकत पता लगेगी।’-प्रदीप कुमार, सहायक लेखाधिकारी आरटीओ कार्यालय कानपुर
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भाऊपुर निवासी दंपती शिवकांत व उसकी पत्नी सीमा ने 28 दिसंबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में सामने आए सुसाइड नोट में एआरटीओ कार्यालय में 19 लाख रुपये के गबन की बात सामने आई। आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर दर्ज हुए मुकदमे में एआरटीओ के लेखाकार ललितकांत कटियार को जेल भेज दिया गया। वहीं दूसरा नामजद आरोपी नेता मिश्रा फरार है। बता दें कि दिबियापुर थाना में एआरटीओ अशोक कुमार ने लेखाकार ललितकांत पर चालान के अभिलेख लापता करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
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ऐसे में अभिलेख न होने का हवाला एआरटीओ की ओर से लगातार दिया जा रहा है। गबन की पर्तें फिलहाल खुलती नहीं दिख रही हैं। एक साल के चालान के मांगे गए ब्योरे के तहत बड़ी धांधली होने की चर्चा है। मामले को लेकर लगातार कानपुर एआरटीओ अंबुज व सहायक लेखाधिकारी प्रदीप सिंह की संयुक्त जांच टीम जिले में आ रही है। अभिलेखों को लेकर एआरटीओ को दो बार पत्र से एक साल के चालान जांच टीम ने मांगे हैं। अब तीसरी बार जोनल अधिकारी स्तर से अभिलेख तलब किए जा रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार
एक साल के चालान की अदायगी को लेकर दो बार ब्योरा मांगे जाने के बाद भी एआरटीओ औरैया ने अभिलेख मुहैया नहीं कराए हैं। अब जोनल अधिकारी स्तर से अभिलेख मांगे गए हैं। अभिलेख मिलने के बाद ही गबन की वास्तविक हकीकत पता लगेगी।’-प्रदीप कुमार, सहायक लेखाधिकारी आरटीओ कार्यालय कानपुर