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Auraiya News: छह माह से अलग फीडर निर्माण को शासन से नहीं मिली संस्तुति
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जीबीसी-4.0 के आगाज के साथ ही इकाइयों के स्थापित होने की कवायद तेज हो गई है, लेकिन पहले से स्थापित इकाइयों को सुविधा देने में कोताही बरती जा रही है। औरैया जिला उद्योग केंद्र को छह माह पहले शासन को भेजे गए एक नए फीडर के प्रस्ताव को अभी तक संस्तुति नहीं मिल सकी है।
जिला उद्योग केंद्र में दाल, आटा से लेकर तमाम तरह के उद्योग लगे हुए हैं। यहां पर सैकड़ों श्रमिक काम करते हैं। इन्हें पानी पीने के लिए उद्योग केंद्र के बाहर जाना पड़ता है, या बोतल में पानी लेकर अंदर आना पड़ता है। सड़क की हालत भी खस्ताहाल है। मालवाहक वाहनों की आवाजाही से सड़क जर्जर हो गई है।
वहीं बिजली की व्यवस्था सामान्य शहर के जैसी ही है। वर्ष 2023 के सितंबर माह में तत्कालीन हुई उद्योग बंधु की बैठक में जिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव व जिले के प्रभारी मंत्री संजय निषाद के सामने उद्यमियों की ओर से सड़क, पानी व बिजली की समस्या का मुद्दा उठाया गया।
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इस पर प्रभारी मंत्री के निर्देश के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने जिला उद्योग केंद्र के आसपास लगी इकाइयों को बिजली की हाईटेक व्यवस्था के लिए अलग से नया फीडर बनाए जाने को तकरीबन 10 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। इसे अभी तक संस्तुति नहीं मिल सकी है। उद्यमी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार अपनी समस्या रख रहे हैं। इसके बावजूद कहीं कोई सुनवाई नहीं होने से वह मायूस हैं।
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क्या बोले उद्यमी-- -
फोटो-26एयूआरपी 09- विजयकांत पुरवार। संवाद
उत्तर प्रदेश में औरैया को छोड़कर अन्य सभी जनपदों में जिला उद्योग केंद्र के लिए निर्बाध बिजली का अलग फीडर स्थापित है। इसके लिए हम लोगों ने सितंबर 2023 को प्रभारी मंत्री संजय निषाद के समक्ष रखी थी। पर अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो सका है। अधिकारी महज प्रस्ताव भेजे जाने का हवाला देकर मामले में आश्वासन दे रहे हैं।
-विजयकांत पुरवार, उद्यमी
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फोटो26एयूआरपी 10- प्रवीन पोरवाल। संवाद
जिला उद्योग केंद्र की मुख्य सड़क जर्जर हो गई है। यहां पर पानी पीने के लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं है। जो हैंडपंप है वह बदबूदार पानी देता है। शहर से बिजली की सप्लाई मिलने के चलते कटौती के दौरान इकाई बंद रहती है। जनरेटर चलाने पर खर्च बढ़ता है। तमाम तरह की समस्याएं बनी हुई हैं।
-प्रवीन पोरवाल, उद्यमी
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वर्जन
कखावतू उपकेंद्र से अंडरग्राउंड लाइन बिछाते हुए दो किमी तक जिला उद्योग केंद्र पर नया फीडर बनाने के लिए छह माह पूर्व प्रस्ताव बना था। इसे शासन को भेजा गया है। संस्तुति मिलने के बाद काम कराया जाएगा।
-लेखराज सिंह, अधिशासी अभियंता
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वर्जन
समस्याओं के निराकरण को लेकर लगातार प्रयास किए जाते हैं। उद्योग बंधु की बैठक में जो भी समस्या बताई जाती है उसे प्रमुखता से दूर कराया जाता है। जल्द ही सड़क व पानी की भी समस्या दूर कराई जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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औरैया। जीबीसी-4.0 के आगाज के साथ ही इकाइयों के स्थापित होने की कवायद तेज हो गई है, लेकिन पहले से स्थापित इकाइयों को सुविधा देने में कोताही बरती जा रही है। औरैया जिला उद्योग केंद्र को छह माह पहले शासन को भेजे गए एक नए फीडर के प्रस्ताव को अभी तक संस्तुति नहीं मिल सकी है।
जिला उद्योग केंद्र में दाल, आटा से लेकर तमाम तरह के उद्योग लगे हुए हैं। यहां पर सैकड़ों श्रमिक काम करते हैं। इन्हें पानी पीने के लिए उद्योग केंद्र के बाहर जाना पड़ता है, या बोतल में पानी लेकर अंदर आना पड़ता है। सड़क की हालत भी खस्ताहाल है। मालवाहक वाहनों की आवाजाही से सड़क जर्जर हो गई है।
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वहीं बिजली की व्यवस्था सामान्य शहर के जैसी ही है। वर्ष 2023 के सितंबर माह में तत्कालीन हुई उद्योग बंधु की बैठक में जिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव व जिले के प्रभारी मंत्री संजय निषाद के सामने उद्यमियों की ओर से सड़क, पानी व बिजली की समस्या का मुद्दा उठाया गया।
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इस पर प्रभारी मंत्री के निर्देश के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने जिला उद्योग केंद्र के आसपास लगी इकाइयों को बिजली की हाईटेक व्यवस्था के लिए अलग से नया फीडर बनाए जाने को तकरीबन 10 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। इसे अभी तक संस्तुति नहीं मिल सकी है। उद्यमी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार अपनी समस्या रख रहे हैं। इसके बावजूद कहीं कोई सुनवाई नहीं होने से वह मायूस हैं।
क्या बोले उद्यमी
फोटो-26एयूआरपी 09- विजयकांत पुरवार। संवाद
उत्तर प्रदेश में औरैया को छोड़कर अन्य सभी जनपदों में जिला उद्योग केंद्र के लिए निर्बाध बिजली का अलग फीडर स्थापित है। इसके लिए हम लोगों ने सितंबर 2023 को प्रभारी मंत्री संजय निषाद के समक्ष रखी थी। पर अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो सका है। अधिकारी महज प्रस्ताव भेजे जाने का हवाला देकर मामले में आश्वासन दे रहे हैं।
-विजयकांत पुरवार, उद्यमी
फोटो26एयूआरपी 10- प्रवीन पोरवाल। संवाद
जिला उद्योग केंद्र की मुख्य सड़क जर्जर हो गई है। यहां पर पानी पीने के लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं है। जो हैंडपंप है वह बदबूदार पानी देता है। शहर से बिजली की सप्लाई मिलने के चलते कटौती के दौरान इकाई बंद रहती है। जनरेटर चलाने पर खर्च बढ़ता है। तमाम तरह की समस्याएं बनी हुई हैं।
-प्रवीन पोरवाल, उद्यमी
वर्जन
कखावतू उपकेंद्र से अंडरग्राउंड लाइन बिछाते हुए दो किमी तक जिला उद्योग केंद्र पर नया फीडर बनाने के लिए छह माह पूर्व प्रस्ताव बना था। इसे शासन को भेजा गया है। संस्तुति मिलने के बाद काम कराया जाएगा।
-लेखराज सिंह, अधिशासी अभियंता
वर्जन
समस्याओं के निराकरण को लेकर लगातार प्रयास किए जाते हैं। उद्योग बंधु की बैठक में जो भी समस्या बताई जाती है उसे प्रमुखता से दूर कराया जाता है। जल्द ही सड़क व पानी की भी समस्या दूर कराई जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ