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नारायण गार्डन होगा सीज, कानूनी सलाह के बाद होगी कार्रवाई
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औरैया। चार दिन की जांच के बाद प्रशासन की नजरें आखिर नारायण गार्डन पर तिरछी हो ही गईं। कानूनी सलाह के बाद नारायण गार्डन सीज की कार्रवाई की जाएगी। पक्का तालाब व हनुमान मंदिर व उसके आसपास की जमीन की जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद जिलाधिकारी के पास शनिवार की देर शाम पहुंची। जिसके बाद जिलाधिकारी ने यह निर्णय लिया है।
शहर के चर्चित दोहरे हत्याकांड के बाद हनुमान मंदिर और पक्का तालाब व उसके आस-पास के निकट जमीन की जांच बहुत की तेजी से की गई। इन जमीनों की न केवल पांच दिनों में अभिलेखों की जांच-पड़ताल के साथ जांच हुई। बल्कि मौके पर जाकर लेखपाल और संबंधित अधिकारियों ने जमीन की नापजोख भी की। जिनकी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के टेबल पर शनिवार की देर शाम पहुंची। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने उन जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लिया। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि पक्का तालाब के निकट जिस जमीन पर नारायण गार्डन बना है, उस जमीन की असल मालकिन रामदेवी पुत्री रामकुमार के नाम दर्ज है। जो जिंदा नहीं है। तहसील लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार गाटा संख्या 115 का कुल रकबा 11.29 एकड़ अभिलेख में दर्ज है। जिसमें 7.60 एकड़ के तालाब के नाम, 0.58 एकड़ सड़क के नाम, 0.65 एकड़ बंजर के नाम और शेष 2.46 एकड़ कास्तकारंो के नाम अभिलेखों में दर्ज है। इसमें 0.36 एकड़ रामदेवी पुत्री रामकुमार निवासी औरैया के नाम दर्ज है। इस जमीन पर विकल्प अवस्थी और कुलदीप अवस्थी पुत्रगण जगदीश अवस्थी (रामू पाठक के साले) निवासी विधीचंद्र का कब्जा है। उन्होंने यहां नारायण गार्डन बनाया हुआ है। इस जमीन पर रामदेवी और उनके वारिसों का किसी का भी कब्जा न होने का जिक्र भी जांच रिपोर्ट में किया गया है। जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विकल्प अवस्थी और कुलदीप अवस्थी की तालाब के आस-पास कोई जगह नहीं हैं। दोनों ने गाटा संख्या 115/1 रकबा 0.36 एकड़ पर गेस्ट हाउस बनाकर दोनों काबिज है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भूमि स्वामी अथवा उनके वारिसों के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हैं। इस संबंध में न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन औरैया के न्यायालय में वाद संख्या 133/2017 यहां अनुरुद्ध कुमार आदि बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आदि विचाराधीन है।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट को देखा है। इसमें एक बार कानूनी सलाह ली जाएगी। जिसके बाद ही गेस्ट हाउस को सीज करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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शहर के चर्चित दोहरे हत्याकांड के बाद हनुमान मंदिर और पक्का तालाब व उसके आस-पास के निकट जमीन की जांच बहुत की तेजी से की गई। इन जमीनों की न केवल पांच दिनों में अभिलेखों की जांच-पड़ताल के साथ जांच हुई। बल्कि मौके पर जाकर लेखपाल और संबंधित अधिकारियों ने जमीन की नापजोख भी की। जिनकी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के टेबल पर शनिवार की देर शाम पहुंची। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने उन जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लिया। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि पक्का तालाब के निकट जिस जमीन पर नारायण गार्डन बना है, उस जमीन की असल मालकिन रामदेवी पुत्री रामकुमार के नाम दर्ज है। जो जिंदा नहीं है। तहसील लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार गाटा संख्या 115 का कुल रकबा 11.29 एकड़ अभिलेख में दर्ज है। जिसमें 7.60 एकड़ के तालाब के नाम, 0.58 एकड़ सड़क के नाम, 0.65 एकड़ बंजर के नाम और शेष 2.46 एकड़ कास्तकारंो के नाम अभिलेखों में दर्ज है। इसमें 0.36 एकड़ रामदेवी पुत्री रामकुमार निवासी औरैया के नाम दर्ज है। इस जमीन पर विकल्प अवस्थी और कुलदीप अवस्थी पुत्रगण जगदीश अवस्थी (रामू पाठक के साले) निवासी विधीचंद्र का कब्जा है। उन्होंने यहां नारायण गार्डन बनाया हुआ है। इस जमीन पर रामदेवी और उनके वारिसों का किसी का भी कब्जा न होने का जिक्र भी जांच रिपोर्ट में किया गया है। जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विकल्प अवस्थी और कुलदीप अवस्थी की तालाब के आस-पास कोई जगह नहीं हैं। दोनों ने गाटा संख्या 115/1 रकबा 0.36 एकड़ पर गेस्ट हाउस बनाकर दोनों काबिज है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भूमि स्वामी अथवा उनके वारिसों के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हैं। इस संबंध में न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन औरैया के न्यायालय में वाद संख्या 133/2017 यहां अनुरुद्ध कुमार आदि बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आदि विचाराधीन है।
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जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट को देखा है। इसमें एक बार कानूनी सलाह ली जाएगी। जिसके बाद ही गेस्ट हाउस को सीज करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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