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Auraiya News: सिंचाई, पीडब्ल्यूडी व वन विभाग की जमीन पर पाए गए थे 900 से ज्यादा कब्जे
Tue, 02 Sep 2025 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 02 Sep 2025 12:09 AM IST
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फोटो 01 एयूआरपी 04 दिबियापुर में मकानों पर नोटिस चस्पा करती सिंचाई विभाग की टीम। संवाद
औरैया। दिबियापुर कस्बे को अतिक्रमण से मुक्त कराने की राह आसान नहीं है। मान सिंह की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका ने अतिक्रमण पर गहरी चोट की थी।
हाईकोर्ट के आदेश पर तत्कालीन डीएम ने तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला को यहां अवैध कब्जों की जांच सौंपी थी। उन्होंने सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी व वन विभाग की जमीनों पर 900 से ज्यादा कब्जों को चिह्नित किया था।
मामले की रिपोर्ट भी कोर्ट में दाखिल की गई थी। इस कड़ी में हर साल कब्जे हटाने के लिए कब्जा कर बनाए गए मकान अतिक्रमण हटाओ अभियान की चपेट में आते हैं, लेकिन अभी तक अतिक्रमण नहीं हटा।
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तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला ने दिबियापुर कस्बे की पांच सड़कों का सर्वे किया था। इसमें कलेक्टरी रोड, फफूंद रोड, सहायल रोड, रामगढ़ बंबा रोड व बिलराया पनवाड़ी मार्ग शामिल था। इस पूरी जांच में सिंचाई विभाग की जमीन पर 318 कब्जे पाए गए थे।
पीडब्ल्यूडी की जमीन पर 339 व वन विभाग की जमीन पर 270 अवैध निर्माण पाए गए थे। इस रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने कोर्ट में जवाब भी दाखिल किया था। जिसकी प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट की ओर से पूछी जाती है।
2024 में ढहाए गए थे 45 मकान
हर साल यह प्रगति रिपोर्ट पूछे जाने पर जिला प्रशासन नोटिस और अतिक्रमण हटाने की जुगत में जुट जाता है। साल 2024 में दिबियापुर नहर बाजार के पूर्वी छोर के 45 मकानों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन्हें ढहा दिया था।
इससे पहले भी वन विभाग की जमीनों से कब्जे हटवाए गए, लेकिन अभी भी जिला प्रशासन दिबियापुर कस्बे को अतिक्रमण मुक्त करने में काफी पीछे है। हाईकोर्ट की ओर से जैसे ही इस मामले की सुध ली जाती है। जिला प्रशासन अपने काम जुट जाता है।
मकानों पर नोटिस चस्पा, 11 तक का अल्टीमेटम
औरैया। दिबियापुर कस्बे में हाल ही में सिंचाई विभाग व पीडब्ल्यूडी की ओर से उनकी जमीनों पर बने मकानों पर नोटिस चस्पा कराए गए हैं। सिंचाई विभाग ने 48 तो पीडब्ल्यूडी ने 300 के करीब मकानों पर नोटिस लगाए हैं। मकान में रह रहे लोगों को 11 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
इस नोटिस में उनके द्वारा अपना पक्ष रखने की मोहलत भी दी गई है। साथ ही साथ भवन हटा लेने व न हटाने की स्थिति में प्रशासन के द्वारा हटा दिए जाने की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही साथ नगर पंचायत कार्यालय में प्रशासन की ओर से कब्जेदारों के साथ बैठक भी हाल ही में की गई है। जिसमें कब्जेदारों की ओर से अपना पक्ष रखा गया था।
जानलेवा हमले भी झेल चुके मान सिंह
औरैया। दिबियापुर कस्बे को जाम से मुक्ति दिलाने और अतिक्रमण हटाने की पीआईएल दाखिल करने वाले मान सिंह की राह कठिन है। मान सिंह का कहना है कि साल 2023 में दिबियापुर कस्बा में अवैध कब्जेदारों की भीड़ ने उनके मकान पर हमला बोल दिया था।
150 के करीब लोग लाठी-डंडे लेकर उनके घर में घुस आए थे। जान से मारने की धमकी भी दी थी। मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। इस मामले को लेकर अक्सर कब्जेदार उन्हें घेरने का प्रयास करते हैं, लेकिन वह अपने संकल्प पर डटे हुए हैं।
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हाईकोर्ट के आदेश पर तत्कालीन डीएम ने तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला को यहां अवैध कब्जों की जांच सौंपी थी। उन्होंने सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी व वन विभाग की जमीनों पर 900 से ज्यादा कब्जों को चिह्नित किया था।
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मामले की रिपोर्ट भी कोर्ट में दाखिल की गई थी। इस कड़ी में हर साल कब्जे हटाने के लिए कब्जा कर बनाए गए मकान अतिक्रमण हटाओ अभियान की चपेट में आते हैं, लेकिन अभी तक अतिक्रमण नहीं हटा।
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तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला ने दिबियापुर कस्बे की पांच सड़कों का सर्वे किया था। इसमें कलेक्टरी रोड, फफूंद रोड, सहायल रोड, रामगढ़ बंबा रोड व बिलराया पनवाड़ी मार्ग शामिल था। इस पूरी जांच में सिंचाई विभाग की जमीन पर 318 कब्जे पाए गए थे।
पीडब्ल्यूडी की जमीन पर 339 व वन विभाग की जमीन पर 270 अवैध निर्माण पाए गए थे। इस रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने कोर्ट में जवाब भी दाखिल किया था। जिसकी प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट की ओर से पूछी जाती है।
2024 में ढहाए गए थे 45 मकान
हर साल यह प्रगति रिपोर्ट पूछे जाने पर जिला प्रशासन नोटिस और अतिक्रमण हटाने की जुगत में जुट जाता है। साल 2024 में दिबियापुर नहर बाजार के पूर्वी छोर के 45 मकानों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन्हें ढहा दिया था।
इससे पहले भी वन विभाग की जमीनों से कब्जे हटवाए गए, लेकिन अभी भी जिला प्रशासन दिबियापुर कस्बे को अतिक्रमण मुक्त करने में काफी पीछे है। हाईकोर्ट की ओर से जैसे ही इस मामले की सुध ली जाती है। जिला प्रशासन अपने काम जुट जाता है।
मकानों पर नोटिस चस्पा, 11 तक का अल्टीमेटम
औरैया। दिबियापुर कस्बे में हाल ही में सिंचाई विभाग व पीडब्ल्यूडी की ओर से उनकी जमीनों पर बने मकानों पर नोटिस चस्पा कराए गए हैं। सिंचाई विभाग ने 48 तो पीडब्ल्यूडी ने 300 के करीब मकानों पर नोटिस लगाए हैं। मकान में रह रहे लोगों को 11 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
इस नोटिस में उनके द्वारा अपना पक्ष रखने की मोहलत भी दी गई है। साथ ही साथ भवन हटा लेने व न हटाने की स्थिति में प्रशासन के द्वारा हटा दिए जाने की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही साथ नगर पंचायत कार्यालय में प्रशासन की ओर से कब्जेदारों के साथ बैठक भी हाल ही में की गई है। जिसमें कब्जेदारों की ओर से अपना पक्ष रखा गया था।
जानलेवा हमले भी झेल चुके मान सिंह
औरैया। दिबियापुर कस्बे को जाम से मुक्ति दिलाने और अतिक्रमण हटाने की पीआईएल दाखिल करने वाले मान सिंह की राह कठिन है। मान सिंह का कहना है कि साल 2023 में दिबियापुर कस्बा में अवैध कब्जेदारों की भीड़ ने उनके मकान पर हमला बोल दिया था।
150 के करीब लोग लाठी-डंडे लेकर उनके घर में घुस आए थे। जान से मारने की धमकी भी दी थी। मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। इस मामले को लेकर अक्सर कब्जेदार उन्हें घेरने का प्रयास करते हैं, लेकिन वह अपने संकल्प पर डटे हुए हैं।