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दूधिया के बेटे शिववीर सिंह ने बढ़ाया मान
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Mon, 30 Apr 2018 11:03 PM IST
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शिववीर सिंह को मिठाई खिलाते उसके परिजन।
- फोटो : amarujala
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औरैया। झोपड़ी में रहने वाले परिवार को पालने के लिए दूध डेयरी से दूध लेकर घर-घर बेचने वाले नरोत्तमपुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने बेटे को पढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। बेटे को अफसर बनाने की तमन्ना में जुटे पिता की मेहनत को बेटे ने भी जाया नहीं होने दिया। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में 87.2 फीसदी अंक हासिल कर बेटे पिता के दूध का कर्ज अदा करने का काम किया है। बेटे की ये सफलता पूरे गांव के लिए नजीर बन गया है। हर कोई अपने घर में इसकी चर्चा कर रहा है।
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नरोत्तमपुर गांव निवासी कोमल सिंह पाल के पुत्र शिववीर ने अपनी प्रतिभा के बल पर शहर की शिक्षण संस्था श्री गोपाल इंटर कॉलेज में स्कूल में प्रवेश पाया। कोमल सिंह के परिवार में मां, पत्नी व दो पुत्र हैं। कोमल दूध डेयरी से दूध खरीदकर घर-घर बेचकर वह दिन-रात एक करके बच्चों को पढ़ा लिखाकर इस काबिल बनाने में जुटे हैं कि बच्चे जिले व गांव का नाम रोशन कर सकें।
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कोमल सिंह के छोटे पुत्र शिववीर ने पिता के सपनों में पंख लगाने का काम यूपी बोर्ड की इंटरमीडियेट परीक्षा के रिजल्ट से किया। झोपड़ी में रहने वाले शिववीर ने 87.2 फीसदी अंक पाकर अपनी पहचान बनाई। शिववीर ने बताया कि जिस दिन रिजल्ट निकला उस दिन वह कानपुर में यूपीटीयू की परीक्षा देने गया था। परीक्षा देकर लौटा तो घर में उसे बधाई देने वालों की भीड़ थी।
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कोमल सिंह भी पुत्र की सफलता पर अपने को सफल पाकर खुश दिखे। शिववीर ने बताया कि वह आईएएस बनकर देश और जनता की सेवा करना चाहता है और गरीबों को उसका हक दिलाना चाहता है। पिता कोमल सिंह ने बताया कि पुत्र को इस काबिल बनाने के लिए वह भी पीछे नहीं हटेंगे। बताया कि जानवर न होने पर वह दूध डेयरी से दूध लेकर घर-घर देने जाते हैं। बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए वह और भी मेहनत करने को तैयार हैं लेकिन वह बच्चों को खेती व दूध बेचने का काम नहीं करने देंगे।