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बिना प्रमाण करदाता को संदेह की दृष्टि से न देखें
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औरैया। फेसलेस असेस्मेंट स्कीम 2019 प्रक्रिया को अमल में लाने के लिए मंगलवार की शाम आयकर विभाग के अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को फेसलेस असेस्मेंट स्कीम के बारे में जानकारी देने के साथ ही अधिकारियों को प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अजय दास मल्होत्रा ने दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब किसी प्रमाण के बिना किसी करदाता को संदेश की दृष्टि से नहीं देखा जाएगा।
जिले के व्यापारियों, आयकर अधिकारियों, अधिवक्ताओं, चार्टर अकाउंटेंट ने भी फेसलेस असेस्मेंट स्कीम 2019 के बारे में जानकारी दी। आयकर अधिकारी उर्वीधर ने बताया कि प्रधान मुख्य आयकर द्वारा बताया कि निर्धारण में पारदर्शिता इस व्यवस्था में प्रमुख उद्देश्य है। इस व्यवस्था के द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि निर्धारण के मामले में किसी निर्धारण अधिकारी से कोई भौतिक संपर्क न हो और क्षेत्राधिकार संवर्ती हो। करदाता संहिता के महत्व के बारे में बताया गया कि अब किसी प्रमाण के बिना किसी करदाता को संदेश की दृष्टि से नहीं देखा जाएगा और निर्धारित व्यक्ति से संवाद केवल इलेक्ट्रानिक माध्यम से किया जाएगा। यह एक क्रांतिकारी कदम है और करदाताओं से भी यह अपेक्षा की जाती है कि वह समय से कर का भुगतान करें।
उन्होंने बताया कि इस ऑनलाइन बैठक के दौरान जुड़े अधिवक्ताओं और व्यापारियों ने भी अपने सवाल किए। जिनके जबाव मिलने पर वह संतुष्ट दिखे और केंद्र सरकार की फेसलेस असेस्मेंट स्कीम 2019 को व्यापारियों और करदाताओं के हित में बताया।
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जिले के व्यापारियों, आयकर अधिकारियों, अधिवक्ताओं, चार्टर अकाउंटेंट ने भी फेसलेस असेस्मेंट स्कीम 2019 के बारे में जानकारी दी। आयकर अधिकारी उर्वीधर ने बताया कि प्रधान मुख्य आयकर द्वारा बताया कि निर्धारण में पारदर्शिता इस व्यवस्था में प्रमुख उद्देश्य है। इस व्यवस्था के द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि निर्धारण के मामले में किसी निर्धारण अधिकारी से कोई भौतिक संपर्क न हो और क्षेत्राधिकार संवर्ती हो। करदाता संहिता के महत्व के बारे में बताया गया कि अब किसी प्रमाण के बिना किसी करदाता को संदेश की दृष्टि से नहीं देखा जाएगा और निर्धारित व्यक्ति से संवाद केवल इलेक्ट्रानिक माध्यम से किया जाएगा। यह एक क्रांतिकारी कदम है और करदाताओं से भी यह अपेक्षा की जाती है कि वह समय से कर का भुगतान करें।
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उन्होंने बताया कि इस ऑनलाइन बैठक के दौरान जुड़े अधिवक्ताओं और व्यापारियों ने भी अपने सवाल किए। जिनके जबाव मिलने पर वह संतुष्ट दिखे और केंद्र सरकार की फेसलेस असेस्मेंट स्कीम 2019 को व्यापारियों और करदाताओं के हित में बताया।
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