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कानूनी ही नहीं सामाजिक-व्यावहारिक बराबरी भी जरूरी
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औरैया। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिले के सभी माध्यमिक व परिषदीय स्कूलों में महिला सशक्तीकरण पर कार्यक्रम हुए। इस दौरान छात्राओं व बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानून और हेल्पलाइन सेवा, जागरुकता, समाज में महिलाओं के प्रति भ्रांति व महिला सशक्तीकरण के बारे में जानकारी दी गई।
जिला पंचायत इंटर कालेज मुरादगंज में कालेज की प्रवक्ता व ओजस्वी फाउंडेशन की अध्यक्ष अपर्णा सिंह ने कहा कि छात्राओं के अंदर अपने अधिकारों के प्रति जागरुकता पैदा करना बहुत जरूरी है। आधुनिकता के बावजूद समाज में आज महिलाओं के प्रति कई दूषित मानसिकता और धारणाएं हैं। बहुत बातों में महिलाओं को कमजोर समझा जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। आज महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपने आपको बेहतर साबित किया है। हमको कानूनी ही नहीं बल्कि सामाजिक व व्यवहारिक रूप से बराबरी का दर्जा भी मिलना चाहिए, जो कि जागरुकता से ही संभव है।
प्रवक्ता आसिफ सिद्दीकी ने महिला सुरक्षा हेतु बने विभिन्न कानून व हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी। सहार के उच्च प्राथमिक विद्यालय कसहा में सहायक अध्यापिका नीलम वर्मा ने बच्चों के साथ अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस धूमधाम से मनाया गया। सहायक अध्यापक नीलम वर्मा ने बताया 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लिंग-आधारित चुनौतियों को समाप्त करता है। जिसका सामना दुनिया भर में लड़कियां करती हैं, जिसमें बाल विवाह, उनके प्रति भेदभाव और हिंसा शामिल हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरी गंगा प्रसाद में भी बालिकाओं को सशक्तीकरण की जानकारी दी गई। मीना मंच सुगमकर्ता रूबी, सहायक अध्यापक भूमिका, अपर्णा, शिप्रा व निधि आदि ने आत्मरक्षा की भी जानकारी दी।
उच्च प्राथमिक विद्यालय बिधूना में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदना राम इकबाल यादव की उपस्थिति में कार्यक्रम हुए। जिसमें उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि आज बेटियां किसी से कम नहीं है। इस दौरान सीओ मुकेश प्रताप सिंह विद्यालय को गोद लेने की बात कही। कार्यक्रम में मौजूद अंजू पांडेय ने बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में बताया। साथ ही आर्ट कॉपी, कलर पेंसिल बॉक्स, डायरी, बिस्किुट, फल आदि बांटे।
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जिला पंचायत इंटर कालेज मुरादगंज में कालेज की प्रवक्ता व ओजस्वी फाउंडेशन की अध्यक्ष अपर्णा सिंह ने कहा कि छात्राओं के अंदर अपने अधिकारों के प्रति जागरुकता पैदा करना बहुत जरूरी है। आधुनिकता के बावजूद समाज में आज महिलाओं के प्रति कई दूषित मानसिकता और धारणाएं हैं। बहुत बातों में महिलाओं को कमजोर समझा जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। आज महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपने आपको बेहतर साबित किया है। हमको कानूनी ही नहीं बल्कि सामाजिक व व्यवहारिक रूप से बराबरी का दर्जा भी मिलना चाहिए, जो कि जागरुकता से ही संभव है।
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प्रवक्ता आसिफ सिद्दीकी ने महिला सुरक्षा हेतु बने विभिन्न कानून व हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी। सहार के उच्च प्राथमिक विद्यालय कसहा में सहायक अध्यापिका नीलम वर्मा ने बच्चों के साथ अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस धूमधाम से मनाया गया। सहायक अध्यापक नीलम वर्मा ने बताया 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लिंग-आधारित चुनौतियों को समाप्त करता है। जिसका सामना दुनिया भर में लड़कियां करती हैं, जिसमें बाल विवाह, उनके प्रति भेदभाव और हिंसा शामिल हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरी गंगा प्रसाद में भी बालिकाओं को सशक्तीकरण की जानकारी दी गई। मीना मंच सुगमकर्ता रूबी, सहायक अध्यापक भूमिका, अपर्णा, शिप्रा व निधि आदि ने आत्मरक्षा की भी जानकारी दी।
उच्च प्राथमिक विद्यालय बिधूना में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदना राम इकबाल यादव की उपस्थिति में कार्यक्रम हुए। जिसमें उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि आज बेटियां किसी से कम नहीं है। इस दौरान सीओ मुकेश प्रताप सिंह विद्यालय को गोद लेने की बात कही। कार्यक्रम में मौजूद अंजू पांडेय ने बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में बताया। साथ ही आर्ट कॉपी, कलर पेंसिल बॉक्स, डायरी, बिस्किुट, फल आदि बांटे।