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Auraiya News: बंद मिले 15 स्कूलों के सभी स्टाफ का मई माह का वेतन रोका
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औरैया। स्कूलों में शिक्षण कार्य के मूल्यांकन से लेकर तमाम व्यवस्थाओं के लिए मई माह में बीएसए के नेतृत्व में बीईओ व जिला समन्वयकों ने निरीक्षण किए। शनिवार को मिली रिपोर्ट में बीएसए ने ताला बंद मिले 15 स्कूलों के प्रधानाध्यापक से लेकर समस्त स्टाफ का मई माह का वेतन रोक दिया है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की निगाहें स्कूलों के संचालन से लेकर पठन-पाठन पर टिकी हैं। प्रत्येक माह मिले लक्ष्य के आधार पर स्कूलों के औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। जिले में परिषदीय स्कूलों की सबसे ज्यादा बदहाली अछल्दा, भाग्यनगर व बिधूना से सामने आ रही हैं। शिक्षकों का मनमाना रवैया एक ओर जहां सरकारी व्यवस्था को चुनौती दे रहा है, वहीं नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।
आलम अंधेरी यहां तक देखी गई कि अधिकारियों के निरीक्षण में केवल मई माह चंद दिनों में 15 स्कूलों पर ताले लगे मिले। ब्लाॅक स्तर से बीएसए को शनिवार को रिपोर्ट भेजी गई। 15 स्कूलों के बंद मिली रिपोर्ट को देख बीएसए अनिल कुमार का पारा चढ़ गया। इसके बाद इन 15 स्कूलों में तैनात 30 से ज्यादा शिक्षकों का मई माह का वेतन रोक दिया गया। वहीं एक-एक शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक को जारी हुए नोटिस के जवाबों की समीक्षा शुरू की। इस निराशाजनक स्थिति को देखते हुए विभागीय अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों में खलबली मची है।
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वर्जन
‘चार से पांच कार्यदिवसों में ब्लाॅक स्तर पर परिषदीय स्कूलों के औचक निरीक्षण किए गए थे। इसमें 15 स्कूल बंद मिले थे। इसकी रिपोर्ट मिली है। इन सभी 15 स्कूलों के समस्त स्टाफ का मई माह का वेतन रोका गया है। किसी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। शासन की मंशा व पेशे के विपरीत नजर आने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की निगाहें स्कूलों के संचालन से लेकर पठन-पाठन पर टिकी हैं। प्रत्येक माह मिले लक्ष्य के आधार पर स्कूलों के औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। जिले में परिषदीय स्कूलों की सबसे ज्यादा बदहाली अछल्दा, भाग्यनगर व बिधूना से सामने आ रही हैं। शिक्षकों का मनमाना रवैया एक ओर जहां सरकारी व्यवस्था को चुनौती दे रहा है, वहीं नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।
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आलम अंधेरी यहां तक देखी गई कि अधिकारियों के निरीक्षण में केवल मई माह चंद दिनों में 15 स्कूलों पर ताले लगे मिले। ब्लाॅक स्तर से बीएसए को शनिवार को रिपोर्ट भेजी गई। 15 स्कूलों के बंद मिली रिपोर्ट को देख बीएसए अनिल कुमार का पारा चढ़ गया। इसके बाद इन 15 स्कूलों में तैनात 30 से ज्यादा शिक्षकों का मई माह का वेतन रोक दिया गया। वहीं एक-एक शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक को जारी हुए नोटिस के जवाबों की समीक्षा शुरू की। इस निराशाजनक स्थिति को देखते हुए विभागीय अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों में खलबली मची है।
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‘चार से पांच कार्यदिवसों में ब्लाॅक स्तर पर परिषदीय स्कूलों के औचक निरीक्षण किए गए थे। इसमें 15 स्कूल बंद मिले थे। इसकी रिपोर्ट मिली है। इन सभी 15 स्कूलों के समस्त स्टाफ का मई माह का वेतन रोका गया है। किसी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। शासन की मंशा व पेशे के विपरीत नजर आने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी