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Auraiya News: उथली बोरिंग के मामले में निशाने पर कई फर्में
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। लघु सिंचाई विभाग से वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराई गई बोरिंग की जांच के लिए 15 अधिकारी अगस्त माह में नामित किए गए थे। अभी तक जांच प्रक्रिया शुरू न होने पर सीडीआे ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी अधिकारियाें को दोबारा पत्र लिखा है। जिसमें पांच ब्लॉकों में हुई बोरिंग व आपूर्ति करने वाले फर्मों की कई बिंदुआें पर बारीकी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। हीलाहवाली पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत जिले में कई जगह उथली बोरिंग कराई गई थी। प्रदेश के कई जिलो में योजना के तहत गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद अब शासन से सभी जिलो में जांच कराकर हकीकत जांचने के निर्देश दिए हैं। इधर जिले में हुई बोरिंग में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थी। जिसमें जिला प्रशासन को यह तक जानकारी दी गई कि कुछ स्थानों पर बोरिंग नहीं हुई है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद होने की बात अधिकारी कह रहे हैं। जांच शुरू होने को लेकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है। वहीं कुछ जांच अधिकारियों ने दबी जुबान में बताया कि जिन अधिकारियों के कार्यकाल में बोरिंग हुई उनमें से कुछ स्थानांतरित हो गए हैं। इस वजह से कई अभिलेख नहीं मिल पा रहे हैं।
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इन ब्लॉकों में बड़े स्तर पर हुई बोरिंग
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले के ऐरवाकटरा, सहार, बिधूना, अछल्दा, भाग्यनगर ब्लॉक में योजना के तहत बोरिंग कर नलकूप लगाए गए हैं। इन स्थानों पर कितनी गहराई में बोरिंग हुई। किन किसानों को योजना का लाभ दिया गया। किस फर्म से पाइप व अन्य सामग्री की आपूर्ति कर भुगतान किया गया इन सभी बिंदुआें को जांच में शामिल किया गया है।
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यह अधिकारी जांच टीम में शामिल
जांच के लिए प्रत्येक ब्लॉक में तीन तीन अधिकारियों की टीम गठित की गई है। यह टीम गांवों में जाकर लघु एवं सीमांत किसान जिनको योजना के तहत लाभांवित किया गया है। उनकी जांच करेंगे। जांच के लिए सहार ब्लॉक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आैरैया, सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी आईएसबी, ऐरवाकटरा में जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी आईएसबी, बिधूना ब्लॉक में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के साथ सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी आईएसबी,को लगाया गया है। वहीं ब्लॉक अछल्दा में भूमि संरक्षण अधिकारी इकाई दिबियापुर, सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी आईएसबी, भाग्यनगर में जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी पीवीडी को लगाया गया है।
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बोले जिम्मेदार...
उथली बोरिंग की जांच के लिए पांचों ब्लॉक में तीन-तीन अधिकारियों की 15 सदस्यीय टीम गठित की गई है। अभी तक किसी से जांच आख्या नहीं मिली। इस पर दोबारा पत्र जारी कर जल्द जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं पर गड़बड़ी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार सिंह, सीडीआे
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औरैया। लघु सिंचाई विभाग से वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराई गई बोरिंग की जांच के लिए 15 अधिकारी अगस्त माह में नामित किए गए थे। अभी तक जांच प्रक्रिया शुरू न होने पर सीडीआे ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी अधिकारियाें को दोबारा पत्र लिखा है। जिसमें पांच ब्लॉकों में हुई बोरिंग व आपूर्ति करने वाले फर्मों की कई बिंदुआें पर बारीकी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। हीलाहवाली पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत जिले में कई जगह उथली बोरिंग कराई गई थी। प्रदेश के कई जिलो में योजना के तहत गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद अब शासन से सभी जिलो में जांच कराकर हकीकत जांचने के निर्देश दिए हैं। इधर जिले में हुई बोरिंग में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थी। जिसमें जिला प्रशासन को यह तक जानकारी दी गई कि कुछ स्थानों पर बोरिंग नहीं हुई है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद होने की बात अधिकारी कह रहे हैं। जांच शुरू होने को लेकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है। वहीं कुछ जांच अधिकारियों ने दबी जुबान में बताया कि जिन अधिकारियों के कार्यकाल में बोरिंग हुई उनमें से कुछ स्थानांतरित हो गए हैं। इस वजह से कई अभिलेख नहीं मिल पा रहे हैं।
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इन ब्लॉकों में बड़े स्तर पर हुई बोरिंग
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले के ऐरवाकटरा, सहार, बिधूना, अछल्दा, भाग्यनगर ब्लॉक में योजना के तहत बोरिंग कर नलकूप लगाए गए हैं। इन स्थानों पर कितनी गहराई में बोरिंग हुई। किन किसानों को योजना का लाभ दिया गया। किस फर्म से पाइप व अन्य सामग्री की आपूर्ति कर भुगतान किया गया इन सभी बिंदुआें को जांच में शामिल किया गया है।
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यह अधिकारी जांच टीम में शामिल
जांच के लिए प्रत्येक ब्लॉक में तीन तीन अधिकारियों की टीम गठित की गई है। यह टीम गांवों में जाकर लघु एवं सीमांत किसान जिनको योजना के तहत लाभांवित किया गया है। उनकी जांच करेंगे। जांच के लिए सहार ब्लॉक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आैरैया, सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी आईएसबी, ऐरवाकटरा में जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी आईएसबी, बिधूना ब्लॉक में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के साथ सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी आईएसबी,को लगाया गया है। वहीं ब्लॉक अछल्दा में भूमि संरक्षण अधिकारी इकाई दिबियापुर, सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी आईएसबी, भाग्यनगर में जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी पीवीडी को लगाया गया है।
बोले जिम्मेदार...
उथली बोरिंग की जांच के लिए पांचों ब्लॉक में तीन-तीन अधिकारियों की 15 सदस्यीय टीम गठित की गई है। अभी तक किसी से जांच आख्या नहीं मिली। इस पर दोबारा पत्र जारी कर जल्द जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं पर गड़बड़ी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार सिंह, सीडीआे