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पंचायत सचिवालयों में ताले, ग्रामीण परेशान

Thu, 07 Jul 2022 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2022 11:30 PM IST
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Locks in Panchayat Secretariats, villagers upset
पुरवापीताराम में प्रधान के घर पर काम करतीं पंचायत सहायक। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। गांव की सरकार चलाने में जिले के अफसरों से लेकर प्रधानों तक की मनमानी जारी है। लाखों की लागत से बने पंचायत सचिवालयों में ताला लटक रहा है। संचालन को लेकर कई तरह का रोड़ा है। कहीं पर पंचायत भवन अधूरे हैं तो कुछ में काम मानक विहीन हुआ।
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कई तो ऐसे पुराने भवन हैं जिन्हें कागजों में तो ठीक दिखाया गया, पर वह जर्जर हो चुके हैं। इतना ही नहीं कुछ ग्राम पंचायत अधिकारियों ने आज तक कंप्यूटर व अन्य संसाधन भी मुहैया नहीं कराए। कोई डोंगल काम न करने तो कोई बजट न होने जैसी समस्याओं का दुखड़ा रो रहा है। इसे लेकर शिकायतें करने पर आला अधिकारी भी तरह-तरह के दबाव बना रहे हैं।
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यही कारण है कि गांव की सरकार चलाने का सपना पूरी तरह साकार नहीं हो सका है और आज भी लोग ब्लाक व तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि पंचायत सचिवालयों के संचालन में जो दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें जल्द दूर कराया जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि जहां पंचायत सहायक तैनात हैं और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। फिर भी पंचायत सचिवालयों से काम क्यों नहीं हो रहा है, यदि लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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समस्या-01- ऐरवाकटरा ब्लाक के रमपुरा ग्राम प्रधान नीलम देवी बताती हैं कि पंचायत भवन तैयार है। पंचायत में बजट ही नहीं है। इस वजह से कंप्यूटर, कुर्सी मेज की खरीद नहीं हो सकी। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लग सके। बजट के लिए मांग की गई है। जो लोग आते हैं, उन्हें तहसील व ब्लाक भेज देती हैं।
समस्या-02- बिधूना ब्लाक की ग्राम पंचायत बिमटामऊ में पंचायत भवन अधूरा है। ग्राम प्रधान हाकिम सिंह बताते हैं कि सहायक की तैनाती है और कंप्यूटर भी खरीद लिया है। निर्माण पूरा न होने पर सहायक भी नहीं आ रहे है। कंप्यूटर व संसाधन घर पर रख दिए हैं। जब निर्माण पूरा होगा और पंचायत सहायक आने लगेंगे तो सेवाएं दी जाएगी।
समस्या-03- बिधूना ब्लाक के पुरवापीताराम का पंचायत भवन तालाब के पास बना है। यहां पर गंदगी और जलभराव के कारण प्रधान अलका गुप्ता ने घर पर ही कंप्यूटर रख लिया है। तैनात की गई पंचायत सहायक साक्षी यादव भी प्रधान के घर पर जाकर काम करती हैं।
समस्या-04- ग्राम पंचायत पुसौली का पंचायत भवन जर्जर है। ग्राम प्रधान अमित कुमार बताते हैं कि इसके बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को लिखा गया, पर सुनवाई नहीं हुई। जबकि ब्लाक अधिकारी व जेई ने भवन जर्जर घोषित कर दिया है। मजबूरन घर के बाहर झोपड़ी में कंप्यूटर रख लिया है। यहीं से काम कर रहे हैं।

पंचायत सचिवालय की स्थिति
जिले की ग्राम पंचायतें-477
पुराने पंचायत भवन-250
नए बने भवन- 201
निर्माण नहीं हुआ-19( पंचायतों में जगह नहीं)
पंचायत सहायक-400
संचालित-359

 पुसौली में एक झोपड़ी में रखा कंप्यूटर दिखाते प्रधान अमित कुमार। संवाद

पुसौली में एक झोपड़ी में रखा कंप्यूटर दिखाते प्रधान अमित कुमार। संवाद- फोटो : AURAIYA

बिमटामऊ में प्रधान के घर पर रखा कंप्यूटर। संवाद

बिमटामऊ में प्रधान के घर पर रखा कंप्यूटर। संवाद- फोटो : AURAIYA

कुकरकाट का बंद पड़ा पंचायत सचिवालय। संवाद

कुकरकाट का बंद पड़ा पंचायत सचिवालय। संवाद- फोटो : AURAIYA

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