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लाइट जला कर निकले वाहन, दो मीटर रही दृश्यता
अमर उजाला ब्यूरो/औरैया
Updated Mon, 25 Dec 2017 11:39 PM IST
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कोहरे में लाइट जलाकर गुजरते वाहन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सोमवार की सुबह कोहरे की चादर तन गई। दृश्यता दो मीटर रही। कोहरे के कारण वाहन लाइटें जलाकर ही चले। दस बजे के बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए तब लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि तीन दिन कोहरा और रहेगा। 28 से बादल छा सकते हैं।
सोमवार की सुबह कोहरे के साथ सर्द हवाएं चलने से पूस की सर्दी का एहसास हुआ। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि कोहरा अभी तीन दिन तक रहेगा। लगातार कोहरे के कारण 28 से बदली रह सकती है जिसके चलते कुछ जगह बूंदाबांदी भी हो सकती है। 29 से तापमान में भी बढ़ोतरी के संकेत हैं। सोमवार को तापमान न्यूनतम 6.8 डिग्री व अधिकतम 19 डिग्री दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान अभी भी 19 डिग्री से कम नहीं
कोहरा व सर्द हवाओं के कारण सर्दी बढ़ी है। मगर अधिकतम तापमान अभी भी 19 डिग्री से कम नहीं हो रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान 18 से कम होगा तभी अच्छी फसल हो सकती है। ऐसे में फसल के जल्दी पकने का डर है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से खेती में नमी बनाए रखने की बात कही है।
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आलू और सरसों के किसान रहे सचेत
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर कोहरा तीन से चार दिन लगातार रहेगा तो आलू में झुलसा और सरसोें व सब्जियों में माहू लग सकती है। इसलिए किसान सचेत रहे और कीटनाशक व फफूंदनाशक का प्रयोग करते रहे।
लगातार कोहरा पड़ने से फसलें होंगी प्रभावित
यदि कई दिनों तक कोहरा पड़ता रहे तो फसलों व मित्र कीटों पर बुरा प्रभाव पड़ने लगा है। कोहरा से हवा में ज्यादा नमी तथा धूप न निकलने से सरसों आदि फसलों में चेंपा कीट व सफेद रतुआ रोग, मटर में सफेद चूर्णी व आलू में झुलसा रोग की आशंका हो जाती है। मधुमक्खी आदि कीटों के फसलों पर न पहुंचने से परागित सरसों, मटर, सेंगरी आदि फसलों में फलियां कम बनती हैं। पौधे की भोजन निर्माण की प्रकाश संश्लेषण क्रिया बाधित होने लगती है। फसल कमजोर, हलका पीलापन तथा कीट बढ़ने से उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। बड़े वृक्ष नीम आदि भी समय से पहले अपनी पत्तियां गिरा देते हैं।
रोगग्रसित हो रहे पशु
ठंड की मार से आम जन, पशु पक्षी सब बेहाल हैं। ठंड से अनेक पशु बीमार हैं। घरों पर जहां लोग पशुओं को बचाने के लिए आग जला रहे हैं, वहीं गाय, भैंस, बकरी को कपड़ा पहना रहे हैं। अनेक स्थानों पर कुत्ते व बकरी को स्वेटर पहना दिया गया। पशु चिकित्सालय के साथ सेवा केंद्रों पर पशुओं को लेकर पशुपालक पहुंच रहे हैं।
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सोमवार की सुबह कोहरे के साथ सर्द हवाएं चलने से पूस की सर्दी का एहसास हुआ। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि कोहरा अभी तीन दिन तक रहेगा। लगातार कोहरे के कारण 28 से बदली रह सकती है जिसके चलते कुछ जगह बूंदाबांदी भी हो सकती है। 29 से तापमान में भी बढ़ोतरी के संकेत हैं। सोमवार को तापमान न्यूनतम 6.8 डिग्री व अधिकतम 19 डिग्री दर्ज किया गया।
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अधिकतम तापमान अभी भी 19 डिग्री से कम नहीं
कोहरा व सर्द हवाओं के कारण सर्दी बढ़ी है। मगर अधिकतम तापमान अभी भी 19 डिग्री से कम नहीं हो रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान 18 से कम होगा तभी अच्छी फसल हो सकती है। ऐसे में फसल के जल्दी पकने का डर है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से खेती में नमी बनाए रखने की बात कही है।
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आलू और सरसों के किसान रहे सचेत
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर कोहरा तीन से चार दिन लगातार रहेगा तो आलू में झुलसा और सरसोें व सब्जियों में माहू लग सकती है। इसलिए किसान सचेत रहे और कीटनाशक व फफूंदनाशक का प्रयोग करते रहे।
लगातार कोहरा पड़ने से फसलें होंगी प्रभावित
यदि कई दिनों तक कोहरा पड़ता रहे तो फसलों व मित्र कीटों पर बुरा प्रभाव पड़ने लगा है। कोहरा से हवा में ज्यादा नमी तथा धूप न निकलने से सरसों आदि फसलों में चेंपा कीट व सफेद रतुआ रोग, मटर में सफेद चूर्णी व आलू में झुलसा रोग की आशंका हो जाती है। मधुमक्खी आदि कीटों के फसलों पर न पहुंचने से परागित सरसों, मटर, सेंगरी आदि फसलों में फलियां कम बनती हैं। पौधे की भोजन निर्माण की प्रकाश संश्लेषण क्रिया बाधित होने लगती है। फसल कमजोर, हलका पीलापन तथा कीट बढ़ने से उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। बड़े वृक्ष नीम आदि भी समय से पहले अपनी पत्तियां गिरा देते हैं।
रोगग्रसित हो रहे पशु
ठंड की मार से आम जन, पशु पक्षी सब बेहाल हैं। ठंड से अनेक पशु बीमार हैं। घरों पर जहां लोग पशुओं को बचाने के लिए आग जला रहे हैं, वहीं गाय, भैंस, बकरी को कपड़ा पहना रहे हैं। अनेक स्थानों पर कुत्ते व बकरी को स्वेटर पहना दिया गया। पशु चिकित्सालय के साथ सेवा केंद्रों पर पशुओं को लेकर पशुपालक पहुंच रहे हैं।