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Auraiya News: हत्या का षडयंत्र रचने के दोषी को आजीवन कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विकास गोस्वामी ने सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा में 12 साल पहले रंजिश में गोली मारकर हत्या करने के दोषी अमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इस दौरान कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। हत्या का मुख्य आरोपी दोषी का नाबालिग भई रोहित उर्फ छोटू पर बाल अपचारी घोषित होने पर अलग मुकदमा तय होगा।
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि वादी मुकदमा इसराल उर्फ छुन्ना ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 फरवरी 2012 की दोपहर एक बजे उसके भाई निजाम उर्फ दद्दा व उसके पड़ाेसी अमित निषाद के बीच कहासुनी हुई थी। खबर सुनकर उसके भाई की पत्नी नीलू मौके पर पहुंची और उसके भाई को वापस घर ले आई।
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इसकी रंजिश मानकर अमित का छोटा भाई रोहित उर्फ छोटू शाम को आठ बजे उसके घर पर आया व उसके भाई निजाम को बुलाकर एक निमंत्रण में गेस्ट हाउस ले गया। जब रात एक बजे तक उसका भाई निजाम घर नहीं लौटा तो नीलू उसे खोजने घर से गेस्ट हाउस गई।
आरोप है कि छोटू की दुकान के पास निजाम उर्फ दद्दा की छोटू ने पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। उसकी हत्या अमित के कहने पर साजिश के तहत की गई। दोनों भाइयों के विरूद्ध हत्या का मुकदमा सदर कोतवाली में पंजीकृत हुआ। रोहित उर्फ छोटू निवासी पढ़ीन दरवाजा पानी की टंकी के पास को बाल अपचारी घोषित किया गया।
अमित के विरूद्ध मामला अपर सत्र न्यायालय प्रथम में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने कहा कि नाबालिग भाई छाेटू के साथ एक षडयंत्र रचा गया व निजाम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एडीजे प्रथम विकास गोस्वामी ने दोषी अमित निवासी पढ़ीन दरवाजा को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दाेषी अमित को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विकास गोस्वामी ने सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा में 12 साल पहले रंजिश में गोली मारकर हत्या करने के दोषी अमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इस दौरान कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। हत्या का मुख्य आरोपी दोषी का नाबालिग भई रोहित उर्फ छोटू पर बाल अपचारी घोषित होने पर अलग मुकदमा तय होगा।
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अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि वादी मुकदमा इसराल उर्फ छुन्ना ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 फरवरी 2012 की दोपहर एक बजे उसके भाई निजाम उर्फ दद्दा व उसके पड़ाेसी अमित निषाद के बीच कहासुनी हुई थी। खबर सुनकर उसके भाई की पत्नी नीलू मौके पर पहुंची और उसके भाई को वापस घर ले आई।
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इसकी रंजिश मानकर अमित का छोटा भाई रोहित उर्फ छोटू शाम को आठ बजे उसके घर पर आया व उसके भाई निजाम को बुलाकर एक निमंत्रण में गेस्ट हाउस ले गया। जब रात एक बजे तक उसका भाई निजाम घर नहीं लौटा तो नीलू उसे खोजने घर से गेस्ट हाउस गई।
आरोप है कि छोटू की दुकान के पास निजाम उर्फ दद्दा की छोटू ने पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। उसकी हत्या अमित के कहने पर साजिश के तहत की गई। दोनों भाइयों के विरूद्ध हत्या का मुकदमा सदर कोतवाली में पंजीकृत हुआ। रोहित उर्फ छोटू निवासी पढ़ीन दरवाजा पानी की टंकी के पास को बाल अपचारी घोषित किया गया।
अमित के विरूद्ध मामला अपर सत्र न्यायालय प्रथम में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने कहा कि नाबालिग भाई छाेटू के साथ एक षडयंत्र रचा गया व निजाम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एडीजे प्रथम विकास गोस्वामी ने दोषी अमित निवासी पढ़ीन दरवाजा को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दाेषी अमित को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।