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Auraiya News: साइबर अपराध से बचने के तरीके जानें, जागरूक बनें
Wed, 03 Dec 2025 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 03 Dec 2025 11:55 PM IST
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फोटो-28-अजीतमल में आयोजित साइबर जागरूकता गोष्ठी में उपस्थित लोग। संवाद
अजीतमल। कस्बे के एक मैरिज होम में बुधवार को साइबर जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम स्वदेशी उद्योग व्यापार मंडल के सहयोग से हुआ, इसमें साइबर अपराध के बदले तरीकों व उनसे बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। लोगों से कहा गया कि जागरूक बनें।
कोतवाली प्रभारी ललितेश त्रिपाठी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनके तरीके भी लगातार बदलते जा रहे हैं। किसी भी कॉल, लिंक या मैसेज पर बिना पुष्टि के भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि संदेहास्पद गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
साइबर क्राइम जिला प्रभारी अनुराग मिश्रा ने डिजिटल सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग स्कैम, फिशिंग ई-मेल, सोशल मीडिया हैकिंग और नकली एप के खतरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मजबूत पासवर्ड, ऑथेंटिकेशन और मोबाइल सुरक्षा अपडेट साइबर हमलों से बचने के प्रभावी उपाय हैं। साथ ही साइबर शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन 1930 और ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग का तरीका भी समझाया।
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कार्यक्रम में उप निरीक्षक ओम शरण यादव, कांस्टेबल महेश गुप्ता, विकास यादव, जिलाध्यक्ष स्वदेशी उद्योग व्यापार मंडल रवि सोनी, महिला प्रकोष्ठ सपना पोरवाल, बजरंग दल संयोजक दीपक वर्मा आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम स्वदेशी उद्योग व्यापार मंडल के सहयोग से हुआ, इसमें साइबर अपराध के बदले तरीकों व उनसे बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। लोगों से कहा गया कि जागरूक बनें।
कोतवाली प्रभारी ललितेश त्रिपाठी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनके तरीके भी लगातार बदलते जा रहे हैं। किसी भी कॉल, लिंक या मैसेज पर बिना पुष्टि के भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि संदेहास्पद गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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साइबर क्राइम जिला प्रभारी अनुराग मिश्रा ने डिजिटल सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग स्कैम, फिशिंग ई-मेल, सोशल मीडिया हैकिंग और नकली एप के खतरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मजबूत पासवर्ड, ऑथेंटिकेशन और मोबाइल सुरक्षा अपडेट साइबर हमलों से बचने के प्रभावी उपाय हैं। साथ ही साइबर शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन 1930 और ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग का तरीका भी समझाया।
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कार्यक्रम में उप निरीक्षक ओम शरण यादव, कांस्टेबल महेश गुप्ता, विकास यादव, जिलाध्यक्ष स्वदेशी उद्योग व्यापार मंडल रवि सोनी, महिला प्रकोष्ठ सपना पोरवाल, बजरंग दल संयोजक दीपक वर्मा आदि मौजूद रहे।