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सबसे बड़ा धर्म है मानवता- संजय
ब्यूरो अमर उजाला, औरैया
Updated Sat, 26 Dec 2015 11:57 PM IST
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जीवन में मानव से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। मानव की सेवा करने से जो सुख मिलता है, वह सच्चा सुख है। मानवता की अवहेलना करने वाला किसी का हितैषी नहीं हो सकता है। यह बात बिधूना के बरधायी बाजार में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दौरान आचार्य संजय ने कही।
पुरानी बरधायी बाजार में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ श्रीमद भागवत एवं श्रीराम कथा का साप्ताहिक भव्य आयोजन चल रहा है। भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए भागवत व्यास संजय द्विवेदी ने कहा कि संसार में माता- पिता की सेवा ही सच्चा धर्म है। हमें सभी धर्मो का समान भाव से आदर करना चाहिए। कोई भी धर्म हमें गलत कार्य करना नहीं सिखाता है।
भगवान श्रीकृष्ण ने हमेशा सत्य का साथ देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि क्रोध मनुष्य को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है। हमारा जीवन सार्थक तभी होगा, जब हम गरीबों की मदद, परोपकार करेंगे। कथा श्रवण के दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
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पुरानी बरधायी बाजार में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ श्रीमद भागवत एवं श्रीराम कथा का साप्ताहिक भव्य आयोजन चल रहा है। भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए भागवत व्यास संजय द्विवेदी ने कहा कि संसार में माता- पिता की सेवा ही सच्चा धर्म है। हमें सभी धर्मो का समान भाव से आदर करना चाहिए। कोई भी धर्म हमें गलत कार्य करना नहीं सिखाता है।
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भगवान श्रीकृष्ण ने हमेशा सत्य का साथ देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि क्रोध मनुष्य को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है। हमारा जीवन सार्थक तभी होगा, जब हम गरीबों की मदद, परोपकार करेंगे। कथा श्रवण के दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
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