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औरैयाः तीन वर्ष बाद मिला जमीन पर कब्जा
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महिला को कब्जा दिलाने पहुंचे तहसीलकर्मी
- फोटो : AURAIYA
औरैया। कस्बा स्थित फिरोजनगर मोहल्ला की एक महिला तीन साल से अपनी ही जमीन पर कब्जा पाने के लिए भटक रही थी। तहसील प्रशासन को कई बार अर्जी देने के बाद शुक्रवार को उसे जमीन पर कब्जा मिल गया। तहसीलदार के आदेश पर कर्मचारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर से फसल जुतवाकर उसे जमीन पर कब्जा दिलाया।
18 मई 2017 को तहसीलदार अजीतमल के आदेश पर शकील अहमद की मौत के बाद खतौनी में ग्राम सराय बाबरपुर स्थित उसकी जमीन बेटे लईक खान, सादाब खान एवं नाबालिग आरिफ खान तथा बेटी जीनत आरसी व नाबालिग गुलशन के नाम दर्ज हुई थी।
नाबालिगों का संरक्षक उनकी मां अफरोज को बनाया गया। विधवा अफरोज जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। अफरोज जमीन पर कब्जा पाने के लिए तहसील के चक्कर लगा रही थी, लेकिन उसकी कोई नहीं सुन रहा था। इसकी लिखित शिकायत उसने थाने से तहसील तक की।
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तहसील परिसर में धरना दिया। इसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार संध्या शर्मा ने बताया कि विवादित जमीन की जांच की गई। विपक्षियों से कागजात दिखाने को कहा गया। वह नहीं दिखा सके। इसके चलते अफरोज को लेखपाल एवं पुलिस को भेजकर उसकी जमीन का कब्जा दिलाया गया है।
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18 मई 2017 को तहसीलदार अजीतमल के आदेश पर शकील अहमद की मौत के बाद खतौनी में ग्राम सराय बाबरपुर स्थित उसकी जमीन बेटे लईक खान, सादाब खान एवं नाबालिग आरिफ खान तथा बेटी जीनत आरसी व नाबालिग गुलशन के नाम दर्ज हुई थी।
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नाबालिगों का संरक्षक उनकी मां अफरोज को बनाया गया। विधवा अफरोज जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। अफरोज जमीन पर कब्जा पाने के लिए तहसील के चक्कर लगा रही थी, लेकिन उसकी कोई नहीं सुन रहा था। इसकी लिखित शिकायत उसने थाने से तहसील तक की।
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तहसील परिसर में धरना दिया। इसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार संध्या शर्मा ने बताया कि विवादित जमीन की जांच की गई। विपक्षियों से कागजात दिखाने को कहा गया। वह नहीं दिखा सके। इसके चलते अफरोज को लेखपाल एवं पुलिस को भेजकर उसकी जमीन का कब्जा दिलाया गया है।